शराब घोटाले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष गिरफ्तार : रामगोपाल अग्रवाल ED की रिमांड पर, भूपेश बघेल कोर्ट पहुंचे; बोले- राजनीतिक विद्वेष में कार्रवाई
News Affair Team
Wed, Aug 12, 2026
रायपुर.
छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां से ED को 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड मिली है। अब रामगोपाल अग्रवाल को 17 अगस्त को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
ED की रिमांड के बाद इस मामले में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। एजेंसी उनसे शराब घोटाले के साथ कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े कथित पैसों के लेन-देन को लेकर पूछताछ करेगी।

कोर्ट पहुंचे भूपेश बघेल, रामगोपाल से की मुलाकात
मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी कोर्ट पहुंचे और रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। मुलाकात के बाद बघेल ने ED की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक विद्वेष के चलते की जा रही है। बघेल के मुताबिक, जांच एजेंसियों के पास न तो पर्याप्त सबूत हैं और न ही वास्तविक गवाह। बघेल ने कहा कि एजेंसियों का इस्तेमाल नेताओं को परेशान और बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।
ED ने कहा- सह आरोपियों से पूछताछ में सामने आया नाम
रामगोपाल अग्रवाल की ओर से कोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता फैजल रिजवी ने बताया कि ED ने 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड मांगी थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
बचाव पक्ष के मुताबिक, ED का कहना है कि सह-आरोपियों से पूछताछ के दौरान रामगोपाल अग्रवाल का नाम सामने आया है। इसी आधार पर एजेंसी उनसे आगे पूछताछ करना चाहती है।
EOW भी कर चुकी है पूछताछ
ED से पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर पूछताछ कर चुका है। अब ED उनसे अपनी जांच से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ करेगी।
EOW की जांच में कथित शराब घोटाले के अलावा कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े पैसों को ठिकाने लगाने में रामगोपाल अग्रवाल की कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
करीब तीन साल तक फरार रहे, 8 जुलाई को किया सरेंडर
रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक फरार रहने के बाद 8 जुलाई को EOW कार्यालय पहुंचे थे और सरेंडर किया था। इसके बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और उन्हें अदालत में पेश किया गया।
कोर्ट ने 9 जुलाई को उन्हें 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 5 अगस्त तक EOW की कस्टडी में रखा गया। अब ED ने उन्हें गिरफ्तार कर अपनी जांच के लिए रिमांड हासिल की है।
25 जुलाई के बाद 11 अगस्त को दूसरी बार मिले बघेल
रामगोपाल अग्रवाल से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की यह दूसरी मुलाकात बताई जा रही है। 25 जुलाई को भी बघेल समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी।
उस समय बघेल ने आरोप लगाया था कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कांग्रेस और उसके नेताओं को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। 11 अगस्त को कोर्ट पहुंचकर उन्होंने एक बार फिर रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की।
क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला मामला?
छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले की जांच ED और राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण एजेंसी कर रही हैं। मामले में सरकारी शराब कारोबार में कथित अनियमितता, अवैध वसूली और रकम के लेन-देन की जांच की जा रही है।
ED की ओर से दर्ज कराई गई FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक के कथित घोटाले का उल्लेख है। वहीं, राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चाओं में यह मामला करीब 3,400 करोड़ रुपए के कथित शराब घोटाले के रूप में भी सामने आया है।
ED का आरोप रहा है कि तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में शराब कारोबार से जुड़े एक कथित सिंडिकेट के जरिए अवैध वसूली और पैसों का लेन-देन किया गया।
डुप्लीकेट होलोग्राम से शराब बेचने का आरोप
ACB की जांच के मुताबिक, 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब दुकानों से कथित तौर पर डुप्लीकेट होलोग्राम लगी शराब बेचे जाने का मामला सामने आया था।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस व्यवस्था के कारण सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान हुआ। शराब की बिक्री और उससे जुड़े पैसों के लेन-देन की कड़ियों को जोड़ते हुए जांच एजेंसियां कई आरोपियों और संदिग्ध लेन-देन की जांच कर चुकी हैं।
जांच में अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और एपी त्रिपाठी के नाम
ED की जांच में कारोबारी अनवर ढेबर, तत्कालीन IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं।
जांच एजेंसी का आरोप है कि इन लोगों से जुड़े नेटवर्क के जरिए शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए गए हैं और मामला न्यायिक प्रक्रिया में है।
अब रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ पर नजर
ED की 5 दिन की रिमांड मिलने के बाद अब जांच एजेंसी रामगोपाल अग्रवाल से कथित पैसों के लेन-देन, अन्य आरोपियों से संपर्क और शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क को लेकर पूछताछ करेगी।
17 अगस्त को उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। इस दौरान ED की पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों और संभावित नए नामों पर नजर रहेगी।
भूपेश बघेल का आरोप: “राजनीतिक विद्वेष के चलते कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसियों के पास न गवाह हैं, न साक्ष्य। यह कार्रवाई परेशान और बदनाम करने के लिए की जा रही है।”
वहीं जांच एजेंसियों का पक्ष: ED और EOW कथित शराब घोटाले, अवैध वसूली और पैसों के लेन-देन से जुड़े आरोपों की जांच कर रही हैं। अदालत ने ED को 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड दी है। मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
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