Advertisment

News Affair में आपका हार्दिक स्वागत है — आपकी अपनी हिंदी न्यूज़ पोर्टल, जहाँ हर खबर मिलती है सही, सटीक और सबसे पहले।

हमारे साथ जुड़िए देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों, राजनीति, खेल, मनोरंजन, व्यापार और तकनीक की हर बड़ी अपडेट के लिए। हम हैं आपकी आवाज़, आपके सवाल और आपकी जिज्ञासा के साथ — निष्पक्ष, निर्भीक और नई सोच के साथ।

22nd October 2026

ब्रेकिंग

वाराणसी में 100 विमानों का एयर शो; 1947 और 1971 की जंग का विंटेज विमान ‘सारनाथ’ भी दिखा

शदाणी दरबार की 5वीं पीठाधीश माता हासी देवी की 200वीं जयंती; सिक्के पर एक ओर माता, दूसरी तरफ अशोक स्तंभ

चीन के 5 सैटेलाइट ने साथ किया अभ्यास; GPS से बैंकिंग तक पड़ सकता है असर

छत्तीसगढ़ में 2 नई ट्रेन का शुभारंभ; रायपुर में बनेगी 300 इलेक्ट्रिक इंजनों की मेंटेनेंस फैसिलिटी

बच्ची 5 महीने की गर्भवती हुई; बैगा गिरफ्तार, POCSO में केस

हरिद्वार जमीन घोटाला : धामी सरकार ने 2 IAS, एक PCS सहित 12 अफसर किए सस्पेंड; 15 करोड़ की ज़मीन 54 करोड़ में खरीदी गई

News Affair Team

Tue, Jun 3, 2025

देहरादून.

उत्तराखंड की धामी सरकार ने हरिद्वार ज़मीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो IAS, एक PCS सहित कुल 12 अफसरों को निलंबित कर दिया है। मामला 15 करोड़ की अनुपयुक्त भूमि को 54 करोड़ में खरीदने से जुड़ा है, जिसमें हरिद्वार नगर निगम पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं।

  • हरिद्वार नगर निगम ने ऐसी भूमि को 54 करोड़ में खरीदा, जिसकी वास्तविक कीमत सिर्फ 15 करोड़ थी।

  • भूमि की न तो तत्काल जरूरत थी और न ही खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती गई।

  • शासनादेशों और वित्तीय नियमों को दरकिनार कर यह सौदा किया गया।

निलंबित किए गए वरिष्ठ अधिकारी

  • कर्मेन्द्र सिंह – जिलाधिकारी, हरिद्वार (IAS)

  • वरुण चौधरी – पूर्व नगर आयुक्त, हरिद्वार (IAS)

  • अजयवीर सिंह – SDM, हरिद्वार (PCS)

  • निकिता बिष्ट – वरिष्ठ वित्त अधिकारी

  • राजेश कुमार – कानूनगो

  • कमलदास – तहसील प्रशासनिक अधिकारी

  • विक्की – वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक

विजिलेंस जांच करेगी मामले की छानबीन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आदेश दिया है कि मामले की विस्तृत जांच विजिलेंस विभाग द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि, "प्रदेश में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।"

पहले चरण में भी हुए थे निलंबन

इससे पहले भी कई अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं:

  • रविंद्र कुमार दयाल – प्रभारी सहायक नगर आयुक्त

  • आनंद सिंह मिश्रवाण – अधिशासी अभियंता

  • लक्ष्मीकांत भट्ट – कर एवं राजस्व अधीक्षक

  • दिनेश चंद्र कांडपाल – अवर अभियंता

  • वेदवाल – संपत्ति लिपिक (इनका सेवा विस्तार समाप्त, अनुशासनिक कार्रवाई निर्देशित)

शासन तंत्र में ऐतिहासिक कार्रवाई

उत्तराखंड में यह पहला मौका है जब किसी सरकार ने अपने ही प्रशासनिक ढांचे में शीर्ष स्तर पर इतनी सख्त कार्रवाई की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घोटाला केवल एक आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि प्रशासनिक नैतिकता पर गंभीर चोट है। यह निर्णय राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक संस्कृति में बदलाव की ओर इशारा करता है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन