छत्तीसगढ़ पर्यटन को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की तैयारी : देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स जुटे; B2B मीटिंग में नए पैकेज, निवेश और रोजगार पर फोकस
News Affair Team
Mon, Sep 28, 2026
रायपुर.
छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अब देश ही नहीं, विदेशी बाजार तक पहुंचाने की तैयारी तेज हो गई है। विश्व पर्यटन दिवस पर नवा रायपुर के मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन हुआ। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स और होम-स्टे संचालकों के साथ विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
आयोजन का मुख्य फोकस B2B बैठकों के जरिए छत्तीसगढ़ को नए पर्यटन बाजारों से जोड़ना रहा। टूर पैकेज तैयार करने, पर्यटकों के नए समूह प्रदेश में लाने, व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर कारोबारियों के बीच सीधा संवाद हुआ।

400 से ज्यादा ट्रैवल एजेंसियां पर्यटन मंडल से जुड़ीं
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने बताया कि प्रदेश को पर्यटन बाजार में प्रमोट करने के लिए दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई समेत कई शहरों में रोड शो और राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में भागीदारी की गई है। इन प्रयासों के बाद 400 से ज्यादा ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं। आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तार देने की योजना है।
बस्तर से जशपुर तक पर्यटन उत्पादों की ब्रांडिंग
कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग पर्यटन क्षेत्रों को संभावित बाजार के सामने रखा गया। चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार जैसे स्थलों की पर्यटन संभावनाओं की जानकारी दी गई। प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, जलप्रपात, वन्यजीवन, धार्मिक स्थल, पुरातात्विक विरासत और एडवेंचर टूरिज्म को नए टूर पैकेज का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।

पर्यटन से रोजगार और स्थानीय कारोबार बढ़ाने पर फोकस
पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन को सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित रखने के बजाय रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ना जरूरी है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होटल, होम-स्टे, स्थानीय परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, स्थानीय खान-पान और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए आय के अवसर बढ़ सकते हैं। खासतौर पर ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों को पर्यटन कारोबार से जोड़ने पर जोर दिया गया।
AI से दुनिया तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का पर्यटन
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम ‘डिजिटल एजेंडा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टू रिडिजाइन टूरिज्म’ के संदर्भ में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि AI और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पर्यटन स्थलों की जानकारी, प्रमोशन, कंटेंट निर्माण और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। पर्यटन मंडल की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल रिजर्वेशन की सुविधा विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

कार्यक्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पुरातात्विक स्थल धनपुर पर आधारित ‘धनपुर’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया।
82 लाभार्थियों के 280 से ज्यादा होम-स्टे कमरों की पहचान
पर्यटन विभाग के मुताबिक होम-स्टे को बढ़ावा देने के लिए 82 लाभार्थियों के 280 से ज्यादा कमरों की पहचान की गई है। इसके अलावा सिरपुर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान, शक्तिपीठ कॉरिडोर, डेस्टिनेशन साइनेज और पर्यटक सुविधाओं से जुड़े काम भी आगे बढ़ रहे हैं। रायपुर में निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में पर्यटन विकास का भी कार्यक्रम में उल्लेख किया गया।
पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय अवॉर्ड
कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए गए। बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन का अवॉर्ड गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को मिला। वहीं बेस्ट इको टूरिज्म साइट तक्षक भोरमदेव, बेस्ट होटल एम्बिशन जगदलपुर, बेस्ट टूर ऑपरेटर डी. रमेश कैंप वन्स और बेस्ट टूरिज्म स्टार्टअप का पुरस्कार हेरिटेज वाला के शिवम त्रिवेदी को दिया गया।
बेस्ट एडवेंचर टूर ऑपरेटर, बेस्ट होम-स्टे और बेस्ट इन्फ्लुएंसर समेत अन्य श्रेणियों में भी पुरस्कार दिए गए। पुरस्कार के साथ ₹11 हजार का चेक, मोमेंटो और प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।

मंत्री बोले- पर्यटन सिर्फ घूमना नहीं, स्थानीय अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास बस्तर की जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट-तीरथगढ़ के जलप्रपात, सिरपुर की विरासत, राजिम की धार्मिक आस्था, भोरमदेव की स्थापत्य कला और बारनवापारा का वन्यजीवन जैसी विविध पर्यटन संपदा है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास का लक्ष्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं, महिलाओं, कारीगरों और कलाकारों के लिए रोजगार व आय के अवसर तैयार करना भी है।
‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट’ में हुई B2B बैठकों से अब इन संपर्कों को वास्तविक टूर पैकेज और व्यावसायिक साझेदारी में बदलने की चुनौती होगी। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को नए बाजार और स्थानीय पर्यटन कारोबार को नए ग्राहक मिलने की संभावना है।
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