महिलाओं के नाम संपत्ति रजिस्ट्री में 51% उछाल : 3 महीने में 30,720 महिलाओं ने कराई रजिस्ट्री; ₹76.95 करोड़ की बचत
News Affair Team
Sun, Aug 23, 2026
रायपुर.
छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने का चलन तेजी से बढ़ा है। राज्य सरकार की ओर से महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर 50% पंजीयन शुल्क में छूट देने का असर अब आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। 6 मई से 27 जुलाई 2026 के बीच महिलाओं के नाम 30,720 संपत्ति दस्तावेज पंजीकृत हुए। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 20,319 था। यानी एक साल में महिलाओं के नाम पंजीयन में करीब 51% की बढ़ोतरी हुई है।
पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के तुलनात्मक आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में महिलाओं की संपत्ति खरीद में हिस्सेदारी भी बढ़ी है। वर्ष 2025 में कुल पंजीकृत विक्रय विलेखों में महिलाओं की हिस्सेदारी 32% थी, जो 2026 में बढ़कर 41% हो गई। यानी एक साल में महिलाओं की हिस्सेदारी में 9 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई।

रायपुर में 4,220 से बढ़कर 6,038 पंजीयन
महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में यह बढ़ोतरी सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं है। प्रदेश के करीब 75% जिलों में 20% से ज्यादा सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। रायपुर में महिलाओं के नाम पंजीकृत दस्तावेजों की संख्या 4,220 से बढ़कर 6,038 हो गई। बिलासपुर में यह आंकड़ा 1,894 से बढ़कर 2,958 और जांजगीर-चांपा में 1,239 से बढ़कर 2,302 पहुंच गया। जांजगीर-चांपा, बालोद, कोरिया और कांकेर समेत कई जिलों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
50% शुल्क छूट से 76.95 करोड़ की सीधी राहत
महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा देने के लिए दी जा रही 50% शुल्क छूट का सीधा आर्थिक लाभ भी सामने आया है। 6 मई से 27 जुलाई 2026 के बीच इस छूट से नागरिकों को ₹76 करोड़ 95 लाख 33 हजार 689 की राहत मिली है। सरकार का कहना है कि शुल्क में राहत के साथ महिलाओं के नाम संपत्ति का स्वामित्व बढ़ने से उनकी आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत हो रही है।

एक साल में कुल रजिस्ट्री भी बढ़ी
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 6 मई से 27 जुलाई 2025 के बीच कुल 63,174 विक्रय विलेख पंजीकृत हुए थे। इनमें 20,319 दस्तावेज महिलाओं के नाम थे। वहीं, 2026 की समान अवधि में कुल विक्रय विलेखों की संख्या बढ़कर 74,424 हो गई। इनमें 30,720 दस्तावेजों में महिलाएं खरीदार थीं। इस तरह कुल रजिस्ट्रियों में भी बढ़ोतरी हुई और महिलाओं की भागीदारी उससे तेज गति से बढ़ी।
CM साय बोले- संपत्ति का मालिकाना महिलाओं को देता है आर्थिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का मतलब उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और संपत्ति में उनका अधिकार बढ़ाना भी है। इसी उद्देश्य से महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर 50% शुल्क छूट का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन बढ़ना इस पहल के सकारात्मक परिणाम का संकेत है। संपत्ति का स्वामित्व महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ परिवार के महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी भूमिका को भी मजबूत करता है।
OP चौधरी बोले- सामाजिक सोच में बदलाव का संकेत
वित्त एवं वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में वृद्धि प्रदेश में सामाजिक और आर्थिक सोच में बदलाव का संकेत है। शुल्क में 50% की छूट ने परिवारों को महिलाओं के नाम संपत्ति दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया है।
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