टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग, कोटा से पकड़े गए 3 आरोपी : 17 साल का नाबालिग भी शामिल; सलमान खान को धमकी वाले ऑडियो की जांच
मुंबई/कोटा.
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर रविवार शाम करीब 7 बजे बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर दी। टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस और एक राहगीर घायल हो गए। जुहू में पुष्पा पार्क के पास हुई वारदात के बाद हमलावर बाइक से भाग निकले। पुलिस ने इस मामले में सोमवार को तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया है।
वारदात के बाद सभी आरोपी पुणे-जयपुर एक्सप्रेस से जयपुर जाना चाहते थे। इसके बाद इनका प्लान बस से दिल्ली के रास्ते नेपाल भागना था। पुलिस और रेलवे पुलिस के समन्वय से उनकी लोकेशन का पता लगाया गया और उन्हें कोटा में पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में 17 साल का एक नाबालिग भी शामिल है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, दो संदिग्ध हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला है।

पुलिस के मुताबिक, लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित ने कॉन्ट्रैक्ट दिया था। आरोपी मुंबई से ट्रेन में सवार होकर दिल्ली की ओर जा रहे थे। टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके बाएं हाथ में बारूद और कांच के टुकड़ों से चोट आई है। फायरिंग में उनके ड्राइवर को भी चोट लगी।
उधर, घटना के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सामने आए कथित जिम्मेदारी वाले पोस्ट और सलमान खान को धमकी देने वाले ऑडियो की भी जांच की जा रही है।

जुहू में शाम के समय हुई फायरिंग
पुलिस के अनुसार, घटना रविवार शाम करीब 7 बजे जुहू इलाके में पुष्पा नरसी पार्क के पास हुई। टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद अपनी कार से निकल रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने कार की ओर गोलियां चलाईं।

फायरिंग के बाद इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, टाइगर को सीधे गोली नहीं लगी। हालांकि, उनके ड्राइवर फिरदौस और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने आई। घायलों को उपचार के लिए ले जाया गया।
पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच में हमलावरों की आवाजाही, इस्तेमाल की गई बाइक और वारदात के बाद उनके भागने के रास्ते का पता लगाने पर ध्यान दिया गया।
बाइक छोड़कर ट्रेन से भागे संदिग्ध
फायरिंग के बाद हमलावर कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल अंधेरी पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने बाइक को कब्जे में लेकर उससे जुड़े सुरागों की जांच की।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को संदिग्धों के मुंबई से बाहर निकलने की जानकारी मिली। इसके बाद रेलवे पुलिस के साथ समन्वय कर उनकी यात्रा और लोकेशन का पता लगाया गया। सोमवार को तीनों संदिग्ध कोटा में एक ट्रेन से पकड़े गए।

मनीकंट्रोल की 19 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों को मुंबई पुलिस ने रेलवे पुलिस के सहयोग से पकड़ा। राजस्थान पुलिस की ओर से भी गिरफ्तारी की पुष्टि की गई।
तीनों संदिग्धों की पहचान क्या है?
मीडिया रिपोर्टों में पकड़े गए संदिग्धों की पहचान फूल सिंह (17), रेहान (18) और ऋतिक कुमार उर्फ रोशन (22) के रूप में बताई गई है।
फूल सिंह, 17 वर्ष: हरियाणा का निवासी बताया गया है। वह नाबालिग है।
रेहान, 18 वर्ष: हरियाणा के सोनीपत क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।
ऋतिक कुमार उर्फ रोशन, 22 वर्ष: मूल रूप से बिहार के बेगूसराय का निवासी बताया गया है। वह मुंबई के अंधेरी पश्चिम में रहता था और रैपिडो राइडर के रूप में काम करता था।
पुलिस अब तीनों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग की योजना किसने बनाई, हथियार कहां से आए और वारदात को अंजाम देने के पीछे क्या मकसद था। शुरुआती रिपोर्टों में दो संदिग्धों पर गोली चलाने और तीसरे पर मदद करने की आशंका जताई गई है। उनकी भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
क्या टाइगर की गतिविधियों की पहले से थी जानकारी?
जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश हो रही है कि हमलावरों को टाइगर श्रॉफ के फुटबॉल खेलने के कार्यक्रम और उनके आने-जाने के समय की जानकारी कैसे मिली।

पुलिस इस बात की पड़ताल कर सकती है कि क्या वारदात से पहले इलाके की रेकी की गई थी, क्या संदिग्ध अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और क्या उन्हें किसी अन्य व्यक्ति ने जानकारी या सहायता दी थी।
सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से हमलावरों की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के लिए यह पता लगाना भी अहम है कि बाइक किसकी थी और उसे छोड़ने के बाद आरोपी रेलवे स्टेशन तक कैसे पहुंचे।
इन सवालों के जवाब पूछताछ और जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल यह मानना जल्दबाजी होगी कि हमले के पीछे कौन था या किसके निर्देश पर वारदात को अंजाम दिया गया।
शिंदे बोले- किसी भी गैंग की धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि टाइगर का किसी से कोई विवाद या झगड़ा नहीं था। इसके बावजूद एक युवा अभिनेता पर इस तरह जानलेवा हमला हुआ। टाइगर और उनकी मां घटना से काफी घबराए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टाइगर और अन्य सार्वजनिक हस्तियों के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिंदे ने कहा कि मुंबई पुलिस ऐसी घटनाओं और गैंगवार पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई करेगी।
सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैंग के नाम से सामने आया दावा
फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्ट और ऑडियो सामने आया, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा करते हुए हमले की जिम्मेदारी लेने की बात कही गई। इसी संदेश में सलमान खान और उनके परिवार को धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई।
हालांकि, सोशल मीडिया पर किसी गैंग के नाम से संदेश जारी होना अपने आप में उस संगठन की संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। पुलिस कथित पोस्ट और ऑडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रही है। साथ ही, गिरफ्तार संदिग्धों के संपर्कों और संभावित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसियों के सामने अब दो अहम सवाल हैं, क्या फायरिंग का संबंध किसी संगठित आपराधिक गिरोह से है और क्या सलमान खान को धमकी देने वाला संदेश इसी वारदात से जुड़ा है? इन दोनों बिंदुओं पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
सलमान खान को लेकर भी बढ़ी चिंता
सलमान खान को पहले भी धमकियां मिलने के मामले सार्वजनिक चर्चा में रहे हैं। टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद सामने आए कथित ऑडियो में उनका नाम लिए जाने से मामले का दायरा और संवेदनशील हो गया है।
हालांकि, टाइगर पर हुए हमले और सलमान खान को दी गई कथित धमकी के बीच सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है। पुलिस यह जांच रही है कि ऑडियो किसने जारी किया, उसमें किए गए दावे कितने विश्वसनीय हैं और क्या उसका गिरफ्तार संदिग्धों से कोई संबंध है।
अब पुलिस किन बिंदुओं पर करेगी जांच?
तीनों संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद जांच में कई पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा:
फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां से आए और वारदात के बाद उनका क्या हुआ।
बाइक किसकी थी और उसे अंधेरी पश्चिम में क्यों छोड़ा गया।
तीनों संदिग्धों की वारदात में अलग-अलग क्या भूमिका थी।
क्या फायरिंग से पहले रेकी की गई थी या किसी ने जानकारी उपलब्ध कराई थी।
सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो किसने जारी किए और उनका आरोपियों से कोई संबंध है या नहीं।
क्या इस घटना के पीछे किसी संगठित गिरोह या अन्य व्यक्ति की भूमिका है।
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की पूछताछ, तकनीकी साक्ष्यों और आगे की जांच से सामने आएंगे।
गिरफ्तारी के बाद भी कई सवाल बाकी
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना ने मुंबई में फिल्मी सितारों की सुरक्षा और धमकी से जुड़े मामलों को लेकर चिंता बढ़ाई है। तीन संदिग्धों को कोटा से पकड़ना जांच की दिशा में अहम कदम है, लेकिन केवल गिरफ्तारी से पूरी साजिश स्पष्ट नहीं होती।
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