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22nd July 2026

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‘फ्री में पढ़ते हो, काम तो करना पड़ेगा…’ : सूरजपुर के DAV स्कूल में RTE बच्चों से पुताई और मजदूरी कराने का आरोप, वीडियो से खुला मामला

News Affair Team

Sun, Mar 1, 2026

सूरजपुर.

“फ्री में पढ़ते हो… बैग, किताब, बिजली सब मिलता है… काम तो करना पड़ेगा।”

यह आरोप है उन बच्चों का, जो पढ़ने के लिए स्कूल गए थे। लेकिन परिजनों का कहना है कि उनसे किताब नहीं, बल्कि सीमेंट और ब्रश पकड़ाया गया।

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के तिलसिवां स्थित मुख्यमंत्री DAV पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत पढ़ने वाले बच्चों से स्कूल परिसर में निर्माण कार्य और पुताई कराई गई।

अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। कलेक्टर के जनदर्शन में शिकायत पहुंची, वीडियो सामने आए और जांच टीम गठित कर दी गई है।

स्कूल में किताब नहीं, बच्चों को मिला ‘काम’

परिजनों के मुताबिक, RTE के तहत पढ़ने वाले बच्चों से स्कूल में सीमेंट ढोने, निर्माण कार्य करने और दीवारों की पुताई कराने जैसे काम कराए गए।

बच्चों ने खुद बताया कि प्रिंसिपल विधु शर्मा उनसे जबरन काम करवाती थीं। कहती थीं- “फ्री में पढ़ रहे हो, यह तुम्हारा हक है।”

कुछ बच्चों ने काम करते हुए अपने फोटो और वीडियो भी दिए हैं, जो अब जांच का हिस्सा हैं। वीडियो में बच्चे दीवारों पर पेंट करते और निर्माण कार्य में लगे दिखाई दे रहे हैं।

मना किया तो मिली TC की धमकी

परिजनों का कहना है कि जो बच्चे काम करने से मना करते थे, उन्हें ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) काटने की धमकी दी जाती थी। यानी पढ़ाई और भविष्य—दोनों को दांव पर रख दिया गया था।

एक परिजन ने शिकायत में बताया, “हमारे बच्चे पढ़ने जाते हैं, मजदूरी करने नहीं। लेकिन उनसे जबरदस्ती काम कराया गया।”

जब परिजन पहुंचे स्कूल, तो मिला ‘फ्री’ वाला तर्क

मामला जब बढ़ा, तो परिजन स्कूल पहुंचे। लेकिन वहां उन्हें राहत नहीं, बल्कि कथित तौर पर अपमान मिला।

शिकायत के मुताबिक, प्रिंसिपल ने कहा- “गेट के बाहर जाकर बात कीजिए। आपके बच्चों को फ्री में बैग, टेबल, बिजली और किताबें मिल रही हैं। आपका कोई पैसा तो लगता नहीं है।”

यह बयान अब विवाद का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। क्योंकि RTE का मकसद बच्चों को मुफ्त शिक्षा देना है, न कि उनसे मजदूरी कराना।

स्कूल की कक्षा को बना लिया ‘घर’?

शिकायत में एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि प्रिंसिपल ने स्कूल की एक कक्षा को अपने पति के साथ रहने के लिए आवास में बदल दिया है।

हालांकि, इस आरोप की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन जांच टीम इस पहलू को भी देख रही है।

कलेक्टर के पास पहुंची शिकायत, जांच टीम गठित

मामला जब जनदर्शन में पहुंचा, तो प्रशासन हरकत में आया। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अजय मिश्रा ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है।

टीम में शामिल हैं:

  • सहायक संचालक योजना लता बेक (अध्यक्ष)

  • बीईओ सूरजपुर हरेंद्र सिंह

  • प्राचार्य पुष्पा राय

टीम को 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रिंसिपल ने आरोपों को बताया ‘झूठा’

इस पूरे विवाद पर प्रिंसिपल विधु शर्मा ने आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा,“मेरे खिलाफ द्वेषवश शिकायत की गई है। आरोप पूरी तरह निराधार हैं। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।” अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है।

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