अखिलेश यादव की बेटी पर आपत्तिजनक पोस्ट, 4 पर FIR : कानपुर-प्रतापगढ़ में मामले दर्ज; मंत्री राजभर बोले- बेटी पर ऐसी टिप्पणी शर्मनाक
News Affair Team
Fri, Jun 12, 2026
लखनऊ.
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बड़ी बेटी अदिति यादव (23) के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को इस विवाद में कानपुर और प्रतापगढ़ में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने कई सोशल मीडिया आईडी संचालकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कानपुर में अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव की शिकायत पर साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप है कि सोशल मीडिया पर भरत पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद यादव नाम की आईडी से आपत्तिजनक और फर्जी पोस्ट किए गए।
वहीं प्रतापगढ़ में सपा महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी की शिकायत पर “शीतला सुजान कवि” नाम की फर्जी आईडी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पोस्ट में छवि धूमिल करने का आरोप
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन पोस्टों के जरिए न सिर्फ अदिति यादव की छवि खराब करने की कोशिश की गई, बल्कि अखिलेश यादव और उनके परिवार को भी बदनाम करने का प्रयास हुआ। पुलिस ने इन मामलों को आईटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया है।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बयान
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि किसी भी बेटी के खिलाफ ऐसी टिप्पणी शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन साथ ही राजनीतिक कटाक्ष करते हुए मामले को सपा से भी जोड़ा।
भाजपा और सपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा कि बेटियों के सम्मान पर राजनीति से ऊपर उठकर सोचने की जरूरत है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं सपा नेता शिवपाल यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है और सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही।

क्लासमेट ने पोस्ट को बताया फर्जी
इस मामले में अदिति यादव के क्लासमेट आदर्श यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनके खिलाफ फैलाई जा रही जानकारी पूरी तरह झूठी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अदिति वर्तमान में कानून की पढ़ाई कर रही हैं और उनके लापता होने जैसी बातें अफवाह हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बढ़ा राजनीतिक तनाव
इस विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। सपा और भाजपा नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कई नेताओं ने इसे “बेटियों के सम्मान” से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कार्रवाई की मांग की है, जबकि कुछ नेताओं ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।
पुलिस जांच में जुटी, साइबर सेल सक्रिय
पुलिस के अनुसार सभी मामलों की जांच साइबर सेल को सौंप दी गई है। फर्जी आईडी और पोस्ट की तकनीकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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