राखी सावंत के खिलाफ 16 साल बाद गिरफ्तारी वारंट : ‘बेटा चला गया, मां भी इंसाफ का इंतजार करते मर गई’; लक्ष्मण के मामा बोले- नामर्द-नपुंसक कहा था
News Affair Team
Mon, Oct 19, 2026
झांसी.
टीवी शो ‘राखी का इंसाफ’ में कथित बेइज्जती के बाद जान देने वाले झांसी के लक्ष्मण अहिरवार का मामला 16 साल बाद फिर चर्चा में है। झांसी की CAW (एफटीसी) कोर्ट ने 16 अक्टूबर को अभिनेत्री राखी सावंत के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया। लक्ष्मण के परिवार को अब इस मामले में न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होनी है।
लक्ष्मण के मामा बलवीर अहिरवार का आरोप है कि 2010 में टीवी शो के दौरान राखी सावंत ने उनके भांजे को ‘नामर्द’ और ‘नपुंसक’ कहा था। परिवार का दावा है कि शो प्रसारित होने के बाद लक्ष्मण मानसिक तनाव में रहने लगा और उसने जहर खा लिया। इलाज के दौरान नवंबर 2010 में उसकी मौत हो गई थी। परिवार ने राखी सावंत समेत अन्य लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया था।

हालांकि, राखी सावंत ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में मामले से अपना संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह लक्ष्मण को जानती तक नहीं थीं और उसका कॉन्ट्रैक्ट चैनल के साथ हुआ था।
शादी के 12 दिन बाद पत्नी चली गई थी मायके
बलवीर अहिरवार के मुताबिक, उनकी बहन सावित्री अपने परिवार के साथ झांसी के सीपरी बाजार में रहती थीं। पति गोकुल की मौत के बाद वह बच्चों के साथ बलवीर के घर के पास किराए पर रहने लगी थीं। उस समय लक्ष्मण ठेले पर सब्जी बेचता था।
लक्ष्मण की शादी 19 फरवरी 2010 को राजगढ़ की रहने वाली अनीता से हुई थी। बलवीर का कहना है कि शादी के करीब 12 दिन बाद पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ और अनीता मायके चली गई। लक्ष्मण उसे वापस लाने गया, लेकिन वह नहीं लौटी।
दूसरी ओर, अनीता ने आरोप लगाया था कि लक्ष्मण शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता था। उसने यह भी दावा किया था कि पति के एक रिश्तेदार की नीयत ठीक नहीं थी और इस बारे में शिकायत करने पर लक्ष्मण ने ध्यान नहीं दिया। ये आरोप उस समय के वैवाहिक विवाद का हिस्सा थे।

‘इंसाफ मिलेगा’ कहकर शो में ले गए थे
बलवीर ने बताया कि 2010 में ‘राखी का इंसाफ’ टीवी पर प्रसारित होता था। मोहल्ले की एक महिला कुछ लोगों के साथ उनके घर आई और परिवार को शो में जाने के लिए कहा। बलवीर के अनुसार, उन लोगों ने भरोसा दिलाया था कि वहां जाने से न्याय मिलेगा, बहू वापस आ जाएगी और आने-जाने का खर्च भी मिलेगा।
इसके बाद बलवीर, लक्ष्मण, उसकी मां सावित्री और बलवीर की पत्नी पूजा मुंबई गए। परिवार को पहले ट्रेन से दिल्ली और फिर विमान से मुंबई ले जाया गया, जहां शो की शूटिंग हुई।
बलवीर का आरोप है कि शूटिंग के दौरान लक्ष्मण को अपमानजनक शब्द कहे गए। परिवार के मुताबिक, यह एपिसोड 23 अक्टूबर 2010 को टीवी पर प्रसारित हुआ। इसके बाद लक्ष्मण तनाव में रहने लगा और उसने जहर खा लिया।
परिवार के अनुसार, हालत बिगड़ने पर लक्ष्मण को 9 नवंबर 2010 को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। 10 नवंबर को उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसकी मां सावित्री की शिकायत पर राखी सावंत समेत अन्य लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया गया।
मां की भी मौत, बेटे के लिए इंसाफ का इंतजार करती रहीं
बलवीर का कहना है कि केस दर्ज होने के बाद परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कानूनी अड़चनों के चलते मामला आगे नहीं बढ़ सका। उनके मुताबिक, राखी सावंत को हाईकोर्ट से स्टे मिला था। परिवार ने पैरवी कर उसे हटवाने की कोशिश की, लेकिन बाद में फिर स्टे मिल गया।
बलवीर ने बताया कि करीब पांच महीने पहले उनकी बहन सावित्री की भी मौत हो गई। वह बेटे लक्ष्मण को याद कर अक्सर रोती थीं और न्याय नहीं मिलने का दुख जताती थीं। लक्ष्मण की पत्नी अनीता ने बाद में दूसरी शादी कर ली।
परिवार में अब लक्ष्मण का एक भाई रमेश जीवित है। बलवीर का कहना है कि इतने साल बीतने के बाद भी परिवार को न्याय का इंतजार है। अब अदालत की ओर से वारंट जारी होने के बाद उन्हें उम्मीद है कि मामला आगे बढ़ेगा।

राखी सावंत बोलीं- ‘मैं उस लड़के को जानती भी नहीं’
राखी सावंत ने शनिवार रात सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह 2010 का केस है और उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। राखी के मुताबिक, लक्ष्मण का कॉन्ट्रैक्ट चैनल के साथ था और शो खत्म होने के बाद उसकी अस्पताल में मौत हुई थी।
उन्होंने यह भी कहा कि वह लक्ष्मण को जानती तक नहीं थीं और मामले के लिए चैनल को जिम्मेदार ठहराने की बात कही। वीडियो में राखी ने कहा कि देश की जनता के लिए उन्हें जेल भी जाना पड़े तो वह तैयार हैं।
फिलहाल मामले में अदालत की ओर से गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी। परिवार को उम्मीद है कि 16 साल से लंबित इस मामले में अब आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज होगी। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की कार्यवाही के बाद ही सामने आएगा।
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