रायपुर में 101 फीट का रावण जलेगा : पुतले बनाने की लागत 20% तक बढ़ी; WRS मैदान के पास ट्रेनें 15 kmph से चलेंगी
News Affair Team
Mon, Oct 19, 2026
रायपुर.
रायपुर में मंगलवार, 20 अक्टूबर को दशहरे पर शहर के अलग-अलग मैदानों में रावण दहन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। WRS मैदान में 101 फीट ऊंचे रावण का दहन मुख्य आकर्षण रहेगा। यहां भीड़ को देखते हुए रेलवे ने उरकुरा से रायपुर स्टेशन के बीच दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 15 किमी प्रति घंटा रखने का फैसला किया है। जरूरत पड़ने पर लोको पायलट ट्रेन रोक सकेंगे।
इस बार दशहरे पर रावण के पुतले बनाने की लागत भी बढ़ी है। कारीगरों के मुताबिक, बांस, कागज, कपड़े, पेंट और सजावट की सामग्री महंगी होने से खर्च में करीब 15 से 20% की बढ़ोतरी हुई है। WRS के अलावा बोरियाखुर्द, रावणभाठा, सप्रे स्कूल और BTI मैदान में भी आयोजन होंगे।

WRS मैदान के पास रेलवे ट्रैक पर खास सुरक्षा
WRS मैदान के पास से मुंबई-हावड़ा रेल लाइन गुजरती है। दशहरे पर भीड़ के ट्रैक तक पहुंचने से हादसे का खतरा रहता है। इसे देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों की गति सीमित रखने के साथ सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।
ट्रैक के पास बैरिकेडिंग होगी। RPF, GPR और स्थानीय पुलिस के करीब 250 जवान तैनात रहेंगे। हर 10 मिनट में माइक से अनाउंसमेंट कर लोगों को पटरियों से दूर रहने की हिदायत दी जाएगी। ट्रैक पर लगातार निगरानी भी रखी जाएगी।
ट्रेनें 5 से 10 मिनट तक लेट हो सकती हैं
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, गति सीमित रहने से ट्रेनों को सामान्य स्थिति में करीब 5 मिनट और व्यस्त समय में 10 मिनट तक की देरी हो सकती है। वास्तविक देरी परिचालन की स्थिति पर निर्भर करेगी।
WRS मैदान में दोपहर से भीड़ जुटने की संभावना है। शाम को फाफाडीह से मैदान तक जाम लग सकता है। यातायात संभालने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें तैनात रहेंगी।
बोरियाखुर्द में तीन पुतलों का दहन, रात 8 बजे भजन
बोरियाखुर्द के खेल मैदान में 45 फीट ऊंचे रावण और 30-30 फीट के कुंभकर्ण व मेघनाथ के पुतले जलाए जाएंगे। यहां दिन में पतंग उत्सव होगा। शाम 4 बजे सांस्कृतिक नृत्य और योग प्रदर्शन, 5 बजे श्रीराम-माता सीता की पूजा और 5:30 बजे रामलीला होगी। इसके बाद पुतला दहन और आतिशबाजी होगी। रात 8 बजे उज्जैन के भजन गायक सन्नी अलबेला और उनकी टीम प्रस्तुति देगी।
सप्रे स्कूल में 50 फीट का रावण, रावणभाठा में भी तैयारी
बूढ़ापारा स्थित सप्रे स्कूल मैदान में शाम 4 बजे भजन जेमिंग से उत्सव शुरू होगा। शाम 6 बजे श्रीराम-लक्ष्मण की झांकी के साथ 50 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। शाम 6:30 बजे आतिशबाजी होगी। बूढ़ापारा दशहरा उत्सव समिति पिछले 15 वर्षों से यहां आयोजन कर रही है।
रावणभाठा मैदान में नगर निगम साफ-सफाई, रोशनी, पेयजल और अग्निशमन की व्यवस्था कर रहा है। वहीं, शंकर नगर के BTI मैदान में खम्हारडीह सार्वजनिक दशहरा एवं सांस्कृतिक समिति ने भूमिपूजन के साथ तैयारियां शुरू की हैं। यह भूमिपूजन छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने किया। यहां पुतले की ऊंचाई और कार्यक्रम का समय अभी घोषित नहीं किया गया है।
पुतले बनाने का खर्च 15 से 20% बढ़ा
कारीगर गोपाल राव के मुताबिक, बांस, रंगीन कागज, कपड़ा, पेंट और सजावट की सामग्री महंगी होने से रावण के पुतले बनाने की लागत बढ़ी है। पुतले का बांस से ढांचा तैयार करने के बाद कागज और कपड़े से आकार दिया जाता है। इसके बाद चेहरे की बनावट, सिलाई, रंगाई और सजावट होती है। पुतले की ऊंचाई बढ़ने के साथ सामग्री और मजदूरी का खर्च भी बढ़ता है। आतिशबाजी की लागत अलग होती है।
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