पान मसाला-तंबाकू के प्लास्टिक पाउच पर बैन : FSSAI ने जारी की अधिसूचना; अब प्लास्टिक-एल्युमिनियम पैकिंग में नहीं बिकेगा
नई दिल्ली.
पान मसाला के छोटे प्लास्टिक पाउच को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पान मसाला की प्लास्टिक पैकेजिंग पर रोक लगा दी है। अब पान मसाला को प्लास्टिक, सिंथेटिक पॉलिमर या एल्युमिनियम फॉयल वाली पैकेजिंग में पैक नहीं किया जा सकेगा।
FSSAI ने Food Safety and Standards (Packaging) Amendment Regulations, 2026 को 7 अगस्त 2026 को अधिसूचित कर दिया है। नए नियम राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ लागू हो गए हैं। इसके साथ ही पान मसाला की पैकेजिंग के लिए नए मानक तय कर दिए गए हैं।
प्लास्टिक पाउच में नहीं बिकेगा पान मसाला
नए नियम के तहत पान मसाला की पैकेजिंग ऐसी सामग्री से करनी होगी, जिसमें प्लास्टिक का इस्तेमाल न हो। FSSAI ने इसमें पॉलीथीन, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलिएस्टर, PVC और अन्य सिंथेटिक पॉलिमर को भी शामिल किया है।
इसके अलावा को-पॉलिमर, प्लास्टिक लैमिनेट और एल्युमिनियम फॉयल या मेटलाइज्ड लेयर वाली पैकेजिंग पर भी रोक लगाई गई है। यानी बाजार में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक-एल्युमिनियम के मल्टीलेयर पाउच अब नए नियमों के अनुरूप नहीं होंगे।

बाहर कागज और अंदर प्लास्टिक भी नहीं चलेगा
नए नियमों में पैकेजिंग को लेकर स्पष्ट प्रावधान किया गया है। केवल बाहर से कागज का कवर लगाने और अंदर प्लास्टिक या एल्युमिनियम की लेयर रखने से कंपनियां नियमों का पालन नहीं कर सकेंगी। पैकेजिंग सामग्री को निर्धारित प्लास्टिक-मुक्त मानकों के अनुरूप रखना होगा।
अब किन चीजों में पैक होगा पान मसाला?
FSSAI की अधिसूचना में पान मसाला की पैकेजिंग के लिए पेपर, पेपर बोर्ड, सेल्यूलोज और अन्य प्राकृतिक रूप से प्राप्त सामग्री का विकल्प दिया गया है। इसके अलावा टिन या ग्लास कंटेनर में भी पान मसाला पैक किया जा सकेगा।
इस बदलाव के बाद पान मसाला के छोटे प्लास्टिक पाउच की जगह कागज आधारित पैकेजिंग, टिन के डिब्बे या ग्लास कंटेनर बाजार में ज्यादा नजर आ सकते हैं।
7 अगस्त से लागू हुआ नया नियम
FSSAI ने अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि Food Safety and Standards (Packaging) Amendment Regulations, 2026 राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी होंगे।
अधिसूचना 7 अगस्त 2026 को जारी की गई है। यानी पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर नया नियामकीय प्रावधान अब प्रभावी हो चुका है।
प्लास्टिक कचरा कम करने की दिशा में बड़ा कदम
पान मसाला के छोटे पाउच बड़ी संख्या में इस्तेमाल होते हैं और इनके कारण प्लास्टिक कचरे की समस्या भी बढ़ती है। नई व्यवस्था का एक प्रमुख उद्देश्य पान मसाला की पैकेजिंग में प्लास्टिक और एल्युमिनियम आधारित सामग्री को हटाना है।
FSSAI ने नए प्रावधान में Plastic Waste Management Rules, 2016 के संबंधित प्रावधानों को भी लागू किए जाने की बात कही है।
पान मसाला पर नहीं, पैकेजिंग पर बैन
यहां एक बात स्पष्ट है कि पान मसाला उत्पाद पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। FSSAI का फैसला उसकी पैकेजिंग को लेकर है। यानी पान मसाला की बिक्री जारी रहेगी, लेकिन उसे अब निर्धारित प्लास्टिक-मुक्त पैकेजिंग में ही पैक करना होगा।
कंपनियों को बदलनी होगी पैकिंग व्यवस्था
नए नियमों के लागू होने के बाद पान मसाला कंपनियों के सामने पैकेजिंग सिस्टम बदलने की चुनौती होगी। प्लास्टिक-एल्युमिनियम वाले मौजूदा पाउच की जगह नए पैकेजिंग मटेरियल और डिजाइन अपनाने होंगे।
इससे पैकेजिंग की लागत और उत्पादन प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। कंपनियां इसका कितना भार ग्राहकों पर डालती हैं, यह आगे स्पष्ट होगा।
एक नजर में नए नियम
प्लास्टिक पाउच: बैन
प्लास्टिक-एल्युमिनियम मल्टीलेयर पैकेजिंग: बैन
PVC और अन्य सिंथेटिक पॉलिमर: बैन
एल्युमिनियम फॉयल/मेटलाइज्ड लेयर: बैन
पेपर/पेपर बोर्ड: अनुमत
सेल्यूलोज/प्राकृतिक सामग्री: अनुमत
टिन कंटेनर: अनुमत
ग्लास कंटेनर: अनुमत
पान मसाला की बिक्री: जारी रहेगी
नियम लागू: राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से
सीधी बात: अब पान मसाला का वही प्लास्टिक-एल्युमिनियम वाला छोटा पाउच नहीं चलेगा। FSSAI ने पैकेजिंग के नए नियम लागू कर दिए हैं और कंपनियों को प्लास्टिक-मुक्त विकल्पों की ओर जाना होगा।
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