यूपी की 11 MLC सीटों में भाजपा को 6, सपा को 5 : शिक्षक दल का सूपड़ा साफ, काशी में दोनों सीटें हारी BJP
News Affair Team
Thu, Oct 29, 2026
लखनऊ.
उत्तर प्रदेश की 11 शिक्षक और स्नातक एमएलसी सीटों में भाजपा ने 6 और समाजवादी पार्टी (सपा) ने 5 सीटें जीती हैं। पिछले चुनाव के मुकाबले सपा को दो सीटों का फायदा हुआ, जबकि शिक्षक दल इस बार खाता भी नहीं खोल सका। सबसे ज्यादा चर्चा वाराणसी की है, जहां भाजपा को शिक्षक और स्नातक, दोनों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा ने भाजपा के केदारनाथ सिंह को शिकस्त दी।
नतीजे सामने आते ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई। अखिलेश यादव ने इसे ‘डबल इंजन का डबल जीरो’ बताया, तो कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा को बैलेट से चुनाव कराने की चुनौती दे दी। दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने सपा की जीत को पार्टी की नीतियों के बजाय प्रत्याशियों की व्यक्तिगत मेहनत का परिणाम बताया।
वाराणसी स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा जीते
वाराणसी स्नातक सीट पर लंबी मतगणना के बाद सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा विजयी रहे। उन्हें 55,046 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह को 35,114 वोट हासिल हुए। दोनों के बीच 19,932 वोटों का अंतर रहा।
मतगणना 27 अक्टूबर की सुबह 8 बजे शुरू हुई थी। वाराणसी में गिनती 50 घंटे से ज्यादा चली। मतगणना केंद्र पर बुधवार देर शाम शुरू हुआ हंगामा रातभर जारी रहा। भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने धरना भी दिया, लेकिन गुरुवार सुबह उन्होंने हार स्वीकार कर ली।
वाराणसी की शिक्षक सीट पर भी सपा ने जीत दर्ज की। इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में विधान परिषद की दोनों सीटें भाजपा के हाथ से निकल गईं।
अखिलेश बोले- 'डबल इंजन का डबल जीरो'
नतीजों के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'डबल इंजन का डबल जीरो!' सपा नेताओं ने वाराणसी की दोनों सीटों पर जीत को भाजपा के लिए राजनीतिक झटका बताया।

लखनऊ में सपा मुख्यालय के बाहर इस जीत को लेकर पोस्टर भी लगाए गए। सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव की ओर से लगाए गए पोस्टर पर लिखा था, 'PDA का संदेश, 2027 में आ रहे हैं श्री अखिलेश। अयोध्या जीते श्री अवधेश पासी, आशुतोष-लाल बिहारी जीते काशी।'
सपा सांसद डिंपल यादव ने भी X पर पोस्ट कर पार्टी के पांच प्रत्याशियों की जीत को PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के समर्थन से जोड़ा। उन्होंने कहा कि इन नतीजों से 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा की संभावनाएं मजबूत हुई हैं और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।

सुप्रिया श्रीनेत का भाजपा पर तंज
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने नतीजों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बनारस, पटना और नागपुर जैसे भाजपा के गढ़ों में बैलेट से हुए चुनावों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा में हिम्मत है तो बैलेट से चुनाव कराए, तब उसकी 'हीरोबाजी' सामने आ जाएगी।
सुप्रिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि अभी तो केवल गढ़ हारे हैं, पूरे देश में हारना बाकी है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अयोध्या और काशी में मिली हार के बाद भाजपा को जनता के संदेश पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चढ़ावे की कथित चोरी का जिक्र करते हुए इसे भगवान की सजा बताया।

कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने भी भाजपा की हार पर टिप्पणी की। उन्होंने बनारस, पटना और नागपुर का जिक्र करते हुए पार्टी पर निशाना साधा।
भाजपा ने कहा- प्रत्याशियों की व्यक्तिगत जीत
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेश खन्ना ने नतीजों को सपा की नीतियों की जीत मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि जीत में उम्मीदवारों की व्यक्तिगत मेहनत और प्रभाव की बड़ी भूमिका रही है। भाजपा की ओर से चुनाव में कुल छह सीटें जीतने पर भी जोर दिया गया।
वहीं, मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा को इन नतीजों के आधार पर विधानसभा चुनाव में जीत का दावा करने से बचने की सलाह दी। उनका कहना था कि एमएलसी चुनाव का मतदाता वर्ग सीमित होता है और इसके नतीजों की तुलना विधानसभा चुनाव से नहीं की जा सकती।
23 अक्टूबर को हुआ था मतदान
उत्तर प्रदेश की 5 स्नातक और 6 शिक्षक एमएलसी सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव में कुल 152 प्रत्याशी मैदान में थे। दोनों श्रेणियों को मिलाकर करीब 14.81 लाख मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से लगभग 8.18 लाख मतदाताओं ने वोट डाला, जो करीब 55 प्रतिशत मतदान रहा।
पिछले चुनाव में 11 सीटों में से भाजपा के पास 6, सपा के पास 3, शिक्षक दल के पास एक और एक सीट निर्दलीय के खाते में थी। इस बार भाजपा ने अपनी छह सीटें बरकरार रखीं, जबकि सपा ने अपनी संख्या तीन से बढ़ाकर पांच कर ली। शिक्षक दल और निर्दलीय के खाते में इस बार कोई सीट नहीं आई।
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