खामेनेई की मौत की खबर और यूपी में उबाल : सड़कों पर मातम, नारे, पुलिस का पहरा और सियासत की गरमी
News Affair Team
Sun, Mar 1, 2026
लखनऊ.
रविवार की सुबह थी। लेकिन यूपी के कई शहरों में सुबह का मतलब चाय और अखबार नहीं था, बल्कि सन्नाटा, सायरन और सड़कों पर जमा भीड़ था। वजह बनी एक खबर—ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत। खबर आई कि अमेरिका और इजराइल के हमले में खामेनेई की जान चली गई। और फिर यूपी के कई शहरों में जैसे भावनाओं का बांध टूट गया।
लखनऊ, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ—इन शहरों में शिया समुदाय बड़ी संख्या में रहता है। खबर फैलते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। कहीं आंखों में आंसू थे, कहीं हाथों में काले झंडे, और कहीं नारों की आवाज आसमान तक जा रही थी।





लखनऊ की सड़कों पर मातम, हर चेहरे पर गुस्सा और दर्द
सबसे ज्यादा हलचल लखनऊ में दिखी। पुराने लखनऊ की गलियां, जो आम दिनों में चाट और कबाब की खुशबू से महकती हैं, वहां इस बार मातम का माहौल था। हजारों लोग सड़कों पर थे। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा—हर कोई अपने ‘रहबर’ के जाने पर शोक में डूबा था।
लोगों की आंखों में आंसू थे और जुबान पर नारे।
“खामेनेई जिंदाबाद!”
“अमेरिका मुर्दाबाद!”
“इजराइल मुर्दाबाद!”
भीड़ में शामिल एक महिला रोते हुए चिल्ला रही थी-
“उन्होंने धोखे से हमारे रहबर को मारा। खामेनेई मेरा शेर था। एक खामेनेई गया है, हजार खामेनेई आएंगे।”
यह सिर्फ एक महिला की आवाज नहीं थी। यह उस भीड़ की आवाज थी, जो खुद को खामेनेई से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ मानती है।

योगी सरकार अलर्ट पर, पुलिस को सख्त निर्देश
हालात की गंभीरता को देखते हुए यूपी पुलिस तुरंत हरकत में आई। पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह अधिकारियों के साथ बैठक की और साफ निर्देश दिए—किसी भी हालत में कानून-व्यवस्था बिगड़नी नहीं चाहिए।
संवेदनशील जिलों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया। लखनऊ में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई। ड्रोन से निगरानी शुरू हुई। PAC और RAF की टीमें तैनात की गईं।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सोशल मीडिया पर भी नजर रखें। क्योंकि कई बार आग सड़कों पर नहीं, मोबाइल स्क्रीन से भड़कती है।
शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का ऐलान: तीन दिन का शोक
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने खामेनेई की मौत पर तीन दिन का शोक घोषित किया। बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा—
“लोग अपने घरों पर काले झंडे लगाएंगे। काले कपड़े पहनेंगे। हर दिन मजलिस होगी।”
लखनऊ के छोटा इमामबाड़ा में मजलिस पढ़ी गई। हजारों लोग वहां जमा हुए। माहौल भारी था। हर कोई अपने रहबर को याद कर रहा था।
मौलाना यासूब अब्बास ने कहा-
“हम इस शहादत को स्वीकार करते हैं, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।”

दुकानों पर ताले, शहर में अजीब सा सन्नाटा
पुराने लखनऊ में कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। यह किसी आदेश से नहीं, बल्कि हालात को देखते हुए खुद लिया गया फैसला था।
एक दुकानदार ने कहा-
“हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। माहौल बहुत भावुक है।”
शहर में कई जगहों पर सन्नाटा था। सिर्फ पुलिस की गाड़ियां और सायरन की आवाज सुनाई दे रही थी।
आगरा, अमरोहा, लखीमपुर खीरी हर जगह प्रदर्शन
यह सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं था। आगरा में शहीद-ए-सालिस मस्जिद के बाहर लोग जमा हुए। अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगे। पुतले जलाए गए।
लखीमपुर खीरी में नमाज के बाद शोक सभा हुई। फिर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया। अमरोहा के नौगावां सादात और सैदनगली में मातमी जुलूस निकाले गए। लोग सड़कों पर थे। काले कपड़े पहने हुए।
एक स्थानीय मौलाना ने कहा-
“यह सिर्फ ईरान का नुकसान नहीं है, पूरी उम्मत का नुकसान है।”

दूसरी तरफ से आई तीखी प्रतिक्रिया
जहां एक तरफ शिया समुदाय शोक में था, वहीं कुछ लोगों ने खामेनेई की मौत का समर्थन भी किया।
गाजियाबाद के डासना में शिव शक्ति धाम के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने कहा—
“खामेनेई जैसे व्यक्ति की मौत मानवता के लिए अच्छी खबर है।”
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और विवाद का कारण बन गया।
फ्लाइट्स भी रद्द, असर आसमान तक
इस पूरे घटनाक्रम का असर हवाई यात्रा पर भी पड़ा। लखनऊ से सऊदी अरब जाने वाली कई फ्लाइटें रद्द कर दी गईं। दुबई, रियाद, मस्कट, अबू धाबी और शारजाह जाने वाली उड़ानों पर असर पड़ा।
वाराणसी से दुबई जाने वाली फ्लाइटें भी रद्द की गईं। एयरपोर्ट पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।


महिलाएं भी सड़कों पर उतरीं
इस प्रदर्शन की एक खास बात थी—महिलाओं की बड़ी भागीदारी। लखनऊ में महिलाएं भी सड़कों पर थीं। वे नारे लगा रही थीं। बड़ा इमामबाड़ा की ओर बढ़ रही थीं।
एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा-
“हम अपने रहबर को नहीं भूलेंगे। हम उनके रास्ते पर चलेंगे।”
पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती: शांति बनाए रखना
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी—हालात को शांत रखना। कई जगहों पर पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा-
“हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अभी हालात नियंत्रण में हैं।”
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