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29th September 2026

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‘निर्भया कांड से क्या सबक लिया?’ : नाबालिगों से 3 गैंगरेप पर सुप्रीम कोर्ट सख्त; पुलिस से जवाब तलब

News Affair Team

Mon, Sep 28, 2026

नईदिल्ली.

दिल्ली-NCR में नाबालिगों के खिलाफ हाल की यौन हिंसा की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गंभीर चिंता जताई। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने तीन मामलों का संज्ञान लेते हुए पुलिस से जवाब मांगा। इनमें चलती बस में नाबालिग से कथित गैंगरेप, आस्था कुंज पार्क में 17 साल की किशोरी से कथित गैंगरेप और स्वरूप नगर में नाबालिग की कथित रेप-हत्या का मामला शामिल है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 2012 के निर्भया कांड का जिक्र करते हुए कहा कि हाल की घटनाओं में उस मामले से दर्दनाक समानता दिखाई देती है। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि 2012 की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जो सबक लिए जाने चाहिए थे, उनका कितना पालन हुआ।

कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों की सुरक्षा पर उठाए सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक जगहों को खराब रोशनी, निगरानी की कमी और अपर्याप्त पुलिस पेट्रोलिंग के कारण हाई-रिस्क जोन नहीं बनने दिया जा सकता। कोर्ट ने पुलिस पेट्रोलिंग, CCTV निगरानी, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और अपराध रोकने वाली एजेंसियों की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर जवाब मांगा है।

तीन घटनाओं का जिक्र, जिन पर कोर्ट ने लिया संज्ञान

4 अगस्त: चलती बस में नाबालिग से कथित गैंगरेप

  • 4 अगस्त को ग्रेटर नोएडा के परी चौक से बस में बैठी 16 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक बस करीब 47 किलोमीटर चलने के बाद कश्मीरी गेट पहुंची, जहां पीड़िता को उतारा गया। बस के शीशों पर पर्दे लगे होने की बात भी सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले को 2012 के निर्भया कांड से जोड़ते हुए टिप्पणी की।

12 सितंबर: स्वरूप नगर में नाबालिग की कथित रेप-हत्या

  • स्वरूप नगर में 16 वर्षीय नाबालिग की कथित रेप के बाद हत्या का मामला सामने आया। अगले दिन उसका शव खेत के पास मिला। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन नाबालिग बताए गए हैं।

21 सितंबर: आस्था कुंज पार्क में कथित गैंगरेप

  • दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी अपने दोस्त के साथ थी। FIR के मुताबिक, तीन आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को पुलिसकर्मी बताया और किशोरी को झाड़ियों की ओर ले गए। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

आस्था कुंज मामले के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

आस्था कुंज की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने कई संवेदनशील पार्कों और ग्रीन एरिया में CCTV और रोशनी की कमी को लेकर संबंधित एजेंसियों को लिखा है। पुलिस के आकलन में कई जगहों पर निगरानी और लाइटिंग से जुड़ी कमियां सामने आईं।

कोर्ट- सिर्फ संवेदना से काम नहीं चलेगा, जवाबदेही जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महिलाओं और बच्चों को हिंसा के डर के बिना सम्मान से जीने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़ा है। कोर्ट का जोर इस बात पर रहा कि घटना के बाद केवल संवेदना जताना पर्याप्त नहीं है। जिन अधिकारियों और एजेंसियों पर अपराध रोकने और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उनकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

2012 में निर्भया कांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था

दिसंबर 2012 में दिल्ली में चलती बस में 23 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक बलात्कार हुआ था। गंभीर रूप से घायल पीड़िता की बाद में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए और महिलाओं की सुरक्षा तथा यौन अपराधों से जुड़े कानूनों में महत्वपूर्ण बदलाव हुए। करीब 14 साल बाद सुप्रीम कोर्ट का हाल की घटनाओं को उस मामले से जोड़ना दिल्ली में सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवालों की ओर इशारा करता है।

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में हाल की घटनाओं को लेकर पुलिस और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। सुनवाई का फोकस सिर्फ इन मामलों की जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा, पुलिस पेट्रोलिंग, रोशनी, CCTV और जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही जैसे व्यापक मुद्दों पर भी रहा।

अब अदालत के सामने यह स्पष्ट करना पुलिस और संबंधित प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि इन घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था में क्या कमियां सामने आईं और उन्हें दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

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