45 साल के IIT इंजीनियर का फ्लैट में मिला शव : अकेले रहता था, भाई अमेरिका में; 3-4 दिन पुराना शव होने की आशंका
News Affair Team
Sat, Sep 12, 2026
लखनऊ.
सहारा एस्टेट के मल्हार अपार्टमेंट में 45 वर्षीय IIT इंजीनियर अभिषेक त्रिपाठी का शव उनके फ्लैट से मिला है। शुक्रवार सुबह फ्लैट से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। सोफे पर अभिषेक का शव पड़ा था।
पुलिस के मुताबिक, शव करीब 3-4 दिन पुराना है। अभिषेक फ्लैट में अकेले रहते थे और उन्होंने शादी नहीं की थी। करीब चार साल पहले उनकी नौकरी चली गई थी। इसके बाद से वह मानसिक परेशानी से जूझ रहे थे। फिलहाल पोस्टमार्टम में भी मौत की वजह साफ नहीं हो सकी है।

कोरोना में गोरखपुर आए, नौकरी जाने के बाद परेशान रहने लगे
परिवार के मुताबिक अभिषेक पढ़ाई में काफी होनहार थे। उन्होंने IIT से इंजीनियरिंग की थी और नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते थे। कोरोना के दौरान वर्क फ्रॉम होम के चलते वह गोरखपुर आ गए थे।
करीब चार साल पहले उनकी नौकरी चली गई। इसके बाद उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित होने लगी। परिवार ने लखनऊ में उनका इलाज भी कराया, लेकिन परेशानी पूरी तरह दूर नहीं हुई।

बीमारी के बाद व्यवहार बदला, लोगों का मिलना-जुलना कम हुआ
अभिषेक की बहन गुड़िया उर्फ अर्चना ने बताया कि बीमारी के बाद उनके भाई के व्यवहार में बदलाव आ गया था। कई बार वह लोगों से अभद्र भाषा में बात कर देते थे। इसका असर रिश्तों पर भी पड़ा और धीरे-धीरे रिश्तेदारों व परिचितों का उनके घर आना कम हो गया। अभिषेक के छोटे भाई अंबरीष अमेरिका में IT इंजीनियर हैं। वह भाई के खर्च के लिए पैसे भेजते थे। बहन और छोटा भाई समय-समय पर उनसे मिलने भी आते थे।

पड़ोसियों ने बताया- कई दिन से नजर नहीं आए थे
पड़ोसियों के मुताबिक अभिषेक पिछले 3-4 दिनों से दिखाई नहीं दिए थे। वह ज्यादातर समय फ्लैट के अंदर ही रहते थे और लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। शुक्रवार सुबह फ्लैट से तेज बदबू आने के बाद पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर अभिषेक का शव मिला।
पिता सिंचाई विभाग में EXEN थे, दोनों बड़े सदस्यों की पहले मौत
परिवार मूल रूप से कुशीनगर के महासोन गांव का रहने वाला है। अभिषेक के पिता सभा त्रिपाठी सिंचाई विभाग में एक्सईएन पद से रिटायर्ड थे। उनकी करीब 16 साल पहले मौत हो गई थी। इसके तीन साल बाद मां का भी निधन हो गया।
अभिषेक के बड़े भाई आशुतोष बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सुरक्षा गार्ड रहे थे। 2014 में चेन्नई में बीमारी के चलते उनकी मौत हो गई थी। बहन गुड़िया अपने पति के साथ गोरखपुर में रहती हैं।

अमेरिका से गोरखपुर के लिए रवाना हुआ छोटा भाई
अभिषेक की मौत की सूचना मिलने के बाद उनके छोटे भाई अंबरीष अमेरिका से गोरखपुर के लिए रवाना हो गए हैं। परिवार के मुताबिक उनके पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पुलिस बोली- मोबाइल लॉक, कमरे का सामान बिखरा मिला
सीओ कीर्ति निधि आनंद के मुताबिक अभिषेक करीब 3-4 दिन से फ्लैट से बाहर नहीं निकले थे। दरवाजा अंदर से बंद था। कमरे में सामान बिखरा हुआ मिला है। पुलिस ने मोबाइल को भी कब्जे में लिया है। मोबाइल लॉक है और उसे खुलवाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही मौत की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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