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इंदौर में ‘पुत्र-हंता होलिका’ का दहन : परंपरा की आग में इस बार जलेंगी 10 हत्यारी मांओं की तस्वीरें

News Affair Team

Sun, Mar 1, 2026

इंदौर.

होली में होलिका दहन तो आपने हर साल देखा होगा। लकड़ियां जलती हैं, बुराई के अंत का प्रतीक जलता है, और लोग अगले दिन रंग खेलने निकल जाते हैं।

लेकिन इस बार मध्य प्रदेश के इंदौर में होलिका दहन की आग सिर्फ प्रतीक नहीं होगी—यह विवाद, अपराध और सामाजिक बहस की चिंगारी भी साथ लेकर आएगी।

यहां ‘पुत्र-हंता होलिका’ का दहन किया जाएगा। और इस होलिका का चेहरा पौराणिक नहीं, बल्कि आधुनिक होगा—उन महिलाओं के चेहरों के साथ, जिन पर अपने ही बच्चों की हत्या का आरोप है।

‘होलिका’ का चेहरा बदलेगा, लेकिन कहानी वही रहेगी

Mens Rights के लिए काम करने वाली संस्था ‘पौरुष’ ने 2 मार्च की शाम 4 बजे महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड के सामने इस खास होलिका दहन का आयोजन किया है।

संस्था का कहना है कि थीम पौराणिक ही रहेगी। यानी वही कहानी—असुर राजा हिरण्यकश्यप, भक्त प्रह्लाद और होलिका। लेकिन फर्क यह होगा कि इस बार होलिका के चेहरे पर आधुनिक समय की आरोपी महिलाओं के चेहरे लगाए जाएंगे।

संस्था के मुताबिक, यह उन मामलों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध है, जहां मां पर अपने ही बच्चे की हत्या का आरोप लगा।

केंद्र में होगा सूचना सेठ का चेहरा

इस होलिका के केंद्र में सबसे प्रमुख चेहरा होगा सूचना सेठ का। सूचना सेठ, जो पेशे से CEO थी, लेकिन आरोप है कि उसने अपने चार साल के बेटे की हत्या कर दी।

संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक दशोरा का कहना है-

“सूचना सेठ ने कोर्ट के आदेश के बावजूद अपने बेटे को उसके पिता से नहीं मिलने दिया। फिर गोवा के एक होटल में उसकी हत्या कर दी और शव के टुकड़े सूटकेस में भर दिए।”

यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना था। अब यह मामला होलिका दहन के प्रतीक में शामिल किया जा रहा है।

सिर्फ एक नहीं, 10 महिलाओं के चेहरे होंगे शामिल

इस प्रतीकात्मक होलिका में कुल 10 महिलाओं के चेहरे शामिल किए जाएंगे।

इनमें शामिल हैं:

  1. तमिलनाडु की भारती — आरोप है कि उसने अपने 5 महीने के बेटे की हत्या की

  2. उत्तर प्रदेश की प्रियंका — आरोप है कि उसने प्रेमी के साथ मिलकर अपने तीन बच्चों की हत्या की

  3. तमिलनाडु की शरण्य — आरोप है कि उसने अपने डेढ़ साल के बेटे की हत्या की

  4. उत्तर प्रदेश की मुस्कान — आरोप है कि उसने अपने दो बच्चों को जहर देकर मार दिया

  5. मध्य प्रदेश की ज्योति राठौर — आरोप है कि उसने अपने बेटे को दूसरी मंजिल से फेंक दिया

  6. हरियाणा की पूनम — आरोप है कि उसने चार बच्चों की हत्या की

  7. राजस्थान की संजू देवी — आरोप है कि उसने अपने बेटे और बेटी की हत्या की

  8. गुजरात की सुनीता शर्मा — आरोप है कि उसने अपने दोनों बेटों की हत्या की

  9. और अन्य आरोपी महिलाएं, जिनके मामले अदालत में विचाराधीन हैं

संस्था का दावा है कि इनमें से दो महिलाओं को निचली अदालत फांसी की सजा भी सुना चुकी है।

Mens Rights संगठन क्यों कर रहा है ऐसा?

‘पौरुष’ संस्था का कहना है कि यह आयोजन महिलाओं के खिलाफ नहीं, बल्कि अपराध के खिलाफ है।

संस्था का दावा है कि जब पुरुष अपराध करते हैं, तो समाज उन्हें तुरंत अपराधी मान लेता है। लेकिन जब महिला अपराध करती है, तो अक्सर समाज उसे अलग नजर से देखता है।

संस्था के मुताबिक, इस आयोजन का मकसद यह संदेश देना है कि- अपराध का कोई जेंडर नहीं होता। अपराधी, सिर्फ अपराधी होता है।

परंपरा और विवाद—दोनों साथ चलेंगे

होलिका दहन भारत में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। लेकिन इस बार इंदौर में यह प्रतीक एक सामाजिक संदेश और विवाद दोनों का कारण बन सकता है।

क्योंकि कुछ लोग इसे अपराध के खिलाफ जागरूकता मान रहे हैं। तो कुछ इसे महिलाओं के खिलाफ प्रतीकात्मक हमला बता सकते हैं।

सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस

इस आयोजन की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे सही बता रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को सामाजिक रूप से शर्मिंदा किया जाना चाहिए।

वहीं कुछ लोग इसे गलत बता रहे हैं। उनका कहना है कि अदालत से अंतिम फैसला आने से पहले किसी आरोपी को सार्वजनिक रूप से प्रतीकात्मक रूप से जलाना उचित नहीं है।

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