बिल गेट्स बोले- AI के गलत इस्तेमाल से 100 करोड़ मौतें संभव : सरकार नियम बनाए; ऑस्ट्रेलिया में OpenAI एजेंट ने सरकारी पोर्टल में घुसपैठ की
नई दिल्ली.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने इसके संभावित खतरों को लेकर चेतावनी दी है। गेट्स का कहना है कि अगर बेहद शक्तिशाली AI गलत लोगों के हाथ में चला गया तो इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने AI को लेकर सरकारी निगरानी और स्पष्ट नियमों की जरूरत पर जोर दिया है।
गेट्स ने हाल के इंटरव्यू और अपने लेखों में AI से जुड़े साइबर हमले, जैविक हथियारों, नौकरियों पर असर और बच्चों पर संभावित प्रभाव जैसे मुद्दों को गंभीर जोखिम के तौर पर गिनाया है। उन्होंने कहा है कि केवल टेक कंपनियों के भरोसे AI की सुरक्षा छोड़ना पर्याप्त नहीं होगा।
गेट्स बोले- AI का गलत इस्तेमाल बड़ा खतरा
गेट्स के मुताबिक AI की क्षमता लगातार बढ़ रही है। अब AI सिस्टम सिर्फ सवालों के जवाब देने या टेक्स्ट तैयार करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कोड लिखने, रिसर्च करने और कुछ मामलों में जटिल डिजिटल काम खुद करने में सक्षम हो रहे हैं।
उन्होंने AI से जुड़े साइबर सुरक्षा जोखिमों को खास तौर पर गंभीर बताया है। उनके मुताबिक ऐसे सिस्टम गलत हाथों में पहुंचने पर साइबर हमलों और दूसरे खतरनाक कामों को ज्यादा आसान बना सकते हैं।
गेट्स ने अमेरिकी सरकार से AI के लिए मजबूत नियामकीय ढांचा तैयार करने की वकालत की है। उनका कहना है कि AI इंडस्ट्री का सेल्फ-रेगुलेशन अकेले पर्याप्त नहीं है और सरकारों को सुरक्षा मानक तय करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
गेट्स ने AI के तीन बड़े जोखिम बताए
गेट्स ने अगस्त में प्रकाशित अपने लेख में AI से जुड़े तीन प्रमुख क्षेत्रों को लेकर चिंता जताई थी।
1. सुरक्षा और साइबर खतरे:
AI का इस्तेमाल साइबर हमलों, धोखाधड़ी और जैविक हथियारों से जुड़े खतरनाक कामों में किया जा सकता है।
2. नौकरियों पर असर:
AI और AI-संचालित रोबोट बड़ी संख्या में ऐसे काम कर सकते हैं जो अभी इंसान करते हैं। इससे रोजगार के स्वरूप में बड़ा बदलाव आ सकता है।
3. बच्चों और समाज पर प्रभाव:
गेट्स ने बच्चों की पढ़ाई, सीखने की क्षमता और मानवीय संबंधों पर AI के संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई है।
ऑस्ट्रेलिया में OpenAI एजेंट ने सरकारी पोर्टल में अनधिकृत प्रवेश किया
AI से जुड़े खतरे की चर्चा के बीच ऑस्ट्रेलिया में एक वास्तविक घटना सामने आई है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने बताया कि जून में OpenAI का एक AI एजेंट Services Australia के Medicare Statistics Reporting Service Portal में अनधिकृत तरीके से प्रवेश कर गया था।
सरकार के अनुसार एजेंट को पहले सार्वजनिक जानकारी हासिल करने से रोका गया। इसके बाद उसने दूसरे तरीके से पोर्टल तक पहुंच बनाई और कुछ गैर-सार्वजनिक फाइलों तथा आंकड़ों तक पहुंच हासिल की।
हालांकि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने स्पष्ट किया है कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत Medicare या स्वास्थ्य रिकॉर्ड एक्सेस हुआ हो। प्रभावित पोर्टल पर मुख्य रूप से स्वास्थ्य खर्च और अन्य समेकित यानी aggregated आंकड़े उपलब्ध थे।

OpenAI को अगस्त में चला था घटना का पता
ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार घटना 18 जून को हुई थी। OpenAI को अपने मॉडल की गतिविधियों की समीक्षा के दौरान 11 अगस्त को इसका पता चला। इसके बाद सितंबर में ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई।
प्रधानमंत्री अल्बनीज ने OpenAI CEO सैम ऑल्टमैन से बातचीत कर घटना की जानकारी देर से दिए जाने पर चिंता जताई। ऑस्ट्रेलिया ने मामले की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है और यह भी देखा जा रहा है कि घटना में किसी कानून का उल्लंघन हुआ या नहीं।
ऑस्ट्रेलिया ने बनाई जांच टीम
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने घटना की जांच के लिए टास्कफोर्स बनाया है। Australian Signals Directorate की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि AI एजेंट ने किस तरह सिस्टम तक पहुंच बनाई और कहीं दूसरे सरकारी सिस्टम भी प्रभावित तो नहीं हुए। सरकार ने यह भी कहा है कि पुराने सार्वजनिक पोर्टलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
OpenAI के एजेंट दूसरे सिस्टम तक पहुंचने की कोशिश में भी थे
26 सितंबर की ABC रिपोर्ट के मुताबिक OpenAI ने माना है कि उसके स्वायत्त एजेंटों से जुड़े ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें उन्होंने सुरक्षा नियंत्रणों को पार करने या दूसरे सिस्टम पर अप्रत्याशित गतिविधियां करने की कोशिश की। ऑस्ट्रेलिया के मामले में एजेंट ने कई दिनों तक अलग-अलग तरीकों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी हासिल करने की कोशिश की थी।
हालांकि ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों की जांच में अभी तक यह नहीं पाया गया है कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य डेटा चोरी हुआ था या संबंधित सरकारी सिस्टम पूरी तरह से compromised हुआ था।
AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ बढ़ी सुरक्षा की चिंता
AI अब टेक्स्ट, इमेज और कोड तैयार करने के अलावा रिसर्च और डिजिटल कार्यों को स्वायत्त रूप से पूरा करने की दिशा में बढ़ रहा है। इसी वजह से विशेषज्ञों और सरकारों के सामने सवाल यह है कि AI को ज्यादा सक्षम बनाने के साथ उसके इस्तेमाल पर मानवीय नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था कैसे सुनिश्चित की जाए।
बिल गेट्स ने भी इसी संदर्भ में सरकारों से AI के लिए सुरक्षा और निगरानी का मजबूत ढांचा तैयार करने की अपील की है। वहीं ऑस्ट्रेलिया की घटना ने दिखाया है कि AI एजेंट की स्वायत्त क्षमताओं के साथ साइबर सुरक्षा के पुराने तरीकों की भी समीक्षा की जरूरत पड़ रही है।
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