'सुकमा कनेक्ट 2.0’...अब गांव-गांव पहुंचेगा सरकारी सिस्टम : केंद्र से मिलेंगे ₹1.17 करोड़; 24 घंटे कॉल सेंटर, 198 स्कूल-आश्रमों की डिजिटल निगरानी
News Affair Team
Wed, Oct 14, 2026
सुकमा.
बस्तर के दूरस्थ गांवों में सरकारी योजनाओं और नागरिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए सुकमा जिले की पहल ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ को केंद्र सरकार से ₹1.17 करोड़ की वित्तीय मंजूरी मिली है। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) ने इसे ‘स्टेट कोलैबोरेशन इनिशिएटिव’ के तहत देश के 14 चयनित प्रस्तावों में शामिल किया है।
इस परियोजना के तहत स्थानीय बोलियों में 24 घंटे चलने वाला बहुभाषी कॉल सेंटर शुरू करने और दो मोबाइल सेवा वैन के जरिए गांवों तक नागरिक सुविधाएं पहुंचाने की योजना है। इसके अलावा जिले के 198 आवासीय स्कूलों और आश्रमों में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू करने तथा योजनाओं की निगरानी के लिए डिजिटल डैशबोर्ड विकसित करने का प्रस्ताव है।
पहले चरण में 40 हजार से ज्यादा कॉल, हजारों लोगों को मिला लाभ
सुकमा में मार्च 2026 से केंद्रीकृत निगरानी एवं नियंत्रण केंद्र (CMCC 1.0) संचालित है। जिला प्रशासन के मुताबिक, इसके जरिए अब तक 40 हजार से अधिक फोन कॉल किए जा चुके हैं।
इस पहल के तहत अब तक:
10,078 आयुष्मान कार्ड बनाए गए।
11,103 नए मतदाता पहचान पत्र तैयार किए गए।
5,788 आधार नामांकन किए गए।
27,391 बायोमेट्रिक अपडेट किए गए।
452 महिला स्व-सहायता समूहों का गठन हुआ और 4,745 परिवारों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया।
इसी अनुभव के आधार पर अब ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ के जरिए सेवाओं का दायरा बढ़ाने की तैयारी है।
गांवों तक पहुंचेंगी मोबाइल वैन, स्थानीय बोलियों में मिलेगी मदद
सुकमा के अंदरूनी इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को कई सरकारी सेवाओं के लिए जिला मुख्यालय या दूसरे केंद्रों तक जाना पड़ता है। नई व्यवस्था में मोबाइल सेवा वैन दूरस्थ गांवों तक पहुंचेंगी और आधार समेत अन्य नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेंगी।
बहुभाषी कॉल सेंटर के जरिए लोग अपनी समस्याएं बता सकेंगे और योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। स्थानीय बोलियों में सहायता मिलने से उन ग्रामीणों को भी सुविधा होगी, जिन्हें हिंदी में अपनी समस्या बताने में कठिनाई होती है।
198 स्कूल-आश्रमों में डिजिटल हाजिरी
परियोजना में शिक्षा व्यवस्था की निगरानी भी शामिल है। जिले के 198 आवासीय विद्यालयों और आश्रमों में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू करने की योजना है। इसके साथ ही स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ने के लिए निगरानी व्यवस्था विकसित की जाएगी।
कलेक्टर स्तर पर बनने वाले डिजिटल डैशबोर्ड में नागरिक सेवाओं, सरकारी योजनाओं और शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी एक जगह उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति और सेवाओं की उपलब्धता पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
सेवा संकल्प अभियान की भावना से जुड़ी पहल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार दूरस्थ और आदिवासी अंचलों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने पर जोर दे रही है। ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ इसी दिशा में तकनीक और प्रशासनिक समन्वय के इस्तेमाल की पहल है।
जिला प्रशासन के अनुसार, कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में CMCC 1.0 का संचालन किया जा रहा है।
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