राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा अपडेट : CM योगी को SIT आज सौंप सकती है शुरुआती रिपोर्ट; 150 संदिग्धों के नाम सामने आए
News Affair Team
Mon, Jun 22, 2026
अयोध्या/लखनऊ.
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा अनियमितताओं की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शुरुआती रिपोर्ट सौंप सकती है। टीम रविवार को मुलाकात के लिए पहुंची थी, लेकिन बैठक संभव नहीं हो सकी।
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, SIT ने पूरे मामले का डेटा 7 पेन ड्राइव में सुरक्षित किया है। 6 दिन चली जांच में करीब 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जबकि रिपोर्ट में लगभग 80 लोगों का विस्तृत जिक्र होने की संभावना है।

FIR की तैयारी, कई नाम हो सकते हैं शामिल
सूत्रों के अनुसार, SIT इस मामले में जल्द FIR दर्ज करा सकती है। इसमें ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों और कर्मचारियों के नाम शामिल हो सकते हैं। जांच के दायरे में SIT की रिपोर्ट में कई अहम बिंदु दर्ज किए गए हैं।

टिन्नू और अनुकल्प मिश्रा पर भी जांच की बात
रिपोर्ट के मुताबिक, चंपत राय के करीबी माने जाने वाले रामशंकर यादव उर्फ ‘टिन्नू’ और अनुकल्प मिश्रा से भी पूछताछ हुई है। टिन्नू पर 8 महीने की CCTV फुटेज डिलीट कराने के आरोप का उल्लेख जांच में किया गया है। इसी तरह, मंदिर में कार्यरत अन्य कर्मचारियों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की गई है।

गोपाल राव अयोध्या से बाहर गए
सूत्रों के अनुसार, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव अयोध्या छोड़कर कर्नाटक चले गए हैं। हालांकि, उन्होंने जांच टीम को इसकी जानकारी दी या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। उनसे संपर्क की कोशिशें भी असफल रहीं।

6 दिन की SIT जांच में क्या-क्या हुआ
15 जून: ट्रस्ट के महासचिव और अन्य सदस्यों से प्रारंभिक पूछताछ
16 जून: दस्तावेजों और कर्मचारियों से लंबी पूछताछ
17 जून: बैंक और कैश हैंडलिंग एजेंसियों से जांच
18 जून: मंदिर परिसर में विस्तृत पूछताछ और क्रॉस वेरिफिकेशन
19 जून: ट्रस्ट पदाधिकारियों और बैंक अधिकारियों से पूछताछ
20 जून: बैंक खातों और डिजिटल सबूतों की जांच के बाद टीम लखनऊ लौटी
दान और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
जांच में महाकुंभ अवधि के दौरान दान राशि के रिकॉर्ड में अंतर को लेकर भी सवाल उठे हैं। टीम यह भी जांच कर रही है कि क्या उस दौरान प्राप्त दान का पूरा विवरण रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था या नहीं।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि बड़े स्तर पर दान प्रबंधन में गड़बड़ी की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
मामले को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा नेताओं ने कहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
ट्रस्ट और नामित लोग जांच के दायरे में
जांच के दायरे में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कई पदाधिकारी भी हैं, जिनमें चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और अन्य नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
CEO नियुक्ति की भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, भविष्य में मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए CEO स्तर के अधिकारी की नियुक्ति पर भी विचार किया जा सकता है, हालांकि इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
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