गंगा के ऊपर तिरंगा, राफेल-सुखोई की गर्जना : वाराणसी में 100 विमानों का एयर शो; 1947 और 1971 की जंग का विंटेज विमान ‘सारनाथ’ भी दिखा
News Affair Team
Thu, Oct 22, 2026
वाराणसी.
गंगा के ऊपर आसमान में तिरंगा बना, राफेल और सुखोई की गर्जना गूंजी और चिनूक हेलिकॉप्टर ने नदी के पानी को छूकर उड़ान भरी। गुरुवार को नमो घाट पर भारतीय वायुसेना के ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो के पहले दिन हवाई करतबों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने आसमान में दिल की आकृति बनाई, जबकि तीन हेलिकॉप्टरों से गंगा पर फूल बरसाए गए। घाटों पर मौजूद लोगों ने तालियों और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ वायुसेना के प्रदर्शन का स्वागत किया।
भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना वर्ष के अवसर पर आयोजित इस एयर शो में कुल 100 विमान शामिल हुए। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान और 32 हेलिकॉप्टरों के साथ विंटेज विमान भी प्रदर्शित किए गए। ये विमान देशभर के 12 एयरपोर्ट से उड़ान भरकर पहुंचे।


सारंग ने बनाया तिरंगा, चिनूक ने गंगा के पानी को छुआ
सुबह करीब 11:50 बजे सारंग हेलिकॉप्टर टीम ने नमो घाट के ऊपर उड़ान भरते हुए आसमान में तिरंगे की आकृति बनाई। इसके बाद हेलिकॉप्टरों ने दिल के आकार की संरचना बनाकर दर्शकों का ध्यान खींचा। फूलों की बारिश के दौरान ‘मां तुझे सलाम’ गीत बजता रहा और लोगों ने इस नजारे को मोबाइल कैमरों में कैद किया।
चिनूक हेलिकॉप्टर ने गंगा के पानी को छूते हुए उड़ान भरी। वहीं, दो चिनूक और दो एएलएच मार्क-IV हेलिकॉप्टरों ने अलकनंदा क्षेत्र के ऊपर विशेष ‘विक्ट्री फॉर्मेशन’ में उड़ान भरी। हेलिकॉप्टरों की इस संरचना को देखने के लिए घाटों पर लोगों की निगाहें आसमान पर टिकी रहीं।

राफेल, सुखोई, तेजस और मिग-29 ने दिखाई ताकत
एयर शो में राफेल और सुखोई लड़ाकू विमानों ने तेज रफ्तार से उड़ान भरते हुए हवाई करतब दिखाए। जगुआर, मिराज-2000, तेजस और मिग-29 ने तीर की नोक जैसी संरचना में उड़ान भरी। भारतीय वायुसेना के एडवांस्ड जेट ट्रेनर BAE हॉक Mk.132 ने भी नमो घाट के ऊपर से उड़ान भरी।
विमानों की तेज आवाज और आसमान में उनके सटीक तालमेल ने दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। विमान गुजरते ही घाटों पर तालियां गूंजने लगीं। लोगों ने वीडियो बनाकर इस खास प्रदर्शन को अपने कैमरों में दर्ज किया।

विंटेज विमान ‘सारनाथ’ भी बना आकर्षण
एयर शो में विंटेज विमान ‘सारनाथ’ का प्रदर्शन भी किया गया। वायुसेना के एयर वाइस मार्शल पीवीएस नारायण के मुताबिक, काशी की पहचान से एयर शो को जोड़ने के उद्देश्य से इस विमान को शामिल किया गया।
इस विमान को कबाड़ से पुनर्जीवित कर वायुसेना के विंटेज बेड़े में शामिल किया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस विमान ने 1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान कश्मीर घाटी की रक्षा और 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके प्रदर्शन ने एयर शो को ऐतिहासिक संदर्भ भी दिया।
25 अक्टूबर को PM मोदी के आने का कार्यक्रम
‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो 22, 23 और 25 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में करीब 20 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है। 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी दी गई है।
नमो घाट को वीआईपी और वीवीआईपी व्यवस्था के लिए आरक्षित रखा गया। वायुसेना के जवान पूरे आयोजन के दौरान निगरानी, आपसी समन्वय और प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग में जुटे रहे। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए घाटों पर मेडिकल विद्यार्थियों को मेडिकल किट के साथ तैनात किया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सहायता मिल सके।
दर्शकों ने कहा- बनारस में पहली बार ऐसा नजारा देखा
एयर शो देखने पहुंचे बनारस के विकास और उनकी पत्नी प्रियंका ने कहा कि शहर में इस तरह का लाइव एयर शो देखना उनके लिए नया अनुभव है। उन्होंने बताया कि गंगा के ऊपर विमानों और हेलिकॉप्टरों के करतब देखकर बहुत आनंद आया।
पहले दिन के प्रदर्शन में आधुनिक लड़ाकू विमानों की ताकत, हेलिकॉप्टर टीम का तालमेल और विंटेज विमान का इतिहास एक साथ देखने को मिला। गंगा के घाटों से आसमान में उड़ते विमानों को निहारते दर्शकों के लिए यह आयोजन रोमांच और गौरव का अनुभव बन गया।
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