'गरबा में अपनी मां, बहन, बेटियों के साथ जाएं मुस्लिम युवा' : छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड बोला- अनुमति लें, वास्तविक नाम दर्ज कराएं; बजरंग दल ने रखीं 14 मांगें
News Affair Team
Sun, Oct 4, 2026
रायपुर.
रायपुर में नवरात्रि के गरबा आयोजनों को लेकर विवाद और बहस तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम युवाओं से गरबा में शामिल होने से पहले आयोजन समिति की अनुमति लेने और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की है। वहीं, बजरंग दल ने गरबा समितियों के लिए धार्मिक मर्यादा, प्रवेश व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े 14 बिंदुओं पर प्रशासन से स्पष्ट गाइडलाइन जारी करने की मांग की है।
डॉ. सलीम राज ने कहा कि गरबा केवल मनोरंजन या डांस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है। उनका कहना है कि मुस्लिम युवाओं की इसमें धार्मिक आस्था नहीं है, इसलिए उन्हें गरबा आयोजनों से दूरी रखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर कोई मुस्लिम युवक गरबा में शामिल होना चाहता है तो पहले आयोजन समिति से अनुमति ले और अपना वास्तविक नाम दर्ज कराए। साथ ही उन्होंने गरबा में शामिल होने पर मूर्ति पूजा, तिलक और कलावा जैसी आयोजन से जुड़ी परंपराओं का पालन करने की बात कही है।
मां-बेटियों के साथ जाने की अपील
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने मुस्लिम युवाओं से कहा कि यदि वे गरबा में जाते हैं तो अपनी मां, बहन या बेटियों के साथ जाएं और दूसरे समाज की महिलाओं के साथ गरबा करने से बचें।
उन्होंने गरबा आयोजनों में छेड़छाड़ और 'लव जिहाद' जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए पहचान छिपाकर या नाम बदलकर प्रवेश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में आयोजकों को पुलिस में शिकायत करनी चाहिए।

बजरंग दल ने गरबा समितियों के सामने रखे 14 बिंदु
इधर, बजरंग दल ने रायपुर में गरबा आयोजनों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संगठन का कहना है कि गरबा धार्मिक आयोजन हैं, इसलिए इन्हें केवल मनोरंजन या इवेंट के तौर पर आयोजित नहीं किया जाना चाहिए। रायपुर जिला संयोजक भूषण साहू ने धार्मिक मर्यादा का पालन नहीं होने पर विरोध की चेतावनी दी है।
संगठन ने गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक समेत सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े 14 बिंदुओं पर प्रशासन से गरबा समितियों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की है।
महिला सुरक्षा से लेकर CCTV तक की मांग
बजरंग दल ने गरबा पंडालों में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। इसके तहत महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, अलग प्रवेश-निकास मार्ग, बैरिकेडिंग और CCTV कैमरों की व्यवस्था का सुझाव दिया गया है। संगठन ने कहा है कि CCTV की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए, ताकि किसी घटना की स्थिति में पुलिस जांच में उसका इस्तेमाल किया जा सके।

विवाद होने पर आयोजक खुद कार्रवाई न करें
ज्ञापन में कहा गया है कि छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार, मारपीट या किसी अन्य विवाद की स्थिति में आयोजक या भीड़ खुद कानून हाथ में न लें। ऐसे मामलों में तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी जाए। इसके अलावा आयोजकों से मुख्य पदाधिकारियों और सुरक्षा स्वयंसेवकों की सूची संबंधित थाने या प्रशासन को उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
आग, बिजली और इमरजेंसी एग्जिट की भी व्यवस्था
बजरंग दल ने गरबा पंडालों में अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित बिजली व्यवस्था, आपातकालीन निकास और प्राथमिक उपचार की सुविधा रखने की मांग की है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था और जरूरत के अनुसार पुलिस बल की तैनाती की बात भी कही गई है। संगठन ने लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को अनुमति और निर्धारित नियमों के अनुसार रखने की मांग की है।
भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर रखने की मांग
ज्ञापन में अफवाह, भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट और साम्प्रदायिक तनाव बढ़ाने वाली सामग्री पर निगरानी की मांग की गई है। संगठन ने कहा है कि ऐसी किसी भी सूचना की जानकारी तत्काल प्रशासन को दी जानी चाहिए।
बजरंग दल ने जिला प्रशासन से प्रमुख गरबा पंडालों का निरीक्षण कराने और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद जरूरत के अनुसार पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।

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