यूपी में 70 घंटे की बारिश से तबाही : 48 घंटे में 62 मौतें, 711 मकान क्षतिग्रस्त; आज 66 जिलों में अलर्ट, कल से कमजोर पड़ेगा सिस्टम
News Affair Team
Sun, Sep 27, 2026
लखनऊ.
उत्तर प्रदेश में करीब 70 घंटे तक हुई लगातार बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शहरों से लेकर गांवों तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि रविवार को कई इलाकों में बारिश थमी है, लेकिन आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी थी। 28 सितंबर से दोनों हिस्सों के लिए कोई उपखंड-स्तरीय चेतावनी नहीं है।
पिछले 48 घंटे में आंधी-बारिश से पेड़ गिरने, मकान ढहने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में 62 लोगों की मौत की जानकारी दी गई है। वहीं प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 711 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।



गंगा एक्सप्रेसवे पर 2-3 फीट पानी
उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे पर सोनिक टोल प्लाजा के पास करीब 2 से 3 फीट पानी भर गया। एक्सप्रेसवे पर जमा पानी को पंप की मदद से बाहर निकाला जा रहा है।लखनऊ में इकाना स्टेडियम के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया। कई चौराहों पर पानी भर गया। बख्शी का तालाब क्षेत्र में खेत जलमग्न हो गए और फसलें पानी में गिर गईं।
कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और बरेली समेत कई जिलों में भारी बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं। तेज हवा के कारण बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के पोल गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। कानपुर-इटावा हाईवे का करीब 200 मीटर हिस्सा धंसने की जानकारी है।
गंडक बैराज के 36 गेट खोले
कुशीनगर में गंडक बैराज के 36 फाटक खोल दिए गए हैं। नदी में पानी का दबाव बढ़ने से आसपास के इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है। बारिश और जलभराव के कारण कई जगह यातायात प्रभावित हुआ। श्रावस्ती में खराब मौसम के चलते AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का प्रस्तावित दौरा भी रद्द करना पड़ा।
बरेली और गोरखपुर में कई गलियों में पानी भरने से बाइक और कारें डूब गईं। हरदोई में कोतवाली परिसर में पानी घुस गया। बरसाती पानी SHO के कमरे तक पहुंच गया।

27 सितंबर को 66 जिलों में बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार 27 सितंबर को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की अलग-अलग तीव्रता का अनुमान है। पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अनुमान है।

बाराबंकी में नदी की कटान तेज, मस्जिद नदी में समाई
बाराबंकी के हेतमापुर क्षेत्र में सरयू-घाघरा नदी का जलस्तर और कटान चिंता बढ़ा रहा है। नदी की तेज धारा में शनिवार को नदी किनारे स्थित एक मस्जिद का हिस्सा बह गया।
इसके बाद कटान बाबा नारायण दास मंदिर और पशु चिकित्सालय के करीब पहुंच गई है। पशु चिकित्सालय की बाउंड्री का कुछ हिस्सा पहले ही नदी में बह चुका है। खतरे को देखते हुए जरूरी सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
711 मकान क्षतिग्रस्त, राहत आयुक्त ने अफसरों के साथ की बैठक
भारी बारिश से प्रदेश में पिछले 48 घंटे में 711 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।
जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और नुकसान का आकलन तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक हरदोई में 272, सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 और बहराइच में 44 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।


24 घंटे में सामान्य से करीब 25 गुना बारिश
27 सितंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 45.1 मिमी बारिश दर्ज हुई। सामान्य तौर पर इस अवधि में 1.8 मिमी बारिश होती है। यानी इस दौरान बारिश सामान्य से करीब 25 गुना रही।
1 जून से 27 सितंबर तक प्रदेश में 797.1 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 739.8 मिमी होती है। यानी मानसून सीजन में अब तक बारिश सामान्य से करीब 8% अधिक है।
अब आगे क्या होगा?
मौसम विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान के मुताबिक 27 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। 28 सितंबर से पूर्वी और पश्चिमी यूपी के लिए उपखंड स्तर पर कोई चेतावनी नहीं है। लखनऊ के IMD पूर्वानुमान में भी 27 सितंबर के बाद मौसम में सुधार और 28 सितंबर से कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है।
हालांकि स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश और बादल बने रह सकते हैं। लगातार बारिश के बाद नदियों और निचले इलाकों में पानी का स्तर सामान्य होने में समय लग सकता है, इसलिए जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी जारी रहेगी।
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