रियाद एयरपोर्ट पर हूतियों का हमला, घरेलू टर्मिनल पर भी निशाना : 13 की मौत, 300 से ज्यादा घायल; एयर इंडिया समेत कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ठप
रियाद/नई दिल्ली.
सऊदी अरब की राजधानी रियाद का एयरपोर्ट लगातार हमलों के बाद संकट में है। यमन के हूती विद्रोहियों के हमले में एक भारतीय नागरिक समेत 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। 10 अक्टूबर को हुए इस हमले के बाद एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन रोक दिया गया। अगले दिन घरेलू उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाले टर्मिनल पर भी हमला हुआ, जिसमें एक पाकिस्तानी नागरिक की जान चली गई।
एयरपोर्ट पर हमलों के चलते कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने रियाद और सऊदी अरब के अन्य एयरपोर्ट के लिए अपनी उड़ानें रोक दी हैं। इनमें एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस शामिल हैं। हूतियों ने आगे भी सऊदी अरब के एयरपोर्ट को निशाना बनाने की चेतावनी दी है।

रनवे पर गिरा गोला, विमानों के पास लगी आग
एयरपोर्ट पर मौजूद एक यात्री के मुताबिक, रविवार रात करीब 8:30 बजे एक गोला रनवे पर गिरा। यह कई खड़े विमानों के नजदीक था, जिसके बाद वहां आग लग गई। उस समय एक यात्री विमान रनवे से पार्किंग क्षेत्र की ओर बढ़ रहा था।
हमले में टर्मिनल-3 और टर्मिनल-4 को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। इन टर्मिनलों का इस्तेमाल घरेलू उड़ानों के लिए होता है। लगातार हमलों के कारण हवाई सेवाओं की बहाली को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

भारत ने की हमले की निंदा, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
भारत के विदेश मंत्रालय ने रियाद एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले की निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि आम नागरिकों और नागरिक उपयोग की जगहों को बार-बार निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। ऐसे हमले तत्काल रोके जाने चाहिए।
सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने भी भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें सतर्क रहने, जरूरत पड़ने पर घर के अंदर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

एक दशक में सबसे गंभीर हमला बताया गया
10 अक्टूबर का हमला पिछले एक दशक में सऊदी अरब पर हुए सबसे बड़े हमलों में शामिल बताया जा रहा है। इससे पहले मई 2015 में सऊदी अरब के कातिफ में एक शिया मस्जिद पर हमला हुआ था, जिसमें 21 लोगों की मौत हुई थी। उस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी।
हूतियों का कहना है कि यमन के गृहयुद्ध में सऊदी अरब की भूमिका के विरोध में वे हमले कर रहे हैं। इस संघर्ष का असर अब हवाई यातायात और आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी दिखाई दे रहा है।

7 से 10 अक्टूबर तक बढ़ते गए हमले
7 अक्टूबर: रियाद एयरपोर्ट पर हमले में एक सूडानी नागरिक की मौत और आठ लोग घायल हुए। इसी दौरान आभा एयरपोर्ट पर हुए अलग हमले में दो लोगों की मौत और 28 लोग घायल हुए।
8 अक्टूबर: एयरपोर्ट की सुविधाओं और सऊदी एयरलाइंस के खड़े एयरबस A320 विमान पर दो अलग-अलग हमलों की जानकारी सामने आई। इनमें सऊदी पायलट हमूद अली अल-कलीसामी समेत तीन सऊदी नागरिकों की मौत हुई।
10 अक्टूबर: हमले में पहले 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई। बाद में एक घायल भारतीय नागरिक की मौत के बाद मृतकों की संख्या 13 हो गई।

यमन की राजधानी सना में भी हवाई हमले
इसी बीच हूतियों के नियंत्रण वाले मीडिया ने रविवार को दावा किया कि सऊदी अरब के विमानों ने यमन की राजधानी सना के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हमला किया। हूती नियंत्रण वाले स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राजधानी में एक रिहायशी इमारत पर हुए हमले में एक बच्चे की भी मौत हुई है।
मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अल-असबाही ने दावा किया कि 3 सितंबर से अब तक सऊदी अरब के हवाई हमलों में 91 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे बताए गए हैं। इन आंकड़ों और घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।
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