ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता में FIR : भड़काऊ भाषण का आरोप; CID फिर पहुंची अभिषेक बनर्जी के घर
कोलकाता.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकीं और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गई हैं। कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने 9 मार्च को चुनाव प्रचार के दौरान ऐसा भाषण दिया था, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द और लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी।
यह शिकायत तुषार कांती दास की ओर से दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि भाषण की रिकॉर्डिंग, संदर्भ और अन्य तथ्यों की समीक्षा की जा रही है।
जीरो FIR से शुरू हुआ मामला
शिकायत के आधार पर पहले नेताजी नगर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में इसे अधिकार क्षेत्र के अनुसार हेयर स्ट्रीट थाने को स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1), 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि धर्मतला में आयोजित चुनावी सभा के दौरान दिए गए भाषण में ऐसे बयान शामिल थे, जो सामाजिक तनाव को बढ़ावा दे सकते थे।
रिजिजू ने भी जताई थी आपत्ति
इस विवादित भाषण को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी पहले प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने 27 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ममता बनर्जी का भाषण साझा करते हुए इसे "परेशान करने वाला और अपमानजनक" बताया था।
रिजिजू ने कहा था कि नागरिकों की सुरक्षा किसी राजनीतिक नेता की व्यक्तिगत गारंटी पर नहीं, बल्कि कानून और प्रशासनिक व्यवस्था पर आधारित होनी चाहिए।

सिलीगुड़ी में भी दर्ज हो चुकी है शिकायत
ममता बनर्जी के खिलाफ यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले मई के अंतिम सप्ताह में सिलीगुड़ी साइबर थाने में भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। उस मामले में उन पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कथित बयान देने का आरोप लगाया गया था।
हालांकि, दोनों मामलों में ममता बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दूसरी ओर अभिषेक बनर्जी पर भी जांच का शिकंजा
इसी बीच फर्जी हस्ताक्षर विवाद की जांच कर रही पश्चिम बंगाल सीआईडी की टीम शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंची। टीम के पहुंचने के दौरान उनके वकील भी मौके पर मौजूद थे।
अभिषेक के अधिवक्ता देबाशीष राय ने कहा कि उन्हें सीआईडी की ओर से किसी औपचारिक दौरे की जानकारी नहीं दी गई थी और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अधिकारी किस उद्देश्य से वहां पहुंचे थे।
14 जून को फिर पेश होंगे अभिषेक
सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को 14 जून को दोबारा पूछताछ के लिए तलब किया है। इससे पहले वे कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर गुरुवार को जांच एजेंसी के सामने पेश हुए थे, जहां उनसे करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की गई।
जांच अधिकारियों का दावा है कि कई महत्वपूर्ण सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिल सके और कुछ जरूरी दस्तावेज भी अभी तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसी वजह से उन्हें दोबारा बुलाया गया है।
हालांकि कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को तीन सप्ताह तक किसी कठोर कार्रवाई से अंतरिम राहत दी है, लेकिन साथ ही जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश भी दिया है।
फर्जी हस्ताक्षर विवाद ने बढ़ाई TMC की मुश्किलें
विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर उभरे असंतोष के बीच फर्जी हस्ताक्षरों का विवाद सामने आया था। पार्टी के कुछ विधायकों ने नेतृत्व से जुड़े दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया, जिसके बाद मामला राजनीतिक बहस से निकलकर कानूनी जांच तक पहुंच गया।
यह खबर भी पढ़ें... ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हमला
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन