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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : रायपुर सेंट्रल जेल में चैतन्य बघेल से मिलने पहुंचे पायलट; बोले-भाजपा के खिलाफ बोलने पर पड़ता है ED का छापा

News Affair Team

Sat, Jul 26, 2025

रायपुर.

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट शनिवार को रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे और चैतन्य से मुलाकात की।

मुलाकात के बाद सचिन पायलट ने कहा, भाजपा के खिलाफ बोलने वालों पर ED के छापे पड़ रहे हैं। बिना नोटिस और समन के कार्रवाई की जा रही है। केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का उपयोग विरोधियों की आवाज दबाने के लिए कर रही है। उन्होंने हसदेव और तमनार जंगलों की कटाई का विरोध करने के चलते कांग्रेस नेताओं को टारगेट किए जाने का आरोप भी लगाया।

भाजपा का पलटवार: ‘पप्पू और बिट्टू की राजनीति

भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने पायलट के दौरे पर तंज कसते हुए कहा, “दिल्ली में पप्पू और छत्तीसगढ़ में बिट्टू, यही कांग्रेस की राजनीति रह गई है। पार्टी अब केवल परिवारवाद तक सिमट चुकी है।

ED की कार्रवाई और कोर्ट में पेशी

22 जुलाई को चैतन्य बघेल को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 4 अगस्त तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इससे पहले ED ने उन्हें 5 दिन की कस्टडी में लेकर पूछताछ की थी।

ED के वकील सौरभ पांडेय ने अदालत में बताया, “चैतन्य बघेल के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं कि वह 1000 करोड़ से अधिक के शराब घोटाले से जुड़े हुए हैं। पूछताछ के दौरान उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिए, इसीलिए उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया।

सुप्रीम कोर्ट की ED पर टिप्पणी

21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने ED की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, “राजनीतिक लड़ाइयाँ चुनाव में लड़ी जानी चाहिए, जांच एजेंसियों के जरिए नहीं।कोर्ट की यह टिप्पणी इस बात की पुष्टि करती है कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को केंद्र सरकार के खिलाफ बताया और ट्वीट कर कहा, “ED अब भाजपा का विंग बन गई है।

चैतन्य बघेल पर आरोप क्या हैं?

ED के मुताबिक, शराब कारोबारी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू ने स्वीकार किया कि उसने और चैतन्य बघेल ने मिलकर 1000 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध रकम को हैंडल किया।

  • अनवर ढेबर ने यह पैसा दीपेन चावड़ा को पहुंचाया

  • दीपेन से यह रकम राम गोपाल अग्रवाल को दी गई

  • 100 करोड़ नकद केके श्रीवास्तव को दिए गए

पप्पू बंसल ने यह भी कबूला कि उसे केवल 3 महीने में 136 करोड़ रुपए की कमाई हुई। चैट रिकॉर्ड्स और गवाहों के बयान इसका समर्थन करते हैं।

बचाव पक्ष की दलील

चैतन्य बघेल के वकील फैजल रिजवी ने कहा कि ED ने जो तीन आधार पेश किए, वे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।

  1. 5 करोड़ का लोनयह 2019 में लिया गया था, और अब तक 2.21 करोड़ ब्याज के रूप में चुका दिया गया है।

  2. फ्लैट का सौदात्रिलोक सिंह ढिल्लन पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्होंने वैध स्रोतों से भुगतान किया था।

  3. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ED जानबूझकर भ्रामक तथ्यों को पेश कर रही है।

ED की विस्तृत जांच और आरोप

  • विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट में 13-15 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया गया, लेकिन रिकॉर्ड में 7.14 करोड़ दिखाया गया। 4.2 करोड़ कैश में भुगतान हुआ।

  • फर्जी फ्लैट खरीदी के जरिए 5 करोड़ ट्रांसफर किए गए।

  • ज्वेलर्स से कैश लेकर बाद में प्लॉट बेचे गए ताकि पैसे को वैध दिखाया जा सके।

  • फ्रंट कंपनियों का उपयोग कर ट्रैकिंग से बचने की कोशिश की गई।

  • ED का दावा है कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की पड़ताल

ED की जांच के मुताबिक यह घोटाला 2000 करोड़ रुपए से भी अधिक का है। इस पूरे घोटाले को IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के पूर्व MD AP त्रिपाठी, और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट द्वारा संचालित किया गया।

A श्रेणी: डिस्टलरी कमीशन

  • प्रति पेटी 75 से 100 रुपए तक कमीशन

  • टेंडर रेट बढ़ाकर नुकसान की भरपाई

B श्रेणी: नकली होलोग्राम की शराब बिक्री

  • नकली होलोग्राम से शराब की सप्लाई

  • बिना एक्साइज शुल्क के सरकारी दुकानों तक सप्लाई

  • दुकानकर्मियों और अधिकारियों की मिलीभगत

C श्रेणी: रिकार्ड से छुपाकर बिक्री

  • 15 जिलों में अवैध शराब बिक्री

  • 40 लाख पेटियों की अवैध बिक्री

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