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29th September 2026

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बहन श्वेता का नया दावा; स्टन गन इस्तेमाल होने की बात कही

"सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पैर टूटा, आंख के पास चोट" : बहन श्वेता का नया दावा; स्टन गन इस्तेमाल होने की बात कही

News Affair Team

Mon, Sep 28, 2026

मुंबई.

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के करीब 6 साल बाद उनका मामला एक बार फिर चर्चा में है। उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने पोस्टमार्टम को लेकर नया दावा किया है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में श्वेता ने कहा कि उन्हें हाल में पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति की ओर से ऐसी जानकारी मिली, जिसके मुताबिक सुशांत के पैर में फ्रैक्चर था, आंखों पर चोट आई थी और स्टन गन के इस्तेमाल की बात सामने आई थी।

श्वेता ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि यह जानकारी उन्हें सीधे पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति ने दी या किसी अन्य माध्यम से मिली। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई मेडिकल रिकॉर्ड या अन्य साक्ष्य भी सार्वजनिक नहीं किया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

श्वेता बोलीं- ‘भाई के साथ बहुत फोर्स इस्तेमाल हुआ’

वीडियो में श्वेता ने कहा कि उन्हें हाल में पता चला कि उनके भाई का पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति ने स्टन गन के इस्तेमाल की बात बताई थी। उनके मुताबिक सुशांत का पैर टूटा था, काफी फोर्स का इस्तेमाल हुआ था और आंखों में भी चोट आई थी।

श्वेता ने लोगों से नफरत या बदले की भावना से दूर रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि न्याय के लिए लड़ाई जारी रखी जा सकती है, लेकिन इसे प्रेम और सकारात्मक भावना के साथ किया जाना चाहिए।

2020 की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया था?

श्वेता के नए दावों के सामने आने के बाद 2020 में सामने आए पोस्टमार्टम निष्कर्ष भी चर्चा में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक अंतिम पोस्टमार्टम में शरीर पर संघर्ष या अन्य बाहरी चोटों के निशान नहीं पाए गए थे और मौत का कारण फांसी से दम घुटना बताया गया था। उस समय तस्सर/स्टन गन से जुड़े दावों को भी पोस्टमार्टम निष्कर्षों के अनुरूप नहीं माना गया था। यानी श्वेता के ताजा दावे और उस समय सार्वजनिक किए गए मेडिकल निष्कर्षों में अंतर दिखाई देता है।

CBI ने 2025 में दाखिल की थी क्लोजर रिपोर्ट

सुशांत 14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। मामले की जांच बाद में CBI को सौंपी गई थी। मार्च 2025 में CBI ने मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। जांच एजेंसी के मुताबिक उसे सुशांत की मौत में फाउल प्ले या हत्या का सबूत नहीं मिला। CBI ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों को भी साबित करने वाला पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाया और मामले में नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई योग्य आधार नहीं मिलने की बात कही।

दिशा सालियान केस की जांच फिर शुरू होने से मामला चर्चा में

सुशांत की मौत से कुछ दिन पहले उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की भी मौत हुई थी। जून 2020 में मुंबई में एक इमारत से गिरने के बाद उनकी मौत हुई थी। अब इस मामले में भी जांच का नया दौर शुरू हुआ है।

बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने 13 सितंबर 2026 को दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज की और जांच शुरू की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक FIR में हत्या, गैंगरेप, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश समेत कई गंभीर आरोपों की जांच का प्रावधान है। हालांकि जांच जारी है और FIR में किसी व्यक्ति का नाम होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता।

सुशांत के परिवार ने पहले भी हत्या की आशंका जताई

दिशा सालियान केस की नई जांच के बाद सुशांत के परिवार की ओर से मामले को फिर उठाया गया है। परिवार के कुछ सदस्यों ने सुशांत की मौत को साजिश और हत्या से जोड़कर जांच की मांग की है।

हालांकि, इन दावों और CBI की 2025 की क्लोजर रिपोर्ट के निष्कर्षों के बीच स्पष्ट अंतर है। श्वेता सिंह कीर्ति के ताजा पोस्टमार्टम दावों की भी अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अब सवाल पोस्टमार्टम दावे पर

श्वेता के वीडियो के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि पोस्टमार्टम से जुड़े ये कथित नए तथ्य किस रिकॉर्ड या व्यक्ति की जानकारी पर आधारित हैं। जब तक संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम टीम का आधिकारिक बयान या किसी जांच एजेंसी की पुष्टि सामने नहीं आती, इन दावों को आरोप/दावा के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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