फोनपे के नए नियम का विरोध : 1 साल तक वॉलेट इस्तेमाल नहीं किया तो 'डॉर्मेट'; हर 3 महीने में 100 रुपए मेंटेनेंस फीस भी
News Affair Team
Mon, Jun 22, 2026
नई दिल्ली.
डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म फोन-पे ने अपने वॉलेट यूजर्स के लिए नया नियम लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी के अनुसार यदि कोई फोन-पे वॉलेट लगातार 365 दिनों तक इस्तेमाल नहीं किया जाता है, तो उसे "डॉर्मेंट" यानी निष्क्रिय माना जाएगा। ऐसे वॉलेट पर हर तीन महीने में 100 रुपए तक की मेंटेनेंस फीस काटी जाएगी।
इस फैसले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने दावा किया है कि उन्हें वॉलेट एक्टिव रखने के लिए रिचार्ज या ट्रांजैक्शन करने संबंधी संदेश मिलने शुरू हो गए हैं। यूजर्स का कहना है कि तिमाही आधार पर लगने वाला यह शुल्क उन्हें एक तरह की पेनाल्टी जैसा महसूस हो रहा है।

कैसे लगेगा चार्ज?
कंपनी की शर्तों के मुताबिक किसी वॉलेट के एक साल तक निष्क्रिय रहने पर उसे डॉर्मेंट श्रेणी में डाल दिया जाएगा। इसके पहले यूजर्स को नोटिस अवधि के दौरान कई बार अलर्ट भेजे जाएंगे।
यदि नोटिस मिलने के बाद भी वॉलेट का उपयोग नहीं किया जाता है, तो वॉलेट बैलेंस से मेंटेनेंस शुल्क काट लिया जाएगा। खास बात यह है कि यदि वॉलेट में 100 रुपए से कम राशि बची है, तो उपलब्ध पूरी रकम काट ली जाएगी और बैलेंस को शून्य कर दिया जाएगा।
सोशल मीडिया पर क्यों नाराज हैं यूजर्स?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Reddit पर कई यूजर्स ने स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा कि उन्हें वॉलेट एक्टिव रखने से जुड़े संदेश प्राप्त हुए हैं। विरोध की सबसे बड़ी वजह यह है कि शुल्क सालाना नहीं बल्कि हर तीन महीने में लगाया जाएगा।
कई लोगों का तर्क है कि डिजिटल वॉलेट में अक्सर छोटी राशि पड़ी रह जाती है, जिसे वे भूल जाते हैं। ऐसे में बार-बार लगने वाला शुल्क उनके लिए नुकसान का कारण बन सकता है।
चार्ज से कैसे बच सकते हैं?
विशेषज्ञों के मुताबिक यूजर्स कुछ आसान कदम उठाकर इस शुल्क से बच सकते हैं-
फोन-पे ऐप में जाकर वॉलेट बैलेंस चेक करें।
यदि वॉलेट में पैसा है और आगे उपयोग नहीं करना चाहते, तो उसे बैंक खाते में ट्रांसफर कर लें।
किसी व्यापारी को भुगतान कर बैलेंस इस्तेमाल कर सकते हैं।
वॉलेट सक्रिय रखना चाहते हैं तो 365 दिन पूरे होने से पहले कम से कम एक ट्रांजैक्शन जरूर करें।
पहली कंपनी नहीं है PhonePe
डिजिटल वॉलेट सेक्टर में इनएक्टिविटी चार्ज कोई नई बात नहीं है। इससे पहले MobiKwik ने भी निष्क्रिय वॉलेट्स पर मेंटेनेंस शुल्क लगाने की घोषणा की थी। वहीं एयरलेट पेमेंट बैंक के शुल्क सूची में भी निष्क्रिय खातों और वॉलेट्स से जुड़े कुछ चार्ज शामिल हैं।
हालांकि PhonePe का विशाल यूजर बेस और तिमाही आधार पर प्रस्तावित शुल्क मॉडल इस मुद्दे को चर्चा का विषय बना रहा है।
UPI के दौर में कम हुआ वॉलेट का इस्तेमाल
भारत में UPI भुगतान प्रणाली के तेजी से विस्तार के बाद डिजिटल वॉलेट्स का उपयोग पहले की तुलना में कम हुआ है। बड़ी संख्या में लोग सीधे बैंक खाते से भुगतान करना पसंद कर रहे हैं। इसके चलते कई वॉलेट्स लंबे समय तक निष्क्रिय पड़े रहते हैं।
कंपनियों का कहना है कि ऐसे वॉलेट्स को बनाए रखने के लिए तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और नियामकीय अनुपालन पर लगातार खर्च होता है। इसी लागत को संतुलित करने के लिए मेंटेनेंस शुल्क जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाती हैं।
हालांकि उपभोक्ताओं का एक वर्ग मानता है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के दौर में ऐसे शुल्क उपयोगकर्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाल सकते हैं।
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