शिवसेना UBT के 6 सांसद आज शिंदे खेमे में : आदित्य ठाकरे बोले- पार्टी छोड़ने वाले लालची; उद्धव ने कहा- भाजपा 'दूसरों के बच्चे चुराने' वाली
News Affair Team
Mon, Jun 22, 2026
मुंबई.
महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। राज्य सरकार में मंत्री और शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसद आज दोपहर करीब 3 बजे एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि इन सांसदों ने पहले ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंप दिया है।
इस बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी छोड़ने वालों ने वफादारी और साख को “बिकाऊ” साबित कर दिया है और यह कदम लालच में उठाया गया है।
उद्धव ठाकरे का हमला और जनसंपर्क अभियान
उद्धव ठाकरे गुट लगातार भाजपा और शिंदे गुट पर हमलावर है। हाल ही में मुंबई में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने दावा किया कि असली शिवसेना वही है जिसका नेतृत्व वे कर रहे हैं।
उद्धव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने शिवसेना को तोड़ने का काम किया और “दूसरों के बच्चे चुराने” जैसी राजनीतिक रणनीति अपनाई। उन्होंने कहा कि यह पार्टी की विचारधारा के खिलाफ साजिश है।
साथ ही उद्धव ठाकरे 27 जून से महाराष्ट्र में जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रहे हैं। वे उन लोकसभा क्षेत्रों में भी जाएंगे जहां से बागी सांसद चुने गए हैं। दौरे की शुरुआत यवतमाल, वाशिम और हिंगोली से होगी, जबकि अगले दिन परभणी और धाराशिव का कार्यक्रम तय है।
6 सांसदों की बगावत पर बढ़ा संकट
शिवसेना (UBT) के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 6 के बागी रुख अपनाने से पार्टी में बड़ी दरार दिख रही है। इनमें से कुछ सांसदों ने विकास कार्यों और संसाधनों की कमी को कारण बताया है, जबकि कुछ ने राजनीतिक मतभेद का हवाला दिया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बागी सांसदों ने यह दावा भी किया है कि पार्टी नेतृत्व कांग्रेस के साथ विलय की दिशा में बढ़ रहा था, जिससे असंतोष पैदा हुआ।
दल-बदल कानून के दायरे में मामला
संवैधानिक विशेषज्ञों के अनुसार, यदि 9 में से 6 सांसद एक साथ अलग गुट बनाते हैं तो वे दल-बदल कानून के तहत मान्यता का दावा कर सकते हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष के स्तर पर ही होगा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह कोई पहली बड़ी टूट नहीं है। वर्ष 2022 में भी शिवसेना में बड़ा विभाजन हुआ था, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने अलग गुट बना लिया था। उस समय पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न शिंदे गुट को मिल गया था।
मौजूदा स्थिति
कुल सांसद: 9 (शिवसेना UBT)
बैठक में पहुंचे: 3
बगावत की खबर: 6 सांसद
संभावित शिंदे गुट में शामिल: 6 सांसद

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