उत्तराखंड में अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में अतिरिक्त छूट : धामी कैबिनेट के 13 फैसले; हरिद्वार में दूसरा मेडिकल कॉलेज; बाढ़ क्षेत्र में निर्माण पर नियंत्रण
News Affair Team
Mon, Oct 12, 2026
हरिद्वार.
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को पहली बार हरिद्वार में कैबिनेट बैठक हुई। मेला नियंत्रण भवन सभागार में हुई बैठक में 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे अहम फैसला समूह-ग के वर्दीधारी पदों पर भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को अतिरिक्त छूट देने का है। पहले से लागू 10% क्षैतिज आरक्षण के साथ अब भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक परीक्षा और न्यूनतम ऊंचाई के मानकों में भी छूट देने का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निर्माण नियंत्रित करने, बाल वीरता पुरस्कार योजना शुरू करने और हरिद्वार में स्वास्थ्य व शोध सुविधाओं के विस्तार से जुड़े प्रस्ताव मंजूर किए गए। बैठक से पहले मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन किया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।


हरिद्वार में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
कैबिनेट ने हरिद्वार में दूसरे मेडिकल कॉलेज और ईएसआई मेडिकल कॉलेज से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी। ईएसआई अस्पताल के लिए 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया। इससे क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार का रास्ता खुलेगा।
ऋषिकुल में बनेगा प्राच्य शोध संस्थान
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के संचालन के लिए सोसायटी गठन को मंजूरी दी गई। यहां योग, ध्यान, आयुर्वेद, ज्योतिष, ललित कला, हिंदू अध्ययन और दर्शन से जुड़े केंद्र विकसित करने की योजना है।
छोटे अपराधों पर नियम होंगे आसान
द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक-2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत छोटे अपराधों और तकनीकी चूकों पर कार्रवाई को सरल बनाने तथा गैरजरूरी कानूनी प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव है।
कैबिनेट ने मौजूदा अग्निशमन कानून की जगह उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक-2026 लाने को भी मंजूरी दी। इसका उद्देश्य आग और आपात स्थितियों से निपटने की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

विधानसभा सत्र की तारीख तय करने का अधिकार CM को
उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के 2026 के तीसरे सत्र को बुलाने की मंजूरी दी गई। सत्र की तारीख और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।
परिसंपत्तियों से मिलने वाली आय का 92% संबंधित एजेंसियों को
उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सरकारी एजेंसियों, स्थानीय निकायों और संबंधित संस्थाओं की परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से मिलने वाली रकम का 92% हिस्सा संबंधित एजेंसियों को दिया जाएगा।
इसके अलावा हरिद्वार के भगवानपुर स्थित सिसौना गांव में किफायती आवास परियोजना के लिए सड़क की चौड़ाई के मानक में छूट दी गई। ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में भू-उपयोग परिवर्तन के आदेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने और संस्कृति विभाग के वित्तीय नियमों में संशोधन को भी मंजूरी मिली।
धामी बोले- जनता से जुड़े फैसले जनता के बीच हों
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट की बैठकें अलग-अलग जिलों में कराने का उद्देश्य स्थानीय मुद्दों और विकास की जरूरतों पर चर्चा करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दीं और राज्य के विकास में केंद्र के सहयोग के लिए आभार जताया।

SIR पर कांग्रेस को घेरा
कैबिनेट बैठक के बाद धामी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैला रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पहले भी होती रही है।
धामी ने कांग्रेस की चुनावी हार का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी 2014 से लगातार हार रही है और उसे अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप हैं।
महाकुंभ 2027 की तैयारियों पर भी बोले
धामी ने कहा कि हरिद्वार में महाकुंभ की तैयारियां चल रही हैं और आयोजन से जुड़ी औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों, गंगा सभा, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों से बातचीत की जा रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, महाकुंभ का लोगो और थीम सॉन्ग भी लॉन्च किए जा चुके हैं।

अनुपमा रावत ने रखीं दो मांगें
कैबिनेट बैठक से पहले कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने लालढांग में रवासन नदी पर पुल निर्माण शुरू कराने और भोजनमाताओं का मानदेय बढ़ाकर 5,000 रुपये करने का शासनादेश जारी करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह आमरण अनशन करेंगी।
धामी सरकार ने इससे आठ दिन पहले चंपावत जिले के बनबसा में कैबिनेट बैठक की थी, जिसमें 24 प्रस्ताव मंजूर किए गए थे। हरिद्वार की बैठक भी अलग-अलग जिलों में कैबिनेट आयोजित करने की सरकार की पहल का हिस्सा है।
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