अब ITI में मिलेगी इंडस्ट्री जैसी ट्रेनिंग : 30 संस्थान होंगे आधुनिक, ₹1,446 करोड़ का निवेश; BSP और NMDC से करार
News Affair Team
Wed, Oct 14, 2026
रायपुर.
छत्तीसगढ़ के 30 सरकारी ITI को आधुनिक बनाने के लिए ₹1,446 करोड़ खर्च करने की योजना है। इसके तहत दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए भिलाई स्टील प्लांट (BSP) और NMDC के साथ बुधवार को समझौता हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में हुए इन करारों के बाद ITI में उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण, आधुनिक मशीनें और तकनीकी सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा। योजना के तहत प्रदेश के 6 क्लस्टरों में 6 हब और 24 स्पोक ITI का उन्नयन प्रस्तावित है।

दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्र तक पहुंचेगी तकनीकी शिक्षा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर जैसे जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इससे उन्हें स्थानीय और प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का लाभ लेने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और औद्योगिक जरूरतों के बीच युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना जरूरी है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के उद्योगों को कुशल मानव संसाधन यहीं उपलब्ध हो और युवा अपने कौशल के अनुरूप रोजगार के साथ स्वरोजगार के अवसर भी हासिल कर सकें।
रोजगार, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि ITI के आधुनिकीकरण और उद्योगों की सीधी भागीदारी से प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ेगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
5 साल में रायपुर, दुर्ग, बस्तर सहित 6 क्लस्टर में होगा काम
प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITI (PM-SETU) योजना के तहत दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़ और रायपुर क्लस्टर चुने गए हैं। प्रत्येक क्लस्टर में करीब ₹241 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है।
योजना में हब ITI के लिए ₹81 करोड़ और प्रत्येक स्पोक ITI के लिए ₹40 करोड़ का प्रावधान बताया गया है। वित्तीय हिस्सेदारी केंद्र सरकार की 50%, राज्य सरकार की 33% और उद्योग भागीदार की 17% होगी। इससे ITI में आधुनिक मशीनें, उपकरण, प्रयोगशालाएं और प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
दुर्ग में BSP और बस्तर में NMDC संभालेगा उद्योग भागीदारी
दुर्ग क्लस्टर में शासकीय ITI दुर्ग को हब बनाया जाएगा। ITI भिलाई, महिला ITI भिलाई, राजनांदगांव और डौंडीलोहारा को स्पोक संस्थानों के रूप में शामिल किया गया है। भिलाई स्टील प्लांट की औद्योगिक विशेषज्ञता का उपयोग प्रशिक्षण को वास्तविक कार्य जरूरतों से जोड़ने में किया जाएगा।
बस्तर क्लस्टर में शासकीय ITI बस्तर हब होगा। जगदलपुर, गीदम, कोंडागांव और नारायणपुर के ITI स्पोक संस्थान होंगे। यहां NMDC की भागीदारी से युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देने की योजना है।
कोरबा और सरगुजा में भी उद्योगों से बातचीत
सरगुजा क्लस्टर के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने उद्योग भागीदार बनने पर सहमति दी है। यहां ऑपरेटिंग पार्टनर के रूप में टाटा IIS का चयन किया गया है। हालांकि, समझौते की प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है।
कोरबा क्लस्टर के लिए NTPC कोरबा ने भागीदारी पर सहमति दी है। ऑपरेटिंग पार्टनर के चयन की प्रक्रिया जारी है। रायपुर और रायगढ़ क्लस्टर के लिए भी उद्योग भागीदार चुनने की प्रक्रिया चल रही है। रायपुर के लिए निविदा जारी की गई है, जबकि रायगढ़ क्लस्टर के लिए NTPC लारा से प्रारंभिक चर्चा की जा रही है।
हब-स्पोक मॉडल से साझा होंगे संसाधन
योजना में हब ITI को आधुनिक प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उनसे जुड़े स्पोक ITI भी उपकरणों, विशेषज्ञों और प्रशिक्षण सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।
उद्योगों की भागीदारी से प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को जरूरत के मुताबिक अपडेट करने, प्रशिक्षकों का कौशल बढ़ाने और विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने पर जोर रहेगा।
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