प्रयागराज में अफसरों पर भड़के सांसद संजय सिंह : कहा- क्या लोकतंत्र में चर्चा करना भी अपराध है?; बिजली काटी गई, ADM-DCP से बहस
News Affair Team
Mon, Jun 1, 2026
प्रयागराज.
उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक के मुद्दे पर सियासत तेज होती जा रही है। सोमवार को प्रयागराज पहुंचे आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एवं यूपी प्रभारी संजय सिंह का प्रशासनिक अधिकारियों से आमना-सामना हो गया। सर्किट हाउस में प्रतियोगी छात्रों के साथ चल रहे संवाद कार्यक्रम के दौरान एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य पुलिस बल के साथ पहुंचे और कार्यक्रम पर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
संजय सिंह ने अधिकारियों के हस्तक्षेप पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर छात्रों से चर्चा करना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है और सांसद के अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

"क्या पेपर लीक पर बात करना गुनाह है?"
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एडीएम सिटी ने सांसद से अलग कमरे में चलकर बातचीत करने का आग्रह किया था। इसी बात पर संजय सिंह नाराज हो गए। उन्होंने अपनी सीट से उठने से इनकार करते हुए अधिकारियों से सवाल किया कि क्या छात्रों से संवाद करना कानून-व्यवस्था के लिए खतरा है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई सार्वजनिक स्थल पर कार्यक्रम होता तो प्रशासन की आपत्ति समझी जा सकती थी, लेकिन बंद सभागार में छात्रों से चर्चा रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। सांसद ने इस मामले को विशेषाधिकार हनन बताते हुए संसद की प्रिविलेज कमेटी तक ले जाने की चेतावनी दी।
अधिकारियों ने अनुमति न होने का दिया तर्क
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना था कि सर्किट हाउस परिसर में छात्रों के साथ बड़े स्तर पर संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। इसी कारण अधिकारियों ने कार्यक्रम के संबंध में जानकारी लेने और आवश्यक दिशा-निर्देश देने की कोशिश की।
हालांकि कुछ मिनटों की बहस के बाद अधिकारी दूसरे कक्ष में चले गए और कार्यक्रम जारी रहा। करीब एक घंटे तक छात्रों और सांसद के बीच भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर चर्चा होती रही।
मीडिया से बातचीत के दौरान बिजली गुल होने का आरोप
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब संजय सिंह मीडिया से बातचीत करने बाहर निकले तो सभागार की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आप नेताओं और छात्रों ने इसे संयोग मानने से इनकार करते हुए प्रशासन पर सवाल उठाए। हालांकि प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
दो छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया
इसी बीच पुलिस ने संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच के संयोजक पंकज पांडेय और छात्र नेता आशुतोष पांडेय को हिरासत में ले लिया। आशुतोष कार्यक्रम में संजय सिंह के साथ मौजूद थे, जबकि पंकज को कर्नलगंज क्षेत्र से पकड़ा गया।
दोनों छात्र हाल ही में हुए प्रतियोगी छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। पुलिस फिलहाल हिरासत की वजहों को लेकर विस्तृत जानकारी देने से बच रही है।
29 मई को सड़कों पर उतरे थे हजारों छात्र
गौरतलब है कि 29 मई को प्रयागराज में बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र सड़कों पर उतरे थे। छात्रों ने नीट पेपर लीक सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार की मांग उठाई थी।
छात्र संगठनों का आरोप है कि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा विवादों से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसी क्रम में संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच ने 12 जून को "लखनऊ चलो" आंदोलन की घोषणा भी की है।
तीन कोचिंग संस्थानों पर भी हुई कार्रवाई
छात्र आंदोलन के बाद प्रयागराज विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग ने शहर के तीन प्रमुख कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई नियामकीय और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आधार पर की गई है।
वहीं संजय सिंह ने इसे छात्रों के आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश बताते हुए कहा कि सरकार भर्ती घोटालों और पेपर लीक पर जवाब देने के बजाय विरोध करने वालों पर कार्रवाई कर रही है।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर गरमाई राजनीति
दरोगा भर्ती और लेखपाल परीक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर प्रशासन और सरकार का दावा है कि भर्ती प्रक्रियाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल प्रयागराज में छात्रों का आंदोलन और उससे जुड़ी राजनीतिक गतिविधियां आगामी दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही हैं।
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