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प्रयागराज में पुलिस की बर्बरता : थाने में 5 दरोगाओ ने फॉलोअर की पीटा, फिर FIR; CCTV फुटेज जांच के आदेश

News Affair Team

Thu, Oct 2, 2025

प्रयागराज.

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से पुलिस बर्बरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां थाना पूरामुफ्ती में तैनात 5 सब-इंस्पेक्टरों पर एक प्राइवेट फॉलोअर (खाना बनाने वाले) को थाने के भीतर ही डंडों और लात-घूसों से बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है।

पीड़ित का नाम प्रभुनारायण शुक्ला है, जो पिछले 16 साल से पूरामुफ्ती थाने में निजी तौर पर फॉलोअर का काम करता है। आरोप है कि आधी रात दरोगाओं ने उसके कमरे में घुसकर गाली-गलौज की, फिर थाने के अंदर ले जाकर उसकी निर्ममता से पिटाई की, चमड़ी उधेड़ दी, और इसके बाद भी संतोष नहीं हुआ तो उसका शांतिभंग में चालान भी कर दिया।

इस घटना से प्रयागराज पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है और लोग #PrayagrajPolice, #UPPoliceBrutality, #PrayagrajNewsToday जैसे हैशटैग के जरिए आक्रोश जता रहे हैं।

16 साल से थाने में काम कर रहा था फॉलोअर

कौशांबी जिले के चरवा थाना क्षेत्र के काजू गांव निवासी प्रभुनारायण शुक्ला ने मीडिया को बताया कि वह पिछले 16 वर्षों से पूरामुफ्ती थाने में खाना बनाने और अन्य कार्यों में सहयोग करता रहा है। वह थाने परिसर में ही एक कमरे में रहता था।

28 सितंबर की रात भी उसने रोज की तरह खाना बनाया और काम खत्म करके अपने कमरे में सो गया था। रात करीब 11:30 बजे अचानक सब-इंस्पेक्टर विवेक उसके कमरे पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। इसके बाद उसे थाने के मुख्य हिस्से में ले गए।

चार सब-इंस्पेक्टर और एक महिला दरोगा पर आरोप

प्रभुनारायण ने बताया कि थाने के अंदर पहले से मौजूद सब-इंस्पेक्टर वरुण कांत, विशाल और निशांत ने मिलकर डंडों और लात-घूसों से उसकी जमकर पिटाई की।

इसी दौरान वहां अंडर ट्रेनी महिला सब-इंस्पेक्टर कोमल भी पहुंचीं और उन्होंने भी डंडे से प्रहार किए। पिटाई इतनी जबरदस्त थी कि उसके शरीर पर जगह-जगह चोट और सूजन के निशान साफ दिखाई दे रहे थे।

सीसीटीवी फुटेज से खुल सकती है पूरी सच्चाई

पीड़ित का कहना है कि पूरी घटना थाने के CCTV कैमरों में कैद है। उसने अधिकारियों से मांग की है कि CCTV फुटेज को सार्वजनिक किया जाए ताकि सच सामने सके।

उसका यह भी आरोप है कि मारपीट के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे उल्टा शांतिभंग (107/116) में चालान कर दिया, ताकि मामले को दबाया जा सके और आरोपियों को बचाया जा सके।

DCP बोले- दोषियों पर होगी कार्रवाई

इस पूरे मामले पर DCP सिटी मनीष कुमार शांडिल्य ने कहा,

घटना की गंभीरता को देखते हुए पांचों सब-इंस्पेक्टर को पूरामुफ्ती थाने से हटा दिया गया है। विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। CCTV फुटेज और गवाहों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

यूपी पुलिस पर बार-बार उठते सवाल

यह पहला मौका नहीं है जब उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हों। इससे पहले भी कई बार पुलिसकर्मियों द्वारा थानों में मारपीट, हिरासत में मौत और बर्बरता जैसे आरोप सामने आते रहे हैं।

पिछले कुछ वर्षों में प्रयागराज और आसपास के जिलों में पुलिस की छवि को धक्का पहुंचाने वाले कई मामले सामने आए हैं। ह्यूमन राइट्स कमीशन और अन्य सामाजिक संगठन भी लगातार पुलिस सुधारों की मांग कर रहे हैं।

सरकार की सख्ती बनाम जमीनी हकीकत

योगी आदित्यनाथ सरकार ने पुलिस की छवि सुधारने और अपराधियों पर सख्ती दिखाने के लिए कई अभियान चलाए हैं। लेकिन इस तरह की घटनाएं सरकार के प्रयासों पर सवाल खड़े करती हैं।

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