उत्तराखंड में चारधाम यात्रा रुकी, रेड अलर्ट : केदारनाथ हेली सेवा बंद; पहाड़ों पर बर्फबारी, पिथौरागढ़ में 300 वाहन फंसे
News Affair Team
Sat, Sep 26, 2026
देहरादून.
उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पांच जिलों में रेड अलर्ट है। इसके चलते प्रशासन ने शनिवार और रविवार को चारधाम यात्रा रोक दी है। केदारनाथ में हेली सेवा भी खराब मौसम के कारण बंद है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से मौसम को देखते हुए यात्रा टालने और संवेदनशील क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की है। उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने और संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं।


केदारनाथ-यमुनोत्री से बद्रीनाथ तक बर्फबारी
केदारनाथ की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। यमुनोत्री धाम और यमुना घाटी में शनिवार सुबह से बारिश हो रही है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्का हिमपात भी हुआ है। टॉप, सप्त ऋषि कुंड, बंदरपूंछ और गरुड़ गंगा क्षेत्र में बर्फबारी की सूचना है।
चमोली के बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब और लक्ष्मण मंदिर क्षेत्र में भी बर्फबारी हुई है। बारिश और हिमपात के बाद ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ गई है। उत्तरकाशी के गंगोत्री धाम से ऊपर चीरबासा क्षेत्र में भी बर्फबारी हुई है। शाम तक इलाके में बर्फ की परत जमने लगी।
पिथौरागढ़ में 300 से ज्यादा वाहन फंसे
पिथौरागढ़ में पिछले करीब 24 घंटे से बारिश जारी है। पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण पिथौरागढ़-घाट सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ है और 300 से ज्यादा वाहन फंसने की जानकारी है।
खराब मौसम को देखते हुए शनिवार को आदि कैलाश यात्रा के लिए परमिट जारी नहीं किए गए। जो यात्री पहले से यात्रा पर हैं, उन्हें गुंजी में रुकने की सलाह दी गई है। धारचूला, मुनस्यारी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई है। दारमा घाटी के सीपू में करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर सीजन का पहला हिमपात दर्ज किया गया।

त्रियुगीनारायण से लौट रहा वाहन खाई में गिरने से बचा
रुद्रप्रयाग में शनिवार दोपहर त्रियुगीनारायण धाम से लौट रहा यात्रियों से भरा वाहन लाल पौड़ के पास अचानक सड़क से उतर गया। वाहन सड़क किनारे एक बड़े पत्थर से अटक गया, जिससे वह खाई में गिरने से बच गया।
वाहन में चालक समेत कोलकाता के 7 यात्री सवार थे। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
चारधाम यात्रा पर 2 दिन रोक
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शनिवार और रविवार के लिए स्थगित की गई है। केदारनाथ धाम में हेली सेवा भी बंद है। IMD के चारधाम सेक्टर अपडेट में 26-27 सितंबर को कई यात्रा मार्गों पर भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बताई गई है। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम सामान्य होने और प्रशासन की अनुमति के बाद ही यात्रा शुरू करने की अपील की है।
पांच जिलों में रेड अलर्ट, 5 में ऑरेंज
रेड अलर्ट: बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधम सिंह नगर
ऑरेंज अलर्ट: देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा
येलो अलर्ट: उत्तरकाशी, टिहरी और हरिद्वार
26 सितंबर के IMD बुलेटिन में उत्तराखंड के लिए अत्यधिक भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। 27 सितंबर को भी अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि 28 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है।
CM धामी की अपील- जरूरी हो तभी यात्रा करें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों से 26 और 27 सितंबर के मौसम अलर्ट को गंभीरता से लेने को कहा है। उन्होंने कहा कि खराब मौसम में यात्रा से बचें और बहुत जरूरी होने पर ही सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर निकलें।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदियों-नालों और बरसाती धाराओं के पास नहीं जाने की अपील की गई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राहत-बचाव दल, जेसीबी और अन्य मशीनरी तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
बागेश्वर में सड़क पर मलबा, अल्मोड़ा में घना कोहरा
बागेश्वर में लगातार बारिश के कारण गरुड़-बागेश्वर मोटर मार्ग पर रवाईखाल के पास पहाड़ी से मलबा गिर रहा है। इससे सड़क पर यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
अल्मोड़ा में सुबह से बारिश हो रही है। नगर क्षेत्र में कई जगह कोहरा छाया रहा। खराब मौसम के कारण सड़कें भी अपेक्षाकृत सुनसान नजर आईं। पिथौरागढ़ में व्यास, दारमा और चौदास घाटियों में बारिश के चलते धारचूला में काली नदी का जलस्तर बढ़ा है।
पहाड़ों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ गया है। नदियों और सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। बरसाती नालों में अचानक पानी बढ़ने से फ्लैश फ्लड की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ वाले रास्तों को पैदल या वाहन से पार नहीं करने और नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की अपील की है।
28 सितंबर से बारिश में कुछ कमी की संभावना
IMD के अनुसार 28 सितंबर को उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर कुछ क्षेत्रों में जारी रह सकता है। इसके बाद 29 और 30 सितंबर को राज्य के लिए कोई व्यापक चेतावनी जारी नहीं की गई है।
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