नागपुर की फैक्ट्री में ‘ब्लास्ट… और सब खत्म : डेटोनेटर बनाते समय विस्फोट; 17 मजदूरों की मौत, कई घायल
News Affair Team
Sun, Mar 1, 2026
नागपुर.
रविवार की सुबह। वक्त करीब 7 बजे। लोग अपने-अपने काम में जुट ही रहे थे। तभी नागपुर जिले के राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड की फैक्ट्री में ऐसा धमाका हुआ, जिसने 17 जिंदगियां हमेशा के लिए खामोश कर दीं।
धमाका इतना तेज था कि आसपास के गांवों तक उसकी आवाज सुनाई दी। फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे कर्मचारी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही पूरा प्लांट मलबे में तब्दील हो गया। लोहे के ढांचे मुड़ गए, दीवारें गिर गईं और हर तरफ धुआं और चीख-पुकार का मंजर था।

डेटोनेटर बना रहे थे, तभी मौत बनकर आया धमाका
यह फैक्ट्री औद्योगिक विस्फोटक और डेटोनेटर बनाती है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह कर्मचारी डेटोनेटर बनाने की प्रक्रिया में लगे थे। इसी दौरान अचानक विस्फोट हुआ।
धमाका इतना भयावह था कि वहां काम कर रहे 30 से ज्यादा कर्मचारियों में से कई सीधे उसकी चपेट में आ गए। 17 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। 18 अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से कई की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
घायलों को तुरंत नागपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों का कहना है कि कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।


मलबा, आग और रेस्क्यू ऑपरेशन
धमाके के बाद फैक्ट्री में आग लग गई और चारों तरफ मलबा फैल गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें भी राहत और बचाव कार्य में जुट गईं।
रेस्क्यू टीमों ने मलबे में दबे कर्मचारियों को निकालने का काम शुरू किया। कई कर्मचारियों को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया।
फायर अधिकारियों के मुताबिक, धमाका इतना शक्तिशाली था कि प्लांट का बड़ा हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया।

सरकार की प्रतिक्रिया: मुख्यमंत्री ने जताया दुख
इस हादसे के बाद पूरे राज्य में शोक का माहौल है। देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा,
“17 लोगों की मौत बेहद दुखद है। घायलों का इलाज जारी है। राहत और बचाव कार्य के लिए सभी एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं।”
सरकार ने मामले की जांच के आदेश भी दे दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा तकनीकी गड़बड़ी से हुआ या सुरक्षा में लापरवाही थी।

सवाल वही पुराना: सुरक्षा इंतजाम क्यों नाकाफी?
यह फैक्ट्री कलमेश्वर क्षेत्र में स्थित है और औद्योगिक विस्फोटक बनाती है। ऐसे प्लांट में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी होता है। लेकिन सवाल उठ रहा है—क्या सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा था?
क्योंकि हर फैक्ट्री हादसे के बाद यही कहा जाता है—जांच होगी, जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। लेकिन तब तक कई परिवार अपने कमाने वाले को खो चुके होते हैं।
रविवार का यह धमाका सिर्फ एक फैक्ट्री हादसा नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया है, जिनके अपने सुबह काम पर गए थे… और अब कभी वापस नहीं लौटेंगे।
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