370 रुपये की बिरयानी विवाद पहुंचा महिला आयोग : कॉमेडियन प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा को नोटिस; 22 जून को सुनवाई
News Affair Team
Fri, Jun 12, 2026
नईदिल्ली.
गुरुग्राम में आयोजित कॉमेडियन प्रणित मोरे के स्टैंड-अप शो से जुड़ा विवाद अब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए चर्चित ‘370 रुपये की बिरयानी’ वीडियो मामले में आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कॉमेडियन प्रणित मोरे और दर्शक हिमांशु जांगड़ा को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने दोनों को 22 जून को शाम 4 बजे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। मामले को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने वीडियो की सामग्री और उसे मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत किए जाने पर गंभीर चिंता जताई है।

महिला आयोग ने हरियाणा DGP से मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट भी तलब की है।
रिपोर्ट में एफआईआर की स्थिति, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य लागू कानूनों के तहत की गई कार्रवाई, वायरल वीडियो की जांच तथा कार्यक्रम आयोजकों, कलाकारों और वेन्यू प्रबंधन की भूमिका से जुड़ी जानकारी मांगी गई है।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
विवाद उस समय शुरू हुआ जब प्रणित मोरे के शो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में दर्शक हिमांशु जांगड़ा की टिप्पणी को लेकर व्यापक आलोचना हुई। मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद हिमांशु जिस डिजाइन और मार्केटिंग एजेंसी में कार्यरत थे, वहां से उन्हें नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा।

अब MBBS छात्रा के बयान पर भी बवाल
विवाद यहीं नहीं रुका। इसी बीच प्रणित मोरे के एक अन्य पुराने शो का वीडियो भी सामने आया, जिसमें एमबीबीएस छात्रा सेजल पवार मेडिकल कॉलेज में अध्ययन के दौरान शवों और उनके अंगों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों का जिक्र करती दिखाई दीं। वीडियो वायरल होने के बाद मेडिकल समुदाय और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
AIMSA ने जताई कड़ी आपत्ति
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने सेजल पवार की टिप्पणियों को असंवेदनशील और अपमानजनक बताते हुए इसकी निंदा की है।
संगठन का कहना है कि मेडिकल शिक्षा में शरीर दान करने वाले लोग समाज और चिकित्सा विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में शवों या बॉडी डोनर्स को हास्य का विषय बनाना स्वीकार्य नहीं है और इससे मेडिकल शिक्षा की गरिमा प्रभावित होती है। AIMSA ने संबंधित लोगों से सार्वजनिक माफी और उचित कार्रवाई की मांग की है।

महाराष्ट्र साइबर ने दर्ज की FIR
विवाद बढ़ने के बाद महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने कॉमेडियन प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा, सेजल पवार और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
एफआईआर में महिलाओं, सहमति और मृत व्यक्तियों से जुड़े कथित आपत्तिजनक बयानों को आधार बनाया गया है। साइबर पुलिस विभिन्न कानूनी प्रावधानों और आईटी कानून के तहत मामले की जांच कर रही है।
विवाद बढ़ने पर माफी भी आई
सोशल मीडिया पर विरोध बढ़ने के बाद प्रणित मोरे ने विवादित वीडियो को हटाने और खेद व्यक्त करने की बात कही। वहीं सेजल पवार ने भी सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी।
22 जून की सुनवाई पर टिकी नजरें
राष्ट्रीय महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद यह मामला अब केवल सोशल मीडिया विवाद नहीं रह गया है, बल्कि कानूनी और संस्थागत जांच के दायरे में आ गया है। 22 जून को प्रस्तावित सुनवाई में आयोग दोनों पक्षों से जवाब तलब करेगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई का रास्ता तय हो सकता है।
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