रावघाट पहुंची आजादी के बाद पहली बार ट्रेन : छत्तीसगढ़ में 2 नई ट्रेन का शुभारंभ; रायपुर में बनेगी 300 इलेक्ट्रिक इंजनों की मेंटेनेंस फैसिलिटी
रायपुर.
छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन से रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण किया गया। साथ ही रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला रखी गई।
सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि ताड़ोकी से रावघाट तक रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के बाद आजादी के बाद पहली बार रावघाट रेल नेटवर्क से जुड़ा है। इससे बस्तर के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों का राजधानी रायपुर समेत दूसरे प्रमुख शहरों से संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। नई रेल सेवाओं से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। सरकार का प्रयास है कि आधुनिक परिवहन सुविधाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुंचें।
15 साल बाद नहीं, आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक पहुंची रेल
दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना करीब 1,628 करोड़ रुपए की लागत से विकसित की जा रही है। इसकी कुल लंबाई लगभग 95 किलोमीटर है। परियोजना के तहत ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने के साथ रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित हो गया है।

यह उपलब्धि इसलिए अहम है, क्योंकि रेल संपर्क से अब स्थानीय लोगों के लिए आवागमन आसान होने के साथ क्षेत्रीय बाजारों तक पहुंच बढ़ने की संभावना है। बस्तर के उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने, पर्यटन को प्रोत्साहन देने और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार में भी मदद मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रावघाट तक रेल पहुंचना केवल एक परियोजना पूरी होना नहीं, बल्कि बस्तर के विकास की नई संभावनाओं का खुलना है।
छत्तीसगढ़ को इस साल ₹7,470 करोड़ का रेल बजट
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे के विकास के लिए बड़े स्तर पर काम हो रहा है। उनके मुताबिक, प्रदेश में करीब 54 हजार करोड़ रुपए की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जबकि चालू वर्ष के लिए रेलवे ने 7,470 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है।

रेलवे की आगे की योजनाओं में रावघाट से जगदलपुर तक रेल संपर्क विकसित करना भी शामिल है। इसके साथ रावघाट-जगदलपुर-कोरापुट-विशाखापत्तनम रेल संपर्क को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से दक्षिण छत्तीसगढ़ की देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों से कनेक्टिविटी मजबूत हो सकती है।
रायपुर से कुरूद तक ब्रॉडगेज रेल सेवा शुरू
अभनपुर-धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के तहत अभनपुर से कुरूद तक लगभग 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन पूरा किया गया है। इसके साथ रायपुर से कुरूद के बीच यात्री रेल सेवा शुरू होने से इस क्षेत्र में रेल परिवहन को नई मजबूती मिली है।
पहले रायपुर और धमतरी के बीच नैरो गेज रेल सेवा संचालित होती थी। अब ब्रॉडगेज में बदलाव से आधुनिक रेल परिचालन की संभावनाएं बढ़ी हैं। कुरूद से धमतरी तक शेष काम पूरा होने के बाद रायपुर से धमतरी तक रेल सेवा के विस्तार का रास्ता भी आसान हो सकता है।

2014 के बाद बिछीं 1,328 किलोमीटर नई रेल पटरियां
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद छत्तीसगढ़ में रेल विकास को प्राथमिकता मिली है। उनके अनुसार, वर्ष 2014 से पहले प्रदेश में करीब 32 किलोमीटर नई रेल लाइन का विस्तार हुआ था, जबकि उसके बाद लगभग 1,328 किलोमीटर नई रेल पटरियां बिछाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि रेल बजट में वृद्धि के साथ नई रेल लाइन बिछाने, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, स्टेशनों के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर काम हो रहा है।
32 रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से होंगे लैस
प्रदेश में 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है। इनमें से आठ स्टेशन तैयार हो चुके हैं। स्टेशन विकास योजनाओं के तहत यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं, आधुनिक परिसर और अधिक सुविधाजनक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
आधुनिक स्टेशन स्थानीय व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकते हैं। इससे छोटे शहरों और आसपास के क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
रायपुर में 300 इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव की सुविधा
कार्यक्रम में रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला भी रखी गई। इस सुविधा में भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।
इससे रेल इंजनों के रखरखाव की व्यवस्था बेहतर करने और माल परिवहन की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। साथ ही रायपुर में रेलवे की आधुनिक तकनीकी सुविधाओं का विस्तार होगा।

रावघाट-जगदलपुर समेत दूसरी परियोजनाओं पर भी नजर
मुख्यमंत्री ने खरसिया-परमालकसा, रावघाट-जगदलपुर और डोंगरगढ़-कटघोरा जैसी रेल परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके विस्तार से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रेल संपर्क मजबूत होगा। उन्होंने पत्थलगांव से लोहरदगा क्षेत्र की ओर रेल संपर्क बढ़ाने से जुड़ी मांग पर भी केंद्रीय रेल मंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक रेल नेटवर्क पहुंचने से विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों, व्यापारियों और युवाओं को बेहतर परिवहन विकल्प मिलेंगे। इससे बाजारों, शिक्षा संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान हो सकती है।
विजयादशमी पर मिली रेल कनेक्टिविटी की सौगात
मुख्यमंत्री ने विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि रावघाट तक रेल पहुंचना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदेश के दूरस्थ इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काम कर रही हैं।
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