ट्विशा शर्मा मौत मामला : CBI की FIR के बाद जांच तेज; CDR और CCTV सुरक्षित रखने को लेकर कोर्ट में दो आवेदन
News Affair Team
Tue, May 26, 2026
भोपाल.
एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में जांच अब तेज हो गई है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के लिए भोपाल जिला कोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं। वहीं सीबीआई ने मामले में FIR दोबारा दर्ज कर जांच को नए सिरे से आगे बढ़ा दिया है।
कोर्ट में दायर आवेदनों पर मंगलवार (26 मई) को सुनवाई होनी है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

CDR और CCTV को लेकर कोर्ट में दो अलग याचिकाएं
मृतका ट्विशा के परिवार की ओर से अधिवक्ता अंकुर पांडे ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग करते हुए आवेदन दिया है। वहीं, आरोपी पक्ष की ओर से गिरिबाला सिंह ने सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के लिए अलग याचिका दायर की है।
सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन पुलिस की रिपोर्ट अदालत में पेश नहीं हो सकी, जिसके चलते सुनवाई आगे बढ़ा दी गई। कोर्ट ने पुलिस को आवश्यक दस्तावेज दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।

CBI ने FIR री-रजिस्टर की, दहेज हत्या का मामला दर्ज
सीबीआई टीम ने भोपाल पहुंचकर कटारा हिल्स थाने में दर्ज पुरानी FIR को री-रजिस्टर करते हुए ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है।
जांच में 20 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज मांगने के आरोप सामने आए हैं, जिसके आधार पर दहेज हत्या की धाराएं जोड़ी गई हैं।
घर पर 2.5 घंटे पूछताछ, स्पॉट वेरिफिकेशन भी हुआ
सोमवार शाम करीब 7:30 बजे SIT टीम बागमुगालिया स्थित आवास पहुंची और आरोपी समर्थ सिंह व गिरिबाला सिंह से करीब ढाई घंटे पूछताछ की। इस दौरान मौके पर स्पॉट वेरिफिकेशन भी कराया गया।
सूचना में देरी पर भी जांच
मामले में यह भी जांच के दायरे में है कि पुलिस को सूचना देने में देरी क्यों हुई। सीबीआई संबंधित डॉक्टरों और शुरुआती रिपोर्ट तैयार करने वालों से भी पूछताछ करेगी।
परिजनों का आरोप है कि साक्ष्य प्रभावित करने की कोशिश की गई और समय पर पुलिस को सूचना नहीं दी गई।

CBI FIR में सामने आए अहम बिंदु
CBI की FIR में कई गंभीर आरोप और तथ्य शामिल किए गए हैं-
12 मई की रात ट्विशा की मौत फांसी लगाने से हुई बताई गई
पोस्टमॉर्टम में एंटेमॉर्टम हैंगिंग और चोटों के संकेत मिले
शादी 9 दिसंबर 2025 को हुई थी
20 लाख रुपये दहेज मांगने का आरोप
मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप
गर्भधारण और गर्भपात को लेकर दबाव की बात
घटना के दिन कॉल पर विवाद और संदिग्ध बातचीत का आरोप
साक्ष्य छिपाने और जांच प्रभावित करने के आरोप

कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंचा
इस केस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए टिप्पणी की है। कोर्ट ने मीडिया से संयम बरतने और न्याय प्रक्रिया को प्रभावित न करने की बात कही है।
वहीं हाईकोर्ट ने आरोपी सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी किया है।
पोस्टमॉर्टम दोबारा, अंतिम संस्कार 12 दिन बाद
24 मई को AIIMS भोपाल में दिल्ली AIIMS की टीम ने दोबारा पोस्टमॉर्टम किया। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें परिजन मौजूद रहे।
फिलहाल पूरा मामला दहेज हत्या, साक्ष्य सुरक्षा और जांच में देरी जैसे गंभीर सवालों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। आज की कोर्ट सुनवाई में कई अहम निर्देश आने की संभावना है।
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