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21st August 2026

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झारखंड में 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द, 2,394 की नौकरी गई : सफल अभ्यर्थी हाईकोर्ट पहुंचे; 23 परीक्षाओं की CID जांच, 45 भर्तियां जांच के घेरे में

News Affair Team

Thu, Aug 20, 2026

रांची.

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार के एक फैसले से हजारों अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरकार ने मंगलवार देर रात जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, जेएसएससी सीजीएल समेत 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दीं। इनमें चार ऐसी परीक्षाएं हैं, जिनकी पूरी प्रक्रिया के बाद नियुक्तियां भी हो चुकी थीं। इन भर्तियों से जुड़े 2,394 अफसरों और कर्मचारियों की नौकरी खत्म हो गई।

नौकरी गंवाने वाले सफल अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया है। मामले पर गुरुवार को सुनवाई होनी है। दूसरी ओर, सरकार ने 23 अन्य परीक्षाओं की जांच CID को सौंपने का फैसला किया है। इन्हें मिलाकर अब तक 45 भर्ती परीक्षाएं जांच के दायरे में आ गई हैं।

2,394 नियुक्तियां रद्द, 3,051 पदों पर हुई थी भर्ती

रद्द की गई 22 परीक्षाओं के जरिए कुल 3,051 पदों पर नियुक्तियां होनी थीं। इनमें चार परीक्षाओं की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।

नौकरी गंवाने वालों में-

  • JSSC CGL: 1,932 कर्मचारी

  • JPSC 11वीं-13वीं: 342 अधिकारी

  • CDPO: 64 अधिकारी

  • Food Safety Officer: 56 अधिकारी

यानी एक ही फैसले से कुल 2,394 नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं।

23 परीक्षाओं में 2,044 नियुक्तियां भी जांच के घेरे में

सरकार ने 23 अन्य परीक्षाओं की जांच CID को सौंपी है। इन परीक्षाओं के जरिए नियुक्त करीब 2,044 अधिकारी-कर्मचारी भी जांच के दायरे में हैं। जांच में गड़बड़ी सामने आने पर इनकी नौकरी पर भी संकट खड़ा हो सकता है। 2010 में हुई कॉमर्शियल टैक्स (सीमित) परीक्षा समेत अब तक की 45 परीक्षाओं की जांच हो रही है।

सफल अभ्यर्थी हाईकोर्ट पहुंचे

सरकार के फैसले के बाद नियुक्ति पा चुके अभ्यर्थियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि परीक्षा में सफल होने और नियुक्ति मिलने के बाद अब सामूहिक रूप से नौकरी खत्म करना उनके साथ अन्याय है। इसी फैसले के खिलाफ प्रभावित अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। आज होने वाली सुनवाई पर हजारों अभ्यर्थियों की नजर है।

26 दिन बाद छात्रों ने आंदोलन स्थगित किया

भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्रों का आंदोलन बुधवार को स्थगित कर दिया गया। आंदोलन 26 दिनों से जारी था।

छात्रों ने सरकार को समस्याओं के समाधान के लिए दो महीने का अल्टीमेटम दिया है। सरकार की ओर से परीक्षा सुधारों को लेकर कमेटी बनाने और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए मॉनिटरिंग सेल बनाने की बात कही गई है।

854 ASO के हटने से सचिवालय में कामकाज प्रभावित

फैसले का असर सचिवालय के कामकाज पर भी दिखाई दिया। जेएसएससी सीजीएल के जरिए नियुक्त 854 सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (ASO) बुधवार को कार्यालय नहीं पहुंचे। नौकरी से हटाए गए इन कर्मचारियों ने प्रोजेक्ट भवन के सामने प्रदर्शन किया।

ASO कई विभागों में फाइलों की प्रक्रिया और रिकॉर्ड के काम में अहम भूमिका निभाते हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारियों के हटने से विभागीय कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बन गई है।

प्रोजेक्ट भवन में धरना, फिर आक्रोश मार्च

नौकरी से हटाए गए JSSC CGL अभ्यर्थी बुधवार को दूसरे दिन भी प्रोजेक्ट भवन के सामने धरने पर बैठे। दोपहर करीब एक बजे प्रदर्शनकारी मंत्रालय परिसर में प्रवेश कर धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे बाद वे खुद बाहर निकल आए। शाम को प्रदर्शनकारियों ने प्रोजेक्ट भवन से हटिया चौक तक आक्रोश मार्च निकाला।

सरकार कराएगी परीक्षा सुधारों की समीक्षा

सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर आगे की व्यवस्था में बदलाव के संकेत दिए हैं। जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े मामलों के लिए सरकार हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट का आग्रह करेगी।

इसके अलावा आयोगों में मॉनिटरिंग सेल बनाया जाएगा। परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक परीक्षा रिफॉर्म कमेटी गठित की गई है, जिसे दो महीने में अपनी रिपोर्ट देनी है।

अब अगली नजर हाईकोर्ट के फैसले पर

एक तरफ सरकार भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ नियुक्ति पा चुके हजारों अभ्यर्थी अपनी नौकरी बचाने के लिए अदालत पहुंचे हैं। आज हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई यह तय करने की दिशा में अहम पड़ाव होगी कि पहले से नियुक्त अभ्यर्थियों की नौकरी पर सरकार का फैसला कायम रहेगा या उन्हें कोई राहत मिलेगी।

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