हमीदिया अस्पतााल के नाम पर सियासी घमासान : भाजपा बोली- भोपाल नवाब गद्दार था, पाकिस्तान में करना चाहता था विलय; कांग्रेस ने गलत बताया
News Affair Team
Fri, Jul 25, 2025
भोपाल.
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित राज्य का सबसे बड़ा सरकारी हमीदिया अस्पताल, और उससे जुड़े स्कूल और कॉलेज का नाम बदलने को लेकर राजनीति गरमा गई है। भोपाल नगर निगम की बैठक में नाम बदलने का प्रस्ताव पारित हो चुका है। अब यह मामला प्रदेश सरकार के पास भेजा गया है।
बैठक के दौरान भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों के बीच तीखी बहस, यहां तक कि हाथापाई जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

भाजपा का आरोप- नवाब ने राष्ट्रवादियों पर गोलियां चलवाईं
नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा, "नवाब हमीदुल्ला भारत का गद्दार था। उसने दो साल तक भोपाल को भारत में विलय से रोके रखा और पाकिस्तान में शामिल करना चाहता था।"
उन्होंने दावा किया कि नवाब ने राष्ट्रवादियों पर गोलियां चलवाईं और खुद पाकिस्तान का वजीर बनने की चाह रखता था।


हमीदिया रोड पहले ही बना ‘गुरुनानक मार्ग’
सूर्यवंशी ने बताया कि निगम को सड़कों और चौराहों का नाम बदलने का अधिकार है, इसलिए सितंबर 2023 में हमीदिया रोड का नाम बदलकर ‘गुरुनानक मार्ग’ कर दिया गया था। लेकिन चूंकि स्कूल, कॉलेज और अस्पताल पर निर्णय लेना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए यह प्रस्ताव अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेजा गया है।
कांग्रेस बोली- नवाब को गद्दार कहना सरासर गलत
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और कांग्रेस पार्षदों ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। मसूद ने कहा, "भोपाल की रियासत इकलौती थी जिसने 1929 में महात्मा गांधी को तीन दिन के लिए सरकारी मेहमान के रूप में आमंत्रित किया था।"
उन्होंने बताया कि नवाब हमीदुल्ला ने हमीदिया अस्पताल, स्कूल और कॉलेज की स्थापना के लिए अपनी निजी संपत्ति दान की थी, जिसे भूलना कृतघ्नता होगी।
बैठक में हाथापाई, धमकियों के आरोप
बीजेपी पार्षद देवेंद्र भार्गव ने सदन में कहा कि वह प्रस्ताव लाने का अधिकार रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्षदों ने उन्हें सदन के बाहर देख लेने की धमकी दी है। उन्होंने यह भी कहा कि "जब तिरंगा फहराया गया तो नवाब की सेना ने लाठियां बरसाईं। यह तथ्य हैं, भावनाएं नहीं।"

अब आगे क्या होगा?
प्रस्ताव पारित होने के बाद यह प्रदेश सरकार को भेजा गया है।
स्वीकृति के बाद प्रस्ताव संबंधित शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को जाएगा।
मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा जा चुका है और व्यक्तिगत मुलाकात भी प्रस्तावित है।
मुख्य बिंदु:
हमीदिया अस्पताल, स्कूल, कॉलेज का नाम बदलने का प्रस्ताव पास।
बीजेपी ने नवाब को गद्दार कहा, कांग्रेस ने किया विरोध।
बैठक में हंगामा और हाथापाई के हालात।
नवाब की संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित करने की बात भी उठी।
मामला अब सरकार के पाले में।
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