महाकाल भस्म आरती के नियम सख्त : अब एक मोबाइल नंबर से 3 महीने में सिर्फ एक बार अनुमति; प्रोटोकॉल पर भी नियम लागू
News Affair Team
Mon, Jun 22, 2026
उज्जैन.
विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग मंदिर में होने वाली भस्म आरती के दर्शन के लिए अब श्रद्धालुओं को नए नियमों का पालन करना होगा। मंदिर प्रशासन ने व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए तय किया है कि एक मोबाइल नंबर का उपयोग तीन महीने में केवल एक बार ही भस्म आरती की अनुमति प्राप्त करने के लिए किया जा सकेगा। यह नियम प्रोटोकॉल के माध्यम से अनुमति लेने वाले श्रद्धालुओं पर भी लागू होगा।
मंदिर समिति का कहना है कि यह व्यवस्था पहले से मौजूद थी, लेकिन अब इसे सख्ती और प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को भस्म आरती में शामिल होने का अवसर मिल सके।

लगातार मिल रही थीं शिकायतें
महाकाल मंदिर में भस्म आरती की अनुमति को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। आरोप थे कि कुछ लोग एक ही मोबाइल नंबर और दस्तावेजों का बार-बार उपयोग कर नियमित रूप से अनुमति प्राप्त कर रहे थे, जिससे नए श्रद्धालुओं को अवसर नहीं मिल पा रहा था।
इसी को देखते हुए वर्ष 2024 में तत्कालीन कलेक्टर नीरज सिंह ने ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था में बदलाव किया था। उस समय एक आधार कार्ड और एक मोबाइल नंबर से भस्म आरती की अनुमति लेने के बाद तीन माह तक दोबारा आवेदन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया था।
हालांकि यह व्यवस्था कुछ समय बाद प्रभावी रूप से लागू नहीं रह सकी, जिसके चलते शिकायतों का सिलसिला फिर शुरू हो गया।
अब बार-बार नहीं हो सकेगा एक नंबर का इस्तेमाल
नई व्यवस्था के तहत कोई भी श्रद्धालु एक मोबाइल नंबर से अनुमति प्राप्त करने के बाद अगले तीन महीने तक उसी नंबर का उपयोग दोबारा नहीं कर सकेगा। इससे उन लोगों पर भी रोक लगेगी जो प्रोटोकॉल या अन्य विशेष माध्यमों से हर माह भस्म आरती में शामिल हो रहे थे।
मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस कदम से भस्म आरती के लिए अनुमति प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनेगी तथा पहली बार आने वाले श्रद्धालुओं को भी अवसर मिल सकेगा।
मंदिर प्रशासन ने क्या कहा
महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह व्यवस्था पहले से लागू है, लेकिन अब इसकी निगरानी और क्रियान्वयन को और मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि एक ही मोबाइल नंबर का बार-बार उपयोग कर अनुमति लेने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए तकनीकी स्तर पर भी व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है।
हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं महाकाल
महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सुबह होने वाली भस्म आरती को देखने की विशेष इच्छा के कारण अनुमति की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मंदिर समिति का मानना है कि नई व्यवस्था से सीमित सीटों का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा और अधिक श्रद्धालुओं को अवसर मिलेगा।
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