‘गर्लफ्रेंड बनाना गलत नहीं, शादी का वादा किया है तो निभाएं' : राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बोलीं- पहले आत्मनिर्भर बनें, फिर परिवार की जिम्मेदारी उठाएं
News Affair Team
Thu, Oct 22, 2026
लखनऊ.
गर्लफ्रेंड बनाने में बुराई नहीं है, लेकिन शादी का वादा किया है तो उसे निभाना भी जरूरी है। 13-14 साल की उम्र में किसी लड़की को मां बनाकर छोड़ देना गलत है। युवाओं को पहले अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए, ताकि वे परिवार की जिम्मेदारी उठा सकें।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गुरुवार को लखनऊ में महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सातवें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने युवाओं को रिश्तों में जिम्मेदारी निभाने, गलत गतिविधियों से दूर रहने और तकनीक का इस्तेमाल समाज व देश के विकास के लिए करने की नसीहत दी। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भी मौजूद रहे। इस दौरान 2,279 विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए।

‘लव मैरिज के खिलाफ नहीं, लेकिन पहले आत्मनिर्भर बनें’
राज्यपाल ने कहा कि प्रेम संबंध बनाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन रिश्तों के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है। युवाओं को शादी का फैसला तभी करना चाहिए, जब वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो जाएं और परिवार की जिम्मेदारी उठाने में सक्षम हों।
आनंदी बेन पटेल इससे पहले भी उच्च शिक्षा संस्थानों के कार्यक्रमों में युवाओं को प्रेम संबंधों और कम उम्र में गर्भधारण के मुद्दे पर अपनी बात कह चुकी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे ऐसे कामों से दूर रहें, जिनका खामियाजा किसी दूसरे व्यक्ति या परिवार को भुगतना पड़े।
गलत कामों में शामिल न हों, दूसरों को भी रोकें
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से धोखाधड़ी और अनैतिक गतिविधियों में शामिल नहीं होने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में अच्छे लोगों की संख्या बढ़ाने और गलत गतिविधियों को रोकने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए।
तालाब का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि उसमें लगातार गंदगी डाली जाएगी तो पानी दूषित हो जाएगा। वहीं, उसे साफ रखने की कोशिश की जाए तो पानी स्वच्छ बना रह सकता है। इसी तरह समाज में अच्छे विचारों और सही ज्ञान को बढ़ावा देना जरूरी है।
‘AI और डेटा का इस्तेमाल कर नए अवसर तलाशें’
आनंदी बेन पटेल ने युवाओं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा का इस्तेमाल कर नए अवसर तलाशने की अपील की। उन्होंने कहा कि तकनीक के जरिए कई काम आसान किए जा सकते हैं। युवाओं को इन संसाधनों का उपयोग देश को आत्मनिर्भर बनाने में करना चाहिए।
उन्होंने शोध और अकादमिक कार्यों में ईमानदारी पर भी जोर दिया। किसी दूसरे की रिसर्च को अपने नाम से प्रस्तुत करना, फोटो में गलत तरीके से बदलाव करना या किसी और के काम को अपना बताना अनुचित है। विद्यार्थियों को मौलिक काम और सही शोध पद्धति अपनानी चाहिए।
गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा और कौशल से जोड़ें
राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं के ज्ञान और मेहनत का सही इस्तेमाल जरूरी है। गरीब परिवारों के बच्चों को केवल आर्थिक मदद देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के अवसर भी मिलने चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा सकें और रोजगार या स्वरोजगार शुरू कर सकें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं में आगे बढ़ने का भरोसा जगाया है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देकर बताई तकनीकी क्षमता
आनंदी बेन पटेल ने सेना को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने और देश की सुरक्षा से जुड़े प्रयासों का जिक्र करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण दिया। उन्होंने मध्य प्रदेश में शिक्षा मंत्री रहते हुए बनाई गई एक यूनिवर्सिटी का उल्लेख किया और बताया कि वहां के विद्यार्थियों ने डेटा जुटाने, उसका विश्लेषण करने और संबंधित लोगों तक जानकारी पहुंचाने में अपनी कुशलता दिखाई थी।
योगेंद्र बोले- शिक्षा से आचरण और व्यक्तित्व बेहतर बनना चाहिए
समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि व्यक्ति के आचरण और व्यक्तित्व को बेहतर बनाना भी है। संस्कार व्यक्ति के व्यवहार को दिशा देते हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और असहमति जताने का अधिकार है, लेकिन इस स्वतंत्रता का इस्तेमाल मर्यादा के साथ होना चाहिए। संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के प्रति अमर्यादित भाषा और महापुरुषों के अपमानजनक उल्लेख पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के लिए जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों के प्रति सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
दीक्षांत समारोह के दौरान यूनिवर्सिटी परिसर में मिनी एक्सपो भी लगाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, नैतिक आचरण और तकनीकी कौशल के महत्व का संदेश दिया गया।
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