PM मोदी बोले- भारत का भविष्य शानदार होगा : चेन्नई में छात्रों से कहा- बड़े सपने देखो, अलग सोचो; CM विजय के साथ मेट्रो में किया सफर
चेन्नई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ चेन्नई मेट्रो के फेज-2 प्रोजेक्ट के एक हिस्से का उद्घाटन किया और ट्रेन में सफर भी किया। इसके बाद जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय के गोल्डन जुबली समारोह में पहुंचे मोदी ने विद्यार्थियों से कहा कि भारत का भविष्य शानदार होगा और इस भविष्य के सबसे बड़े हीरो युवा हैं। उन्होंने बच्चों से बड़े सपने देखने, अलग सोचने और निडर रहने की अपील की।
2026 के विधानसभा चुनाव के बाद मोदी का यह पहला चेन्नई दौरा था। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु में 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। इनमें मेट्रो, सड़क, रेलवे, बंदरगाह, पेट्रोलियम और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। मोदी ने कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचे और वैज्ञानिक प्रगति के साथ भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत से भी प्रेरणा ले रहा है।


मोदी ने तमिलनाडु की संस्कृति और विकास का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिरों से लेकर मेट्रो तक राज्य में भारत की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक प्रगति साथ-साथ दिखाई देती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से देश के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करने और जहां भी जाएं, वहां तमिल भाषा, साहित्य और संस्कृति का परिचय कराने की अपील की।
छात्रों से बोले- भारत का भविष्य शानदार होगा
जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय के गोल्डन जुबली समारोह में मोदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके बीच आकर और उनके सपनों को महसूस करके भारत के भविष्य को लेकर उनका भरोसा और मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा, “भारत का भविष्य बहुत शानदार होगा और उस भविष्य के सबसे बड़े हीरो आप हैं।” प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और योग्यता पर भरोसा जताते हुए उनसे बड़े लक्ष्य तय करने की अपील की।
मोदी ने बच्चों से कहा कि वे केवल अपने भविष्य के बारे में न सोचें, बल्कि ऐसे नए विचार और समाधान विकसित करें, जो भारत के साथ पूरी दुनिया के काम आ सकें। उनके मुताबिक, आज दुनिया कई समस्याओं के समाधान तलाश रही है और युवा पीढ़ी में उन्हें खोजने की क्षमता है।

‘ड्रीम बिग, थिंक डिफरेंटली एंड बी फियरलेस’
प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार होने का मंत्र देते हुए कहा- ड्रीम बिग, थिंक डिफरेंटली एंड बी फियरलेस, यानी बड़े सपने देखो, अलग सोचो और निडर रहो।
उन्होंने बच्चों से ‘वी विल डू इट’ का नारा भी लगवाया। इसके जरिए उन्होंने विकसित भारत, विकसित तमिलनाडु, आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक स्तर पर भारत की उपलब्धियों के लक्ष्य को युवाओं के संकल्प से जोड़ा।
मोदी ने कहा कि आज का युवा विकसित भारत के विजन की ताकत बनना चाहता है। युवाओं के नए आइडिया और समाधान भारत ही नहीं, दुनिया का भविष्य तय करने में भी भूमिका निभा सकते हैं।

देश में 1,300 से ज्यादा विश्वविद्यालय, खेलों में भी बढ़ेंगे अवसर
मोदी ने शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में 1,300 से ज्यादा विश्वविद्यालय और 52 हजार से अधिक कॉलेज हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के विस्तार से युवाओं के लिए अवसर बढ़ते हैं।
खेलों में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों से उन्होंने कहा कि खेल अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और मंच उपलब्ध कराने के लिए काम किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 के ओलिंपिक की मेजबानी का सपना लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा पीढ़ी भारत को खेलों की दुनिया में भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

बच्चों से कहा- दुनिया में जहां जाएं, तमिल संस्कृति का प्रचार करें
प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों से भारत को जानने और उसकी विविध सांस्कृतिक विरासत को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे जहां भी जाएं, अपने दोस्तों के बीच तमिल संस्कृति और तमिल कविताओं का प्रचार करें।
मोदी ने तमिलनाडु को शिव-शक्ति की पावन भूमि बताते हुए कहा कि भारत अपनी सांस्कृतिक ताकत से प्रेरणा लेता है और विज्ञान की प्रगति के जरिए आगे बढ़ता है। उन्होंने संत तिरुवल्लुवर का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में केवल सीखना ही नहीं, बल्कि सीखी हुई बातों को अपनाना भी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि तमिल भाषा और संस्कृति के प्रति उनका लगाव देश की यात्राओं और लोगों से मिले अनुभवों से भी मजबूत हुआ है।
7 बच्चों से शुरू हुआ था विद्यालय, गिरिजा अम्मा के प्रयास को याद किया
गोल्डन जुबली समारोह में मोदी ने विद्यालय की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी शुरुआत केवल सात बच्चों से हुई थी। संसाधन सीमित थे, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण संस्थान आगे बढ़ता गया। उन्होंने विद्यालय के भवन निर्माण में जयगोपाल गरोडिया के योगदान को भी याद किया।
प्रधानमंत्री ने गिरिजा शेषाद्रि अम्मा के उस विचार का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने हर बच्चे से एक रुपया बचाकर देश के सैनिकों को समर्पित करने की अपील की थी। मोदी के मुताबिक, हजारों बच्चों के इस प्रयास से कुछ ही समय में करीब 40 लाख रुपए जुटाए गए।
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़ा असर पैदा कर सकते हैं। जरूरतमंदों की मदद, स्वच्छता और देश के प्रति जिम्मेदारी जैसे संस्कार विद्यार्थियों के जीवन का हिस्सा बनने चाहिए।
युवाओं पर भरोसा, विकसित भारत का संकल्प
मोदी ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी के पास प्रतिभा, क्षमता और अवसर हैं। जरूरत है कि वे अपने सपनों को बड़े कैनवास पर देखें और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करें।
चेन्नई दौरे में एक तरफ मेट्रो और दूसरी विकास परियोजनाओं के जरिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का संदेश दिया गया, तो दूसरी तरफ विद्यार्थियों से देश के भविष्य को लेकर बड़े लक्ष्य रखने की अपील की गई। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का संदेश ‘टुगेदर, वी विल डू इट’ के संकल्प के साथ रखा।


14.6 किमी लंबे मेट्रो रूट का उद्घाटन, CM विजय के साथ किया सफर
इससे पहले पीएम मोदी ने चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2 में पूनमल्ली-वडापालानी के बीच करीब 14.6 किमी लंबे रूट का उद्घाटन किया। करीब 4,900 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस हिस्से में 11 स्टेशन हैं। यह कॉरिडोर पश्चिमी चेन्नई की कनेक्टिविटी बेहतर करने और यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिहाज से अहम है।
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री विजय ने मेट्रो ट्रेन में सफर किया। दोनों नेताओं की यह साझा मौजूदगी केंद्र और राज्य सरकार के बीच विकास परियोजनाओं को लेकर सहयोग का संकेत भी रही।

₹13 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं की शुरुआत
चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से रोजमर्रा की यात्रा आसान होगी, उद्योग और कारोबार को मजबूती मिलेगी तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी देश को मजबूत बनाने के लिए उसके राज्यों का मजबूत होना जरूरी है। केंद्र सरकार तमिलनाडु जैसे राज्यों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रही है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों से राज्य को भी लाभ मिल रहा है।
उन्होंने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्रियों करुणानिधि और जयललिता सहित अन्य नेताओं के साथ काम करने का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारें बदलती रही हैं, लेकिन राज्य के विकास और यहां के लोगों की सेवा करने का उनका संकल्प कायम रहा है। अब मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के साथ इस यात्रा को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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