बिलासपुर में कांग्रेस नेता पर फायरिंग : जनपद उपाध्यक्ष नीतेश सिंह पर 14 राउंड चलीं गोलियां; 2 घायल, 6 संदिग्ध पकड़े गए
News Affair Team
Wed, Oct 29, 2025
बिलासपुर.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी में मंगलवार रात (28 अक्टूबर) कांग्रेस नेता और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष नीतेश सिंह पर नकाबपोश हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस गोलीकांड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें बाइक सवार दो शूटर गोलियां बरसाते हुए दिख रहे हैं।
वीडियो में साफ नजर आ रहा है, एक व्यक्ति बाइक चलाते हुए फायर करता है, जबकि पीछे बैठा शूटर उतरकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने लगता है। हमले के जवाब में नीतेश सिंह और उनके सुरक्षाकर्मियों ने भी फायरिंग की, जिसके बाद हमलावर मौके से भाग निकले। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने करीब 14 राउंड फायरिंग की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है।

दो रिश्तेदार गोली लगने से घायल
हमले के वक्त मौके पर नीतेश सिंह के साथ पूर्व सरपंच चंद्रकांत सिंह (55) और उनके रिश्तेदार राजकुमार सिंह उर्फ राजू सिंह (45) भी मौजूद थे। फायरिंग के दौरान चंद्रकांत के हाथ में और राजू सिंह के पैर में दो गोलियां लगीं। दोनों को तत्काल अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, चंद्रकांत के हाथ से गोली पार हो गई थी, जबकि राजू सिंह के पैर से दो गोलियां निकाल ली गईं। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जवाबी फायरिंग के दौरान ही हमलावर वहां से फरार हुए।
तीन साल पहले भी कांग्रेस नेता की हत्या
यह घटना बिलासपुर में तीन साल पहले हुई एक और दर्दनाक वारदात की याद दिलाती है। 14 दिसंबर 2022 को कांग्रेस नेता और हिस्ट्रीशीटर संजू त्रिपाठी की सकरी चौक के पास अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। संजू की कार को घेरकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। बाद में जांच में पता चला कि हत्या की साजिश उसके ही भाई कपिल त्रिपाठी ने रची थी और इसके लिए उत्तर प्रदेश के शूटर्स को सुपारी दी गई थी। अब नीतेश सिंह पर हुआ हमला भी उसी तरह की सुपारी किलिंग से जुड़ा माना जा रहा है।
राजनीतिक वर्चस्व और पुराने विवाद पर शक
पुलिस जांच के शुरुआती दौर में सामने आया है कि हमले की वजह राजनीतिक वर्चस्व या पुरानी रंजिश हो सकती है। दरअसल, 2023 में मस्तूरी के युवक कांग्रेस नेताओं के दो गुटों में भिड़ंत हुई थी। इस दौरान नीतेश सिंह पर आरोप लगा था कि उन्होंने युवक कांग्रेस मस्तूरी के उपाध्यक्ष विश्वजीत अनंत और उसके साथियों पर हमला किया था। इस मामले में दोनों गुटों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।
इसके अलावा, कुछ महीने पहले नीतेश सिंह का एक मवेशी तस्कर से विवाद भी हुआ था। अब पुलिस इन सभी पुराने मामलों को जोड़कर जांच कर रही है।
पुलिस को शक – हमलावरों ने पहले की थी रेकी
घटना के तरीके से पुलिस को यह संदेह है कि हमलावरों को नीतेश सिंह की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी। नीतेश हर शाम अपने मामा टुकेश सिंह, तमेश सिंह और अन्य रिश्तेदारों के साथ ऑफिस के बाहर बैठते थे।
पुलिस को आशंका है कि शूटरों ने बीते कुछ दिनों में इलाके की रेकी की थी। मौके से फरार होने के लिए उन्होंने एक ही दिशा में दो बाइकें तैयार रखी थीं। अब पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों के भागने का रूट और वाहन का नंबर ट्रेस किया जा सके।
पहले से थी हमले की चेतावनी
सूत्रों के अनुसार, नीतेश सिंह को एक सप्ताह पहले ही कुछ बदमाशों ने हमले की चेतावनी दी थी। जानकारी मिली थी कि नीतेश पर हमले की सुपारी जेल में बैठे अपराधियों के जरिए दी गई है। लेकिन नीतेश सिंह ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
अब पुलिस इस इनपुट की भी जांच कर रही है कि हमलावरों का कनेक्शन जेल के किसी गैंग या स्थानीय माफिया से तो नहीं है।
पुलिस की कार्रवाई – छह संदिग्ध हिरासत में
हमले की खबर मिलते ही बिलासपुर पुलिस और एसपी संतोष सिंह के नेतृत्व में कई थानों की टीमें सक्रिय हो गईं। जिले की सीमाओं पर नाकेबंदी की गई, हालांकि हमलावर पकड़ में नहीं आए। पुलिस ने देर रात छह संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और शूटर्स तक पहुंचने की दिशा में पुलिस तेजी से काम कर रही है। फिलहाल CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन डेटा के आधार पर जांच जारी है।
बचाव में जवाबी फायरिंग से बचे नीतेश
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फायरिंग शुरू होते ही ऑफिस में मौजूद लोगों ने कुर्सियां फेंककर हमलावरों को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान नीतेश सिंह ने भी जवाबी फायरिंग की, जिससे शूटर भाग निकले। हमलावरों की बाइक सवार जोड़ी ने भागते समय भी दो राउंड गोलियां हवा में चलाईं ताकि कोई उनका पीछा न कर सके।
पुलिस ने घटनास्थल से 14 खोखे और 3 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। माना जा रहा है कि शूटरों ने 9 एमएम पिस्टल का इस्तेमाल किया।
घटना के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मस्तूरी थाना, कोटा थाना और सिविल लाइन पुलिस की टीमों को नीतेश सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा में तैनात किया गया है।
पुलिस का कहना है कि हमले के सभी एंगल राजनीतिक, आपराधिक और व्यक्तिगत रंजिश पर जांच चल रही है।
सुपारी किलिंग की तरफ बढ़ते संकेत
अब तक की जांच से यह भी संकेत मिल रहे हैं कि हमले के पीछे सुपारी किलिंग की साजिश हो सकती है।
पुलिस के सूत्रों ने बताया कि जेल में बंद कुछ कुख्यात बदमाशों से पूछताछ के बाद संभावना है कि हमलावरों को बाहर से सुपारी दी गई थी।
हालांकि पुलिस अभी आधिकारिक बयान जारी करने से बच रही है, पर माना जा रहा है कि कुछ गिरफ्तारियां जल्द संभव हैं।
स्थानीय राजनीति में हलचल
हमले के बाद स्थानीय राजनीति में भी उथल-पुथल मच गई है। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और नीतेश सिंह को सुरक्षा देने की मांग की है। वहीं विपक्षी दलों ने इसे कानून-व्यवस्था की नाकामी करार दिया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि, पार्टी के जनप्रतिनिधियों पर हो रहे लगातार हमले प्रशासन की निष्क्रियता को दर्शाते हैं। दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
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