हॉलीवुड सिंगर बोलीं- CJP को अमेरिका से फंडिंग मिल रही : भारत में अशांति फैलाने, सरकार के काम में बाधा डालने के लिए दिया जा रहा; दीपके का इनकार
वॉशिंगटन डीसी.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की फंडिंग को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी अमेरिका स्थित कुछ डोनर्स CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके संगठन को आर्थिक मदद दे रहे हैं। मिलबेन का दावा है कि इस पैसे का इस्तेमाल भारत में सरकार के कामकाज में बाधा डालने और अशांति फैलाने के लिए किया जा रहा है।
मिलबेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर भारतीय युवाओं से आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने लिखा, ‘यह चुप रहने का समय नहीं है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अमेरिकी डोनर्स दुनिया के अलग-अलग देशों में दक्षिणपंथी नेताओं के खिलाफ अभियान चलाने के लिए एक जैसी रणनीति अपनाते हैं। हालांकि, CJP को अमेरिकी डोनर्स से फंडिंग मिलने के उनके दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मिलबेन बोलीं- अमेरिका से पढ़े लोगों को बनाते हैं निशाना
मिलबेन ने अपने पोस्ट में दावा किया कि कुछ डोनर्स ऐसे लोगों की तलाश करते हैं, जिन्होंने अमेरिका में पढ़ाई की हो। उनके मुताबिक, ऐसे लोगों को कट्टर बनाया जाता है और फिर अपने देश लौटकर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के लिए फंडिंग दी जाती है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों का असर संबंधित देश के विकास और शासन व्यवस्था पर पड़ सकता है। मिलबेन ने प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक सफर का बचाव करते हुए कहा कि वह लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में हैं और ऐसी बाहरी ताकतों के सामने नहीं झुकेंगे। ये आरोप मिलबेन के अपने दावे हैं। इनके समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है।

दीपके पहले ही विदेशी फंडिंग के आरोप नकार चुके
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके पहले भी संगठन की फंडिंग को लेकर उठे सवालों का जवाब दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि आंदोलन का खर्च वह और उनके दोस्त मिलकर उठाते हैं। उन्होंने किसी बड़े उद्योगपति या बाहरी डोनर से आर्थिक मदद मिलने के आरोपों को खारिज किया था।
दीपके ने अपनी अमेरिका में पढ़ाई के खर्च को लेकर भी सफाई दी थी। अगस्त 2026 में उन्होंने बताया था कि उनकी पढ़ाई का खर्च Boston University की स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के जरिए पूरा हुआ था।
इस तरह फिलहाल फंडिंग को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। मिलबेन ने अमेरिकी डोनर्स से मदद मिलने का आरोप लगाया है, जबकि दीपके विदेशी आर्थिक मदद से इनकार कर चुके हैं।

CJP की फंडिंग पर पहले भी उठे सवाल
CJP की फंडिंग को लेकर भारत में पहले भी सवाल उठाए गए थे। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने दीपके की अमेरिकी पढ़ाई के खर्च को लेकर सवाल किए थे। वहीं, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी विपक्ष और CJP पर विदेशी मदद के जरिए देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
अगस्त 2026 में एक RTI कार्यकर्ता ने भी दीपके की पढ़ाई के खर्च और CJP के कानूनी सहायता फंड की जांच की मांग की थी। हालांकि, इन सवालों और आरोपों को अपने आप में विदेशी फंडिंग का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
दिल्ली प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद
CJP हाल के दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के कारण चर्चा में है। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे हैं। चुनाव आयोग ने किसी भी पक्षपात के आरोप से इनकार किया है।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े पूर्व छात्रों के दो समूहों के बयान भी सामने आए। एक बयान में प्रदर्शनकारियों के साथ कथित पुलिस ज्यादती और हिरासत को लेकर चिंता जताई गई, जबकि दूसरे समूह ने संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ अभियान चलाए जाने के दावों पर चिंता व्यक्त की। इन बयानों को लेकर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

मैरी मिलबेन पहले भी मोदी सरकार का समर्थन कर चुकी हैं
अमेरिकी सिंगर और अभिनेत्री मैरी मिलबेन भारत में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की प्रस्तुति के बाद चर्चा में आई थीं। उन्होंने अगस्त 2022 में भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रगान गाया था। जून 2023 में प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान भी उन्होंने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया था।
मिलबेन इससे पहले किसान आंदोलन, मणिपुर हिंसा, BBC की डॉक्यूमेंट्री ‘India: The Modi Question’ और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) जैसे मुद्दों पर भी मोदी सरकार के समर्थन में बयान दे चुकी हैं।
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