Advertisment

News Affair में आपका हार्दिक स्वागत है — आपकी अपनी हिंदी न्यूज़ पोर्टल, जहाँ हर खबर मिलती है सही, सटीक और सबसे पहले।

हमारे साथ जुड़िए देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों, राजनीति, खेल, मनोरंजन, व्यापार और तकनीक की हर बड़ी अपडेट के लिए। हम हैं आपकी आवाज़, आपके सवाल और आपकी जिज्ञासा के साथ — निष्पक्ष, निर्भीक और नई सोच के साथ।

21st August 2026

ब्रेकिंग

रामगोपाल अग्रवाल के रायपुर-धमतरी ठिकानों पर 9 घंटे जांच; दुर्ग में बिल्डरों के घर भी दबिश

सूटकेस में शव भरकर एक्सप्रेसवे पर फेंका; 4 साल बाद मां-बाप को उम्रकैद

CWC में युवाओं-किसानों के मुद्दे उठे; छत्तीसगढ़ से भी सीधा कनेक्शन

पुराने रिश्तों के ताने से प्रेग्नेंसी विवाद तक; CBI की 636 पन्नों की चार्जशीट में पति-सास पर आरोप

20 मिनट तक हंगामा, 55 बार गाली देने का दावा; FIR दर्ज

आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर ED की बड़ी कार्रवाई : 10 ठिकानों पर छापे; सरकारी ठेकों के पैसे यूनिवर्सिटी तक पहुंचाने की जांच

रामपुर/सहारनपुर/दिल्ली.

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और जेल में बंद आजम खान से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े करीब 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। कार्रवाई रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में हुई। ED की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत PMLA की धारा 17 में की गई है।

रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी में सुबह ED की टीम पहुंची। अधिकारियों ने वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की। जांच का मुख्य फोकस कथित तौर पर सरकारी ठेकों से जुड़े पैसों के निजी ठेकेदारों के जरिए ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी तक पहुंचने पर है।

ठेकेदारों से ट्रस्ट तक पैसे पहुंचने की जांच

ED के मुताबिक जांच में कुछ निजी ठेकेदारों और जौहर ट्रस्ट के बीच वित्तीय लेन-देन सामने आया है। एजेंसी को शक है कि सरकारी ठेके हासिल करने वाले कुछ ठेकेदारों ने कथित तौर पर बड़ी रकम ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी तक पहुंचाई। इसमें डोनेशन और निर्माण कार्यों से जुड़े भुगतान शामिल होने की जांच की जा रही है।

अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि रकम का स्रोत क्या था, किन लोगों और कंपनियों के जरिए पैसा ट्रस्ट तक पहुंचा और उसका इस्तेमाल किन संपत्तियों या निर्माण कार्यों में किया गया।

सहारनपुर में CA के घर-दफ्तर पर भी कार्रवाई

ED की टीम ने सहारनपुर में जौहर ट्रस्ट से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक गुप्ता के ठिकानों पर भी तलाशी ली। उनके अंबाला रोड स्थित कार्यालय और दिल्ली रोड स्थित आवास की जांच की गई। यहां वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले गए। दिल्ली में भी जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े ठिकानों पर जांच की गई।

2019 से जांच के दायरे में है मामला

जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय मामलों की ED जांच नई नहीं है। एजेंसी ने वर्ष 2019 में आजम खान से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच शुरू की थी। अब सामने आए वित्तीय लेन-देन के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

38 इमारतों के ध्वस्तीकरण का मामला भी चर्चा में

ED की कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब जौहर यूनिवर्सिटी पहले से ही निर्माण को लेकर विवाद में है। रामपुर प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को आवश्यक अनुमति के बिना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का आदेश दिया था। बाद में मंडलीय आयुक्त की अदालत ने इस कार्रवाई पर रोक लगा दी। मामला अभी कानूनी प्रक्रिया में है।

सपा ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक

ED की कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

https:

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा-

शिक्षा, शिक्षक व शिक्षार्थी विरोधी, स्कूलबंद करवानेवाले भाजपाई और उनके संगी-साथी यूनिवर्सिटी बनानेवालों के ख़िलाफ़ ED की छापेमारी कर रहे हैं जिससे कि उनके 1-2% बचे हुए साम्प्रदायिक संकीर्ण सोच के कुतर्की समर्थकों को संतुष्ट कर पाएं, जबकि उन भ्रष्टाचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

पूर्व सांसद एसटी हसन ने कहा-

आजम खान के ठिकानों पर पहले भी छापे पड़ चुके हैं और इस बार भी कुछ नहीं मिलने की उम्मीद है।

वहीं घोसी सांसद राजीव राय ने कार्रवाई को राजनीतिक बताया और कहा कि चुनाव नजदीक आने के साथ सरकार का दबाव बढ़ रहा है।

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने ED की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी क्यों है विवादों में?

जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना 2006 में आजम खान से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के माध्यम से हुई थी। यूनिवर्सिटी लंबे समय से जमीन, निर्माण और वित्तीय मामलों को लेकर विवादों में रही है। इसके खिलाफ जमीन से जुड़े कई मामले भी सामने आए हैं।

अब ED की जांच का केंद्र सरकारी ठेकों की रकम और यूनिवर्सिटी-ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन पर है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

PMLA के तहत ED को क्या अधिकार?

PMLA यानी Prevention of Money Laundering Act के तहत ED मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच करती है। कानून के तहत निर्धारित परिस्थितियों में एजेंसी तलाशी, दस्तावेज और संपत्ति की जब्ती तथा गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई कर सकती है। संपत्ति की कुर्की और उसकी पुष्टि की प्रक्रिया भी कानून में निर्धारित है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन