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11th March 2026

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शक, शादी और साजिश : पहली पत्नी की मौत हुई, 3 ने छोड़ा और 5वीं को मारकर पेड़ से लटका दिया

News Affair Team

Sun, Feb 15, 2026

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में बलरामपुर के झपरा गांव में रहने वाला गुना राम (58) पांच शादियां कर चुका था। एक पत्नी की मौत हो चुकी थी, बाकी उसे छोड़कर जा चुकी थीं। 20 साल से बंधनी बाईं (50) उसके साथ रह रही थी। दोनों मजदूरी करते थे। गांव में लोग बताते हैं—पूजा-पाठ भी खूब होता था।

लेकिन घर की चारदीवारी के भीतर एक और “पूजा” चल रही थी—शक की। पिछले कुछ सालों से गुना राम अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था। बात-बात पर विवाद, ताने, झगड़े।

और फिर 12 फरवरी की रात, यह शक जानलेवा बन गया।

बाजार गई थी, बस यही गुनाह था?

पुलिस के मुताबिक, 11 फरवरी को बंधनी बलरामपुर बाजार गई थी। रात में घर नहीं लौटी। अगले दिन जब लौटी तो पति का गुस्सा फट पड़ा।

आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे पत्नी के बाहर जाने और देर से लौटने पर शक होता था। बहस बढ़ी। आरोप है कि उसने पहले पत्नी को उठाकर जमीन पर पटका, फिर बांस के डंडे, हाथ और पैर से बेरहमी से पीटा।

बंधनी वहीं ढेर हो गई।

हत्या के बाद “आत्महत्या” की स्क्रिप्ट

कहानी यहीं खत्म नहीं होती। असली ट्विस्ट इसके बाद आता है।

गुना राम ने अपने साथी लखन कुम्हरिया (50) को बुलाया। दोनों ने मिलकर शव को घर से करीब 4–5 किलोमीटर दूर लातापानी के घने जंगल में ले जाकर पेड़ से फांसी पर लटका दिया। मकसद साफ था—मामला आत्महत्या दिखाना।

12 फरवरी की शाम गांव वालों ने जंगल में एक महिला का शव पेड़ से लटका देखा। पुलिस को सूचना दी गई।

पोस्टमॉर्टम ने खोल दी पोल

शव पर गंभीर चोट और खरोंच के निशान थे। पोस्टमॉर्टम की शॉर्ट रिपोर्ट आई तो डॉक्टरों ने साफ कहा—मौत हत्यात्मक है।

यहीं से पुलिस का शक गहराया। जांच में महिला की पहचान बंधनी बाईं के रूप में हुई। पति को हिरासत में लिया गया।

पहले तो उसने गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन सख्ती से पूछताछ में पूरा राज उगल दिया।

पुलिस क्या कहती है?

जांच अधिकारी के मुताबिक, विवाद उस जगह से शुरू हुआ जहां आरोपी की भैंस बंधी रहती थी। घर लौटते समय रास्ते में ही मारपीट इतनी बढ़ी कि पत्नी की मौत हो गई।

इसके बाद शव को जंगल ले जाकर पेड़ से लटकाया गया।

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238 और 3(v) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट ने न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

बड़ा सवाल: शक या सोच?

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं है। यह उस मानसिकता की कहानी है जहां “चरित्र” शब्द हथियार बन जाता है।

20 साल का साथ। कोई संतान नहीं। पूजा-पाठ, मजदूरी, गांव की जिंदगी। लेकिन भरोसे की कमी ने सब खत्म कर दिया।

बंधनी बाईं अब नहीं रहीं। गुना राम और उसका साथी जेल में हैं। लेकिन सवाल यही है—क्या शक का इलाज हिंसा है?

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