खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में बवाल : मिसाइलें, प्रदर्शन, फ्लाइट कैंसिल, जहाज फंसे; पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास पर हमला
नईदिल्ली.
दुनिया के नक्शे पर एक इलाका है, मिडिल ईस्ट। तेल, ताकत और तकरार, तीनों का केंद्र। और आज वही इलाका युद्ध की आग में जल रहा है। अमेरिका और इजराइल ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हवाई हमले किए।
जवाब में ईरान ने भी आसमान को जंग का मैदान बना दिया। मिसाइलें दागीं, ड्रोन उड़ाए, और हमला सिर्फ इजराइल तक सीमित नहीं रखा—बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
लेकिन इस जंग की सबसे बड़ी खबर आई सुबह, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि। यह खबर सिर्फ एक मौत की खबर नहीं थी। यह एक भूचाल था। एक ऐसा भूचाल, जिसने ईरान से लेकर भारत तक, पाकिस्तान से लेकर UAE तक—हर जगह असर डाला।

खामेनेई की मौत: एक नेता गया, लेकिन जंग और भड़क गई
ईरान में खामेनेई सिर्फ एक राजनीतिक नेता नहीं थे। वे धार्मिक और राजनीतिक दोनों ताकतों का केंद्र थे। उनकी मौत की खबर आते ही ईरान में गुस्सा फूट पड़ा। ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।
कतर, दुबई, अबू धाबी—इन शहरों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें आईं। कतर में मौजूद भारतीयों ने हमलों के वीडियो शेयर किए। वीडियो में आसमान में धमाके, सायरन की आवाज और लोगों की घबराहट साफ दिख रही थी।
एक भारतीय छात्र ने बताया-
“हर 15 मिनट में धमाका हो रहा है। हम नहीं जानते अगला हमला कहां होगा।”


पाकिस्तान में बवाल: अमेरिकी दूतावास पर हमला, 12 की मौत
खामेनेई की मौत की खबर पाकिस्तान पहुंची तो कराची की सड़कों पर हजारों लोग उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए।
भीड़ इतनी आक्रामक हो गई कि उसने अमेरिकी दूतावास की ओर बढ़ना शुरू कर दिया।
स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख सुरक्षाकर्मियों ने फायरिंग की। इस फायरिंग में 12 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल हुए। कराची की सड़कें जंग के मैदान जैसी दिख रही थीं।



भारत पर असर: 350 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल, हजारों यात्री फंसे
जंग का असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहा। भारत में भी इसका असर दिखा। 1 मार्च को भारत की 350 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल हो गईं। एयर इंडिया ने 50 इंटरनेशनल फ्लाइट रद्द कर दीं।
दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, अमृतसर—हर बड़े एयरपोर्ट पर यात्री फंसे हुए हैं। एयरपोर्ट पर 24-24 घंटे से लोग इंतजार कर रहे हैं। इंडिगो ने भी कई इंटरनेशनल फ्लाइट सस्पेंड कर दी हैं।
दुबई में फंसीं PV सिंधु, सोनल चौहान ने मांगी मदद
भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु दुबई में फंस गईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा-
“हम जहां रुके थे, वहां धमाका हुआ।”
एक्ट्रेस सोनल चौहान ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी। सिर्फ सेलिब्रिटी ही नहीं, आम लोग भी फंसे हुए हैं। मध्य प्रदेश के 700 से ज्यादा लोग UAE में फंसे हुए हैं।
CBSE ने मिडिल ईस्ट में बोर्ड परीक्षा स्थगित की
जंग का असर बच्चों की पढ़ाई तक पहुंच गया। CBSE ने मिडिल ईस्ट के देशों में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दीं। इन देशों में परीक्षा टली, UAE, कतर, सऊदी अरब, कुवैत, ओमान, बहरीन और ईरान। नई तारीख जल्द घोषित होगी।

समुद्र में भी जंग का असर: 150 जहाज फंसे
होर्मुज स्ट्रेट- दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग। यहां 150 से ज्यादा जहाज फंस गए हैं। इनमें तेल और गैस ले जाने वाले टैंकर भी शामिल हैं। जहाज आगे नहीं बढ़ पा रहे। क्योंकि खतरा है—मिसाइल हमले का। यह दुनिया की तेल सप्लाई के लिए बड़ा खतरा है।
तेल टैंकर पर हमला, 15 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद
ओमान के पास एक तेल टैंकर पर हमला हुआ। इस टैंकर में 15 भारतीय क्रू मेंबर थे। हमले में 4 लोग घायल हुए। सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया।
लेकिन यह घटना दिखाती है—जंग अब सिर्फ जमीन और आसमान तक सीमित नहीं रही। समुद्र भी जंग का मैदान बन चुका है।



भारत में भी प्रदर्शन: मुंबई, दिल्ली, कश्मीर में विरोध
खामेनेई की मौत के खिलाफ भारत में भी प्रदर्शन हुए। मुंबई में शिया समुदाय सड़कों पर उतर आया। दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध हुआ। कश्मीर में बंद का ऐलान किया गया। स्कूल, कॉलेज 2 दिन के लिए बंद कर दिए गए।
खेल पर असर: फुटबॉल और क्रिकेट मैच रद्द
जंग का असर खेल पर भी पड़ा। एशियन चैंपियंस लीग के फुटबॉल मैच स्थगित कर दिए गए। पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच क्रिकेट मैच रद्द कर दिया गया। खिलाड़ियों को होटल से बाहर निकलने से मना किया गया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: भारत में भी बहस
भारत में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक बयान आने लगे।
AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा-
“यह अमानवीय हमला है। भारत को संतुलित भूमिका निभानी चाहिए।”
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा—
“ईरान का कमजोर होना भारत के लिए खतरा है।”
उन्होंने सरकार से पूछा-
“फंसे भारतीयों को निकालने की क्या योजना है?”
इजराइल का जवाब: हम सिर्फ सैन्य ठिकानों पर हमला कर रहे
इजराइल ने अपने हमले का बचाव किया। इजराइल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा-
“हम सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया—
“ईरान आम नागरिकों को निशाना बना रहा है।”
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