CM योगी ने 11 कन्याओं के पांव पखारे : अपने हाथों से कराया भोजन; आज गोरखनाथ मंदिर से निकलेगी विजयादशमी शोभायात्रा
News Affair Team
Mon, Oct 19, 2026
गोरखपुर.
शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर उत्तर प्रदेश के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने 11 कन्याओं और एक बटुक का पूजन किया। उनके पैर पखारे, तिलक लगाया और चुनरी ओढ़ाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से कन्याओं को भोजन कराया और उपहार दिए। इससे पहले उन्होंने मंदिर के शक्तिपीठ में मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की।
उधर, मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान यहां अब तक 20 लाख से अधिक लोग दर्शन-पूजन कर चुके हैं। वाराणसी के माता सिद्धिदात्री मंदिर और जौनपुर के चौकियां धाम में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।
कन्या पूजन के बाद योगी ने कहा कि नवरात्रि और विजयादशमी का पर्व मातृशक्ति के सम्मान के साथ समाज से नशा, भ्रष्टाचार, अराजकता, असुरक्षा और आतंकवाद जैसी बुराइयों को दूर करने का संदेश देता है। उन्होंने त्योहारों को उत्साह के साथ मनाने और सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखने की अपील भी की।




योगी बोले- मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर बनने से बढ़े श्रद्धालु
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां विंध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले 25 लाख से अधिक लोगों के दर्शन करने की जानकारी मिली थी। नवमी पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्रि में प्रदेश के हर जिले में दुर्गा पूजा पंडाल सजते हैं और घरों में कलश स्थापना की जाती है। नवमी पर कन्या पूजन के जरिए मातृशक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है। गोरखनाथ मंदिर की परंपरा के तहत कन्याओं का पूजन और उन्हें भोजन कराने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। योगी ने कहा कि मां सिद्धिदात्री को सभी प्रकार की सिद्धियां प्रदान करने वाली देवी माना जाता है। कन्या पूजन सनातन परंपरा में नारी शक्ति के सम्मान की अभिव्यक्ति है।

कन्या पूजन में अपनी बनाई तस्वीर लेकर पहुंची बच्ची
गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन के दौरान यशस्विनी नाम की बच्ची मुख्यमंत्री के लिए अपने हाथों से बनाई तस्वीर लेकर पहुंची। तस्वीर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी मां की छवि थी। यशस्विनी ने बताया कि उसने यह तस्वीर खुद बनाई है। कन्या पूजन के अवसर पर अपनी बनाई तस्वीर मुख्यमंत्री तक पहुंचाना उसके लिए खास अनुभव रहा।
विजयादशमी पर गोरखनाथ मंदिर से निकलेगी शोभायात्रा
महानवमी के अगले दिन, 20 अक्टूबर को गोरक्षपीठ में विजयादशमी का पर्व नाथपंथ की परंपरा के अनुसार मनाया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9:35 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गुरु गोरखनाथ के प्रति विशेष पूजा-अर्चना से होगी। इसके बाद मंदिर परिसर में स्थापित देव विग्रहों का पूजन किया जाएगा।
दोपहर 1 से 3 बजे तक गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलकोत्सव होगा, जिसमें वह श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे। शाम 4 बजे गोरखनाथ मंदिर से पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा निकलेगी। तुरही, नगाड़ों और बैंड-बाजे के बीच योगी रथ पर सवार होकर मानसरोवर मंदिर पहुंचेंगे। वहां भगवान शिव और अन्य देव विग्रहों की पूजा-अर्चना और अभिषेक करेंगे।
इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहां योगी भगवान श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमानजी का पूजन कर आरती उतारेंगे। इसके साथ ही भगवान श्रीराम का राजतिलक भी होगा।
शोभायात्रा वापस गोरखनाथ मंदिर लौटेगी। शाम 7 बजे से मंदिर में पारंपरिक प्रसाद वितरण और गरीबों, ब्राह्मणों तथा अतिथियों के लिए भोज आयोजित किया जाएगा। आयोजन में सर्वसमाज के लोगों की भागीदारी रहेगी।
योगी बोले- समाज में नशा, भ्रष्टाचार और आतंकवाद की जगह न हो
मुख्यमंत्री ने विजयादशमी के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता, असुरक्षा और आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने और राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने वाले तत्वों के खिलाफ एकजुटता जरूरी है।
योगी ने लोगों से अपील की कि त्योहार उत्साह के साथ मनाएं, लेकिन सुरक्षा की अनदेखी न करें। उन्होंने कहा कि रावण दहन को केवल प्रतीकात्मक आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन को प्रभावित करने वाली बुराइयों को भी दूर करने का संकल्प लेना चाहिए।
महिला सुरक्षा पर जोर, 45 हजार महिला पुलिसकर्मियों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा और स्वावलंबन को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस भर्ती की 20% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। योगी के मुताबिक, 2017 तक प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी सेवाएं दे रही थीं, जबकि अब यह संख्या लगभग 45 हजार हो गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 54 हजार बीसी सखियां ग्राम पंचायतों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसे कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया।
बेटी के जन्म से स्नातक तक ₹25 हजार की सहायता
योगी ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के विभिन्न चरणों में पात्र परिवारों को कुल ₹25 हजार की सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य बेटियों की शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसरों को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि बेटियों की शादी के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अब तक 5 लाख से अधिक कन्याओं का विवाह संपन्न होने की जानकारी भी उन्होंने दी।
विंध्याचल से देवी पाटन तक मंदिरों में भीड़
नवमी पर केवल गोरखपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के कई प्रमुख देवी धामों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी। मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी मंदिर के अलावा देवी पाटन, सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी पीठ और सीतापुर के ललिता देवी शक्तिपीठ में भी भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।
नवरात्रि के अंतिम दिन मंदिरों में पूजा-अर्चना, कन्या पूजन और भंडारे के आयोजन हुए। अब मंगलवार को विजयादशमी के साथ गोरखनाथ मंदिर की पारंपरिक शोभायात्रा और रामलीला मैदान में श्रीराम के राजतिलक पर लोगों की नजर रहेगी।
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