Advertisment

News Affair में आपका हार्दिक स्वागत है — आपकी अपनी हिंदी न्यूज़ पोर्टल, जहाँ हर खबर मिलती है सही, सटीक और सबसे पहले।

हमारे साथ जुड़िए देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों, राजनीति, खेल, मनोरंजन, व्यापार और तकनीक की हर बड़ी अपडेट के लिए। हम हैं आपकी आवाज़, आपके सवाल और आपकी जिज्ञासा के साथ — निष्पक्ष, निर्भीक और नई सोच के साथ।

27th September 2026

ब्रेकिंग

CM साय ने किया लोकार्पण-शिलान्यास; ट्रॉमा सेंटर और इको टूरिज्म सेंटर की घोषणा

SIR विवाद के बीच तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक; 30 राज्यों/UT की ड्राफ्ट लिस्ट से 13.37 करोड़ नाम हटे

सरकार नियम बनाए; ऑस्ट्रेलिया में OpenAI एजेंट ने सरकारी पोर्टल में घुसपैठ की

गंगा घाटों पर तर्पण-पिंडदान के लिए जुटेंगे श्रद्धालु; हरिद्वार में नारायणी शिला पर बढ़ेगी भीड़

गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरा; कमरे में खून लगा ग्राइंडर मिला

नोटिस वाले वोटर्स के घर दस्तावेज लेने जाएंगे BLO : SIR विवाद के बीच तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक; 30 राज्यों/UT की ड्राफ्ट लिस्ट से 13.37 करोड़ नाम हटे

News Affair Team

Sat, Sep 26, 2026

नई दिल्ली.

चुनाव आयोग में कथित मतभेद की खबरों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू व डॉ. विवेक जोशी ने शनिवार को दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में बैठक की। बैठक के बाद आयोग ने SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर कई फैसलों की जानकारी दी। आयोग ने कहा कि SIR से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

बैठक में उन मतदाताओं को राहत देने का फैसला किया गया, जिन्हें नाम मैप नहीं होने या रिकॉर्ड में गड़बड़ी के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। ऐसे मामलों में अब बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO मतदाता के घर जाकर जरूरी दस्तावेज ले सकेंगे और उन्हें ECINET पर अपलोड करेंगे। इसके बाद संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) दस्तावेजों के आधार पर फैसला करेगा। जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था भी की जा सकेगी।

दिल्ली में 30 अक्टूबर तक दावा-आपत्ति

चुनाव आयोग ने दिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी है। इन मामलों के निपटारे की अंतिम तारीख 30 नवंबर रखी गई है। महाराष्ट्र में भी समयसीमा बढ़ाई गई है और ताजा रिपोर्टों के मुताबिक वहां 12 नवंबर 2026 तक दावे-आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। गोवा में छूटे हुए मतदाताओं के लिए BLO घर-घर जाकर Form-6 लेने की व्यवस्था करेगा।

रैन बसेरों और मजदूरों के लिए विशेष कैंप

आयोग ने रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीबों और बेघर नागरिकों के लिए विशेष हेल्प डेस्क और कैंप लगाने का भी फैसला किया है। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या दावे-आपत्ति की प्रक्रिया में सहायता देना है।

Form-6 को लेकर क्या है विवाद?

SIR के दौरान नए मतदाताओं के लिए Form-6 में पुराने SIR रिकॉर्ड से जुड़ा एक डिक्लेरेशन सामने आया। इसमें आवेदक से उसके, माता-पिता या दादा-दादी के पुराने SIR रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी मांगी गई। इस बदलाव को लेकर चुनाव आयोग के भीतर सवाल उठाए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।

आयोग का कहना है कि Form-6 के जरिए नए मतदाताओं का पंजीकरण पहले की तरह जारी है। उसके आधिकारिक पोर्टल पर Form-6 और संबंधित डिक्लेरेशन की सुविधा उपलब्ध है।

ECINET की स्वतंत्र जांच होगी

बैठक में ECINET की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र समीक्षा के लिए विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय समिति बनाने का फैसला भी सामने आया है। ECINET चुनाव आयोग का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिस पर मतदाता पंजीकरण, वोटर लिस्ट में नाम तलाशने, आवेदन की स्थिति देखने और BLO से संपर्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

मतभेद की खबरों पर आयोग की सफाई

यह बैठक ऐसे समय हुई है जब द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में SIR समेत कई फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में Form-6, वोटर डेटाबेस की पहुंच, मतदाता नाम हटाने से जुड़ी अपीलों और चुनावी सॉफ्टवेयर जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया था।

इसके जवाब में चुनाव आयोग ने कहा है कि SIR समेत पिछले एक साल में लिए गए आयोग के सभी फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से लिए गए। आयोग ने यह भी कहा कि दोनों आयुक्तों की ओर से उठाए गए सवाल और सुझाव प्रक्रिया के ड्राफ्ट चरण का हिस्सा थे।

कैबिनेट सचिव को भेजी चिट्ठी पर भी सफाई

दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्रों को लेकर भी विवाद हुआ। आयोग के अनुसार, ये पत्र SIR या किसी चुनावी फैसले से संबंधित नहीं थे, बल्कि आयोग के भीतर प्रशासनिक और कार्य-विभाजन से जुड़े विषयों पर थे।

SIR में 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटने का दावा

SIR को लेकर सबसे बड़ा विवाद ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए नामों की संख्या को लेकर है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में 13 करोड़ से अधिक नाम हटे हैं। रिपोर्ट ने इसे SIR प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।

हालांकि, ड्राफ्ट सूची से नाम हटना अंतिम रूप से मताधिकार समाप्त होने के बराबर नहीं है। आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने तथा छूटे हुए पात्र मतदाताओं को नाम जुड़वाने की प्रक्रिया जारी रखी है। ECI के पोर्टल पर SIR सूची में नाम तलाशने और नोटिस के जवाब में दस्तावेज जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

विवाद के बीच राजनीतिक प्रतिक्रिया

SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं और आयोग के खिलाफ प्रदर्शन भी किए हैं। दूसरी ओर चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेद के दावों को खारिज करते हुए सभी फैसलों को सर्वसम्मत बताया है। इन दावों और उनके खंडन के बीच SIR की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन