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5th September 2026

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‘Ex-Muslim’ यूट्यूबर पर चाकू के 14 वार : CCTV में भागते हमलावर और ICU में जिंदगी की जंग; सलीम वास्तिक पर हमला क्यों?

News Affair Team

Sun, Mar 1, 2026

गाजियाबाद.

सुबह का वक्त था। ऑफिस का दरवाजा खुला था। अंदर एक आदमी अपनी कुर्सी पर बैठा था—लैपटॉप, कैमरा और कुछ कागज सामने रखे हुए। तभी हेलमेट पहने दो लोग बाइक से आए। बिना कुछ बोले अंदर घुसे। और फिर जो हुआ, उसने पूरे गाजियाबाद को हिला दिया।

14 बार चाकू चला। सीना, पेट, गर्दन, हाथ, पैर, शरीर का कोई हिस्सा नहीं छोड़ा। गला तक रेतने की कोशिश हुई। हमलावरों का मकसद साफ था—सामने बैठा आदमी जिंदा नहीं बचना चाहिए।

लेकिन वह बच गया। अभी भी जिंदा है। ICU में है। और जिंदगी की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रहा है। नाम है, सलीम वास्तिक।

55 गज का घर, और एक यूट्यूब चैनल जिसने सब बदल दिया

करीब डेढ़ साल पहले सलीम ने लोनी के अंकुर विहार इलाके में 55 गज का एक छोटा सा घर बनवाया। घर के बाहर ही एक छोटा ऑफिस बनाया। यहीं से उन्होंने अपने विचार दुनिया तक पहुंचाने शुरू किए।

उन्होंने एक यूट्यूब चैनल बनाया—“Salim Vastik 0007”। धीरे-धीरे लोग जुड़ने लगे। उनके चैनल पर 30 हजार से ज्यादा सब्सक्राइबर हो गए। लाखों व्यूज आने लगे। लेकिन उनकी असली पहचान तब बनी, जब उन्होंने खुद को “Ex-Muslim” घोषित किया।

उन्होंने वीडियो में इस्लामी परंपराओं, तीन तलाक, हलाला और मदरसों की शिक्षा पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। उनकी भाषा सीधी होती थी। बिना लाग-लपेट के। और शायद यही उनकी सबसे बड़ी ताकत भी थी, और सबसे बड़ा खतरा भी।

धमकियां मिल रही थीं, इसलिए परिवार को अलग रखा

सलीम को अंदाजा था कि वह सुरक्षित नहीं हैं। उन्हें कई बार धमकियां मिली थीं। कहा गया था- वीडियो बनाना बंद करो। मजहब पर बोलना बंद करो। लेकिन उन्होंने रुकना नहीं चुना।

सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे उस्मान को दिल्ली के अशोक विहार में रखा। खुद लोनी में रहते थे। यानी वह जानते थे कि खतरा है। लेकिन शायद उन्हें अंदाजा नहीं था कि हमला इतना खतरनाक होगा।

हमले का दिन: जब मौत ऑफिस तक पहुंच गई

शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे सलीम अपने ऑफिस में अकेले बैठे थे। तभी बिना नंबर प्लेट की बाइक पर दो लोग आए। एक ने हेलमेट पहना था, जैकेट और जींस पहने हुए था। दूसरा कुर्ता-पायजामा में था।

दोनों सीधे अंदर घुसे। कोई बहस नहीं हुई। कोई चेतावनी नहीं दी गई। सीधे चाकू निकाला और हमला शुरू कर दिया। 14 बार चाकू मारा गया। सबसे खतरनाक वार गर्दन पर किया गया। गला काटने की कोशिश की गई।

सलीम जमीन पर गिर पड़े। खून बह रहा था। हमलावर भाग गए।

पड़ोसी पहुंचे, अस्पताल पहुंचाया, ICU में जिंदगी की जंग

चीख सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। सलीम जमीन पर पड़े थे, खून से लथपथ। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर थी। बाद में उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन किया। गले का ऑपरेशन हो चुका है। पेट का ऑपरेशन बाकी है। लिवर डैमेज हुआ है। इंटरनल ब्लीडिंग हो रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, हालत अभी भी गंभीर है।

CCTV में दिखे हमलावर, पुलिस ने खंगाले 180 कैमरे

हमलावर भागते हुए CCTV में दिखे हैं। पुलिस ने अब तक 180 CCTV कैमरे खंगाले हैं। फुटेज में दोनों हमलावर बाइक से दिल्ली की तरफ जाते हुए दिखे हैं। बाइक TVS कंपनी की बताई जा रही है।

दोनों हेलमेट पहने हुए थे, ताकि पहचान न हो सके। पुलिस को शक है कि हमले की प्लानिंग पहले से की गई थी। यह अचानक हुआ हमला नहीं था। यह रेकी के बाद किया गया हमला था।

बेटे ने दर्ज कराई FIR, AIMIM नेता समेत कई नामजद

सलीम के बेटे उस्मान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। FIR में कई लोगों को नामजद किया गया है-

  • भाटी बिल्डर

  • AIMIM नेता अजगर

  • अशरफ

  • शाहरुख

  • सोनू

परिवार का आरोप है कि यह हमला सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। सिर्फ दो हमलावर नहीं थे। इसके पीछे पूरा नेटवर्क हो सकता है। पुलिस इस एंगल से जांच कर रही है।

कौन हैं सलीम वास्तिक?

सलीम की जिंदगी हमेशा ऐसी नहीं थी। उन्होंने खुद अपने वीडियो में बताया था, उन्होंने दीनी तालीम ली। नमाज पढ़ते थे। मस्जिद जाते थे। उनका परिवार धार्मिक था। लेकिन समय के साथ उन्होंने सवाल पूछने शुरू किए।

उन्होंने कहा कि कुछ प्रथाएं गलत हैं। महिलाओं को बराबरी नहीं मिलती। और फिर उन्होंने इस्लाम छोड़ने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने अपने विचार सार्वजनिक रूप से रखना शुरू किया।

सोशल मीडिया पर पहले ही कहा था- मुझे डराया जा रहा है

हमले से कुछ दिन पहले ही सलीम ने एक वीडियो पोस्ट किया था। उसमें उन्होंने कहा था-

“मेरा फेसबुक और इंस्टाग्राम डिलीट कर दिया गया। 3.5 लाख फॉलोअर्स थे। लेकिन मैं डरूंगा नहीं।”

उन्होंने साफ कहा था-

“तुम लोग मुझे चुप नहीं करा सकते।”

अब वही वीडियो चर्चा में है। लोग कह रहे हैं, उन्हें पहले से खतरे का अंदाजा था।

अस्पताल के बाहर राजनीति और प्रदर्शन

हमले की खबर फैलते ही अस्पताल के बाहर भीड़ जमा हो गई। राजनीतिक और सामाजिक संगठन पहुंचे। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात की।

कुछ संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी।

स्थिति को कंट्रोल करने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई।

पुलिस क्या कह रही है?

लोनी के ACP सिद्धार्थ गौतम ने कहा- हमले की जांच चल रही है। CCTV फुटेज देखे जा रहे हैं। आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द गिरफ्तारी होगी।

पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है, वैचारिक रंजिश, व्यक्तिगत दुश्मनी और साजिश सब कुछ जांच के दायरे में है।

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