‘विष्णु भैया’ का घर बना बहनों का मायका : मुख्यमंत्री निवास में तीजा-पोरा का उल्लास; साय बोले- आपका भाई के घर आना मेरा सौभाग्य
News Affair Team
Sun, Sep 13, 2026
रायपुर.
नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास शनिवार को किसी सरकारी परिसर की बजाय छत्तीसगढ़ के एक बड़े मायके जैसा नजर आया। तीजा-पोरा तिहार मनाने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचीं माताओं, बहनों और बेटियों का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आत्मीयता से स्वागत किया। उन्होंने कहा- “आज मेरा घर आप सभी बहनों का मायका है। आपका अपने भाई के घर आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”
मुख्यमंत्री के इस संबोधन के साथ ही कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने तालियों से उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव की थीम पर सजाया गया था। पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, लोक शिल्प और ग्रामीण परिवेश के बीच फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़, मेहंदी और झूलों ने माहौल को पूरी तरह तीजा-पोरा के रंग में रंग दिया।

शिव-पार्वती की पूजा कर प्रदेश की खुशहाली मांगी
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री साय ने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना से की। उन्होंने प्रदेश की माताओं-बहनों समेत सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा माता पार्वती की तपस्या, समर्पण और अटूट आस्था से जुड़ा पर्व है। छत्तीसगढ़ की माताएं और बहनें आज भी इस परंपरा को श्रद्धा के साथ आगे बढ़ा रही हैं।
उन्होंने कहा कि पोरा पर्व खेती-किसानी और पशुधन के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। तीजा और पोरा का मेल छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन, परिवार और लोक संस्कृति से गहरे जुड़े रिश्तों को दिखाता है।



‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान शुरू
तीजा-पोरा के मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशव्यापी ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अभियान के लोगो का विमोचन भी किया। साय ने कहा कि मुनगा पोषक तत्वों और जरूरी मिनरल्स से भरपूर है। इसकी पत्तियों और फलियों को भोजन में शामिल करना महिलाओं और बच्चों के बेहतर पोषण में मददगार हो सकता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपने घर और आसपास मुनगा लगाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनभागीदारी से शुरू होने वाला यह अभियान सुपोषित छत्तीसगढ़ के संकल्प को मजबूत करेगा।

राष्ट्रीय पोषण माह का भी शुभारंभ, सुपोषण रथ रवाना
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ करते हुए पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने मौजूद माताओं-बहनों को सुपोषण की शपथ दिलाई और सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
प्रदेश में 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक पोषण माह मनाया जा रहा है। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और परिवारों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां होंगी।
साय ने कहा कि स्वस्थ मां और सुपोषित बच्चा स्वस्थ समाज की मजबूत नींव है। सरकार महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण को लेकर लगातार काम कर रही है।
बच्चों को खीर खिलाकर कराया अन्नप्राशन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नन्हे बच्चों को अपने हाथों से खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार कराया। बच्चों को स्नेह और आशीर्वाद देते हुए उन्होंने उनके स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान उन्होंने बच्चों की माताओं से भी बातचीत की और उनके स्वास्थ्य व पोषण के बारे में जानकारी ली।
महतारी वंदन की 31 किस्तों में 20 हजार करोड़ से ज्यादा
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर महीने 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि योजना की 31 किस्तों में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाए जा चुके हैं।
साय ने कहा कि कई महिलाएं इस राशि को बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर रही हैं। कुछ महिलाएं सिलाई मशीन खरीद रही हैं, तो कई सब्जी-भाजी, किराना दुकान और छोटे व्यवसायों में इसका इस्तेमाल कर परिवार की आय बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक महिलाओं के हाथ में अपनी राशि आने से उनके आत्मविश्वास और परिवार से जुड़े फैसलों में भागीदारी बढ़ी है।

लखपति दीदी से ड्रोन दीदी तक, 13 लाख से ज्यादा महिलाएं बनीं लखपति
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 13 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। जबकि सरकार ने 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब पारंपरिक कामों से आगे निकलकर नए क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं।
PM आवास योजना में निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने वाली महिलाएं ‘डीलर दीदी’ बन रही हैं। निर्माण कार्यों का प्रशिक्षण लेकर महिलाएं ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में काम कर रही हैं। वहीं ड्रोन के जरिए खेतों में खाद और दवाइयों का छिड़काव करने वाली ‘ड्रोन दीदी’ भी आय के नए अवसर बना रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि कई ड्रोन दीदियां एक दिन में 20 से 25 एकड़ तक खेतों में छिड़काव कर करीब 7 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं।
महतारी वंदन की राशि से बना रही राम मंदिर
साय ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम दानसरा की महिलाओं का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि गांव की माताओं-बहनों ने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि को एकत्र कर भगवान श्रीराम का मंदिर बनाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं की आस्था, सामूहिकता और दृढ़ इच्छाशक्ति का उदाहरण बताया।
महिलाओं के नाम संपत्ति पर रजिस्ट्री में छूट
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ संपत्ति में उनका स्वामित्व बढ़ाना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50% और स्टांप शुल्क में 1% की छूट दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का मतलब केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को सम्मान, अवसर, आर्थिक स्वतंत्रता और निर्णय लेने की क्षमता देना भी है।
‘हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर’
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 1,600 से ज्यादा आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई साल में प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं और इनमें से 11.50 लाख से अधिक आवास पूरे हो चुके हैं।
साय ने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास मंजूर किए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री निवास में गांव जैसा माहौल
तीजा-पोरा तिहार के लिए मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ी गांव का पूरा परिवेश तैयार किया गया था। बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, पारंपरिक खिलौने और लोक शिल्प लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच महिलाओं ने फुगड़ी और रस्साकशी में हिस्सा लिया। कुर्सी दौड़, मेहंदी और झूलों का भी महिलाओं ने जमकर आनंद लिया।
कुछ देर के लिए मुख्यमंत्री निवास में ऐसा माहौल बना कि शहर और सत्ता के बीच की दूरी जैसे खत्म हो गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मुख्यमंत्री निवास वास्तव में प्रदेश की माताओं-बहनों का मायका है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी प्रदेशवासियों को तीजा-पोरा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान, कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है।
कार्यक्रम में मंत्री गजेंद्र यादव, मंत्री दयाल दास बघेल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में माताएं-बहनें मौजूद रहीं।
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